
– देर रात आपस में भिड़े दो समुदाय, पुलिस पर पथराव
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर राज्य में सरकार गठन के 24 घंटे बाद ही एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। चुराचांदपुर जिले में डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हिंसा भड़क गई।यह अशांति नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के विरोध में शुरू हुई।
मणिपुर में सरकार गठन के 24 घंटे बाद ही भड़की हिंसा, देर रात आपस में भिड़े दो समुदाय, पुलिस पर पथराव
दक्षिणी मणिपुर के चुराचंदपुर जिले में गुरुवार देर रात हालात अचानक बिगड़ गए, जहां कुकी समुदाय से जुड़े प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही राष्ट्रपति शासन हटने के बाद नई सरकार ने कार्यभार संभाला, वैसे ही कुछ इलाकों में असंतोष होने लगा। चुराचंदपुर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत: नेमचा किपगेन और लोसी दिखो ने राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। गुरुवार को विधायक नेमचा किपगेन के बीजेपी सरकार में शामिल होने के खिलाफ प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी तुइबोंग बाजार के पास इकट्ठा हुए और टायरों सहित फेंके गए सामान में आग लगा दी। गुस्साई भीड़ ने किपगेन के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थिति का बिगड़ना: सुरक्षा बलों द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के प्रयास के दौरान स्थिति और बिगड़ गई, जब प्रदर्शनकारियों ने, जो संख्या में अधिक थे, पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें दो लोग घायल हुए। पुलिस ने बताया कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और इसे काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल भेजे गए हैं।
पूर्ण बंद का आह्वान
कई समूहों ने शुक्रवार को कुकी-बहुल चुराचांदपुर जिले में पूर्ण बंद का आह्वान किया। बीजेपी के युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर की बहाल हुई NDA सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि कुकी विधायक नेमचा किपगेन और नागा विधायक लोसी दिखो ने उनके डिप्टी के रूप में शपथ ली। यह मेइतेई-कुकी संघर्ष से जूझ रहे राज्य में साझा शासन का एक नया मोड़ है।
जातीय हिंसा का इतिहास
गौरतलब है कि मई 2023 में मणिपुर में मेइतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा हुई थी। इसके बाद, पिछले साल फरवरी में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।
मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण
यह घटनाक्रम तब हुआ जब बीजेपी नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 62 वर्षीय विधायक को पद की शपथ दिलाई। बीजेपी विधायक नेमचा किपगेन, जो कुकी समुदाय से हैं, और नागा पीपल्स फ्रंट के विधायक एल दिखो ने मणिपुर के डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
जातीय हिंसा की स्थिति
मणिपुर में 3 मई, 2023 से जातीय हिंसा जारी है, जब पहाड़ी जिलों में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की मांग के विरोध में एक आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला गया था। तब से, हिंसा में कुकी और मैतेई दोनों समुदायों के सदस्यों सहित कम से कम 260 लोग मारे गए हैं, और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।









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