उप्र बस्ती जिले में किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाने व जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में कृषि रक्षा विभाग ने बड़ी पहल की है। पहले चरण में जिले के 1,400 किसानों को लाइट ट्रैप संयंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, इन पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इस तकनीक से अब बिना दवाओं के ही फसलों में कीट नियंत्रण संभव होगा। जिला कृषि रक्षाअधिकारी कार्यालय को 1,400 कलर कोटेड लाइट टैप मशीन आया है। पहले चरण में प्रत्येक विकासखंड में सौ-सौ संयंत्र दिए जाएंगे।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा ने बताया कि एक एकड़ में दो लाइट ट्रैप संयंत्र लगाने से हानिकारक कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे न केवल कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा, बल्कि फसलों की गुणवत्ता व उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। यह लाइट ट्रैपिंग संयंत्र लाइट ट्रैपिंग पर्यावरण के अनुकूल व किफायती संयंत्र है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होगा। शाम को सूर्यास्त के बाद से रात करीब 10 बजे तक यह संयंत्र प्रकाश के प्रति आकर्षित होने वाले कीटों को अपनी ओर खींचेगी। कीट मशीन के नीचे लगे पानी के पात्र में गिरकर नष्ट
हो जाते हैं। जिस रंग की फसल होगी, उसी रंग का ट्रैप संयंत्र लगाने से ज्यादा फायदा होगा। लाइट ट्रैप संयंत्र से पत्ती लपेटक, तना छेदक, कट वर्म, फल छेदक व तना सुरंगक जैसे हानिकारक कीटों के व्यस्कों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। यह तकनीक धान, कपास, दलहन, मक्का, सोयाबीन सहित बागवानी फसलों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। बताया कि कृषि रक्षा इकाइयों पर किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर 635 रुपये में ट्रैपिंग संयंत्र मिल जाएगा। पहले चरण में सभी 14 विकासखंड में सौ-सौ किसानों को संयंत्र दिया जाएगा। बाद में सभी किसानों को मुहैया कराने की व्यवस्था की जाएगी।









Hits Today : 1640
Who's Online : 10