– पुलिस ने किया कोर्ट में पेश , 7 दिनों के पुलिस रिमांड में पार्षद
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: बैरकपुर सब-डिविजनल कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के पार्षद और वकील रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को एक बुजुर्ग की मौत के मामले में सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।वहीं, आरोपी पार्षद के खिलाफ पार्टी ने भी एक्शन लिया है। आरोपी पार्षद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके पहले टीएमसी के खिलाफ भाजपा ने आंदोलन शुरू कर दिया था। तुलसी अधिकारी (81) के परिजनों का आरोप है कि भट्टाचार्य ने शनिवार शाम उनके घर के बगल में हो रहे अवैध निर्माण के बारे में नगर निकाय से की गई शिकायत को लेकर हुई बहस के दौरान उनकी (तुलसी) पिटाई की। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने तुलसी को मृत घोषित कर दिया। भट्टाचार्य उत्तर बैरकपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 23 से पार्षद हैं। पुलिस ने घटना के सिलसिले में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बैरकपुर की उप-संभागीय अदालत ने भट्टाचार्य की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।पुलिस में दर्ज शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया कि भट्टाचार्य ने तुलसी के साथ उनके बेटे हेमंत को भी पीटा।
हालांकि, गिरफ्तारी से पहले तृणमूल नेता ने आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें “बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित” बताया था।
भट्टाचार्य ने कहा था, “मैंने किसी पर हमला नहीं किया था। मुझे राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है। किसी की भी मौत दुर्भाग्यपूर्ण होती है, लेकिन मैंने उन्हें नहीं मारा, बल्कि उन्होंने मुझ पर हमला किया था। मृतक के बेटे ने मेरी गर्दन पकड़ी थी और मुझे धक्का दिया था। सीसीटीवी फुटेज इसकी पुष्टि करेगा।”मालूम हो कि उत्तर 24 परगना के बैरकपुर थाना क्षेत्र के मणिरामपुर इलाके में नॉर्थ बैरकपुर नगरपालिका के 23 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य पर 81 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है. कथित तौर पर पार्षद ने बुजुर्ग को लात मारी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में बुजुर्ग की मौत हो गयी. घटना के बाद से इलाके में तनाव है. पुलिस को तैनात कर दिया गया है. पुलिस ने आरोपी तृणमूल पार्षद को हिरासत में ले लिया था। मणिरामपुर इलाके के रहने वाले थे बुजुर्ग तुलसी अधिकारी
मृतक का नाम तुलसी अधिकारी (81) है. वह मणिरामपुर इलाके के निवासी थे. उनके परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में अवैध तरीके से एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है. कथित तौर पर उनकी जमीन का एक हिस्सा भी कब्जा कर लिया गया है. परिजनों ने स्थानीय पार्षद से इसकी शिकायत की थी. कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो परिजनों ने नगरपालिका के चेयरमैन को पत्र लिख दिया. इसके बाद तृणमूल पार्षद का तुलसी अधिकारी के परिवार से विवाद शुरू हो गया था.
मैं चाय पी रहा था. हेमंत अधिकारी अपने पिता को लेकर आये. मेरे साथ झगड़ा करने लगे. तुलसी अधिकारी ने मेरी कॉलर पकड़कर गालियां दी. सौमेन नामक एक व्यक्ति ने उन्हें रोका, तो उसे भी गालियां देने लगे. झगड़ने के बाद तुलसी अधिकारी एक सब्जी की दुकान के पास गिर गये. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गयी. मौत दुखद है. मैंने उन्हें कोई चोट नहीं पहुंचायी. उल्टा उन लोगों ने मुझ पर हमला किया. असल में तुलसी अधिकारी के साथ पड़ोसी हिरणमय बनर्जी के आवास को लेकर विवाद चल रहा है. हिरणमय का आवास वैध ही है. आवास के सामने का प्लास्टर किया जा रहा था. तुलसी अधिकारी और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया था. यह नगरपालिका और पुलिस का मामला है. मेरे ऊपर लगाये गये सारे आरोप बेबुनियाद हैं. रवींद्रनाथ भट्टाचार्य, पार्षद, 23 नंबर वार्ड, नॉर्थ बैरकपुर नगरपालिकासमर्थकों के साथ इलाके में आये थे तृणमूल कांग्रेस के पार्षद: रविवार को एक बार फिर विवाद बढ़ गया. तृणमूल पार्षद अपने लोगों के साथ इलाके में पहुंचे. तुलसी अधिकारी के बेटे और तृणमूल पार्षद के बीच झगड़ा चल रहा था. सूचना मिलते ही तुलसी अधिकारी ने महादेवानंद कॉलेज के सामने अपनी दुकान से बाहर आकर पार्षद का विरोध किया. आरोप है कि इसी दौरान पार्षद ने उन्हें लात से मारा, जिससे वह गिर गये. तुलसी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
शिकायत पर पार्षद ने नहीं लिया कोई एक्शन – पारोमिता अधिकारीमृतक के परिजनों का आरोप है कि तृणमूल पार्षद के हमले से ही तुलसी अधिकारी बीमार पड़े और उनकी मौत हो गयी. मृतक की बहू पारोमिता अधिकारी ने कहा कि उन लोगों का जुर्म सिर्फ इतना है कि उनके पड़ोस में एक गैर-कानूनी आवास बन रहा है. इसका उन लोगों ने विरोध किया. पार्षद को बताने के बावजूद कोई एक्शन नहीं हुआ.
चेयरमैन को पत्र लिखने से हर्ट हो गया पार्षद का ईगो – मृतक की बहू इसलिए चेयरमैन को पत्र लिख दिया. इससे पार्षद का ईगो हर्ट हो गया. पार्षद ने अपने लोगों के साथ आकर तुलसी अधिकारी को लात से मारा, जिससे उनकी मौत हो गयी. तुलसी के बेटे हेमंत अधिकारी ने कहा कि पार्षद ने पहले उनके पिता को गालियां दीं. इस पर तुलसी ने पार्षद का कॉलर पकड़ लिया. समझाने पर उनके पिता ने कॉलर छोड़ दिया. तभी पार्षद ने उनको लात मारी, जिससे वह जमीन पर गिर गये और अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गयी। इंद्रबदन झा, डीसी (सेंट्रल) बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बताया कि एक झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वृद्ध को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मौत हो गयी. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पीड़ित परिवार वालों ने पार्षद के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है. पूछताछ के लिए आरोपी पार्षद को हिरासत में लिया गया है।








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