कहा, यह “मोदी की गारंटी” है यहां कानून का राज स्थापित होने पर ही उद्योग और निवेश आएंगे
– लगाया घुसपैठियों को संरक्षण देकर ”राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़” करने का आरोप
– अब TMC की “निर्मम और कानूनहीन” सरकार को हटाकर भाजपा सरकार बनाएगी
अशोक झा/ कोलकाता: नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हर कोई 15 वर्ष के महा-जंगलराज को बदलना चाहता है। अभी-अभी भाजपा और एनडीए ने बिहार में जंगलराज को एक बार फिर से रोका है। प्रधानमंत्री ने बंगाल की समृद्ध भाषा और सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद ही बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला, जिससे शोध और संरक्षण को नया बल मिला। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों से ही दुर्गा पूजा को यूनेस्को ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी. उन्होंने कहा कि पहले अवसर होने के बावजूद ये उपलब्धियां मोदी सरकार के बंगाल के प्रति प्रेम और प्रतिबद्धता से ही संभव हुईं।
पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के युवाओं, किसानों, माताओं-बहनों और मछुआरों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस, सरकार केंद्र की योजनाओं को जानबूझकर जनता तक पहुंचने से रोक रही है और अपनी राजनीतिक दुश्मनी को बंगाल की जनता से दुश्मनी में बदल रही है। मछुआरों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में लाखों परिवार मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हैं और अपार, संभावनाएं होने के बावजूद TMC सरकार ने राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मछुआरों के पंजीकरण को रोक रखा है, जिससे वे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि TMC बंगाल के युवाओं का भविष्य भी दांव पर लगा रही है। देशभर में जहां आधुनिक पीएम श्री स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं बंगाल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित किया जा रहा है दिल्ली का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास में बाधा डालने वाली सरकारों को जागरूक मतदाता सजा दे रहे हैं।दिल्ली में ऐसी सरकार को जनता ने हटाया, जिसके बाद आयुष्मान भारत योजना लागू हुई और गरीबों को मुफ्त इलाज मिल रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता भी अब TMC की “निर्मम और कानूनहीन” सरकार को हटाकर भाजपा सरकार बनाएगी, ताकि राज्य में भी आयुष्मान भारत योजना लागू हो सके.
प्रधानमंत्री ने बंगाल में भाजपा की “डबल इंजन सरकार” की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जहां-जहां ऐसी सरकारें हैं, वहां केंद्र की योजनाओं से शानदार परिणाम मिले हैं. उन्होंने त्रिपुरा का उदाहरण दिया, जहां हर घर जल योजना के तहत नल से पानी पाने वाले घरों की संख्या 4 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत हो गई है. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल को TMC के “महा जंगलराज” से मुक्त कर ईश्वरचंद्र विद्यासागर जी के आदर्शों पर आधारित सुशासन की ओर ले जाना होगा, जिन्होंने नारीशक्ति और युवाशक्ति को परिवर्तन का माध्यम बनाया. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था पर माफियाओं के कब्जे और बढ़ते भ्रष्टाचार पर गहरी चिंता व्यक्त की.
प्रधानमंत्री ने बंगाल की माताओं-बहनों से अपील की कि वे आगामी विधानसभा , चुनाव में भाजपा को वोट दें. उन्होंने कहा कि भाजपा को दिया गया एक वोट हिंसा पर लगाम लगाएगा, कानून-व्यवस्था बहाल करेगा, संदेशखली जैसी घटनाओं को रोकेगा और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बंगाल में हर क्षेत्र पर लगने वाले “सिंडिकेट टैक्स” और माफिया राज को समाप्त करेगी. उन्होंने कहा कि यह “मोदी की गारंटी” है और कानून का राज स्थापित होने पर ही उद्योग और निवेश आएंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर श्री मोदी ने आरोप लगाया कि TMC वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देती है, उन्हें सुविधाएं देती है, उनके समर्थन में धरना-प्रदर्शन करती है और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों को संरक्षण देती है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने और भूमि अधिग्रहण के लिए बार-बार पत्र लिखे, लेकिन TMC सरकार ने उन्हें नजरअंदाज किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि घुसपैठ को पूरी तरह रोका जाए, फर्जी कागजात के जरिए घुसे लोगों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजा जाए. उन्होंने कहा कि भाजपा को दिया गया हर एक वोट राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और घुसपैठ पर रोक लगाएगा। प्रधानमंत्री ने अपनी इन रैलियों में घुसपैठ तथा कानून व्यवस्था को भाजपा के मुख्य चुनावी मुद्दों के रूप में सामने रखा। पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव को तृणमूल कांग्रेस के ”महाजंगल राज” और भाजपा के शासन मॉडल के बीच की लड़ाई के रूप में पेश करते हुए मोदी ने सत्तारूढ़ पार्टी पर चुनावी लाभ के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देकर ”राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़” करने का आरोप लगाया और कहा कि केवल भाजपा ही व्यवस्था बहाल कर सकती है, विकास को पुनर्जीवित कर सकती है तथा राज्य की सीमाओं को सुरक्षित कर सकती है।
शनिवार को मालदा जिले में और रविवार को हुगली जिले के सिंगूर में हुई दोनों रैलियों में, मोदी ने बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान अवैध प्रवासन फला-फूला है। भाजपा ने राज्य में चुनाव से पहले अपनी रणनीति को और धार देने का काम किया है जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है। मोदी का बंगाल दौरा शनिवार को सरकारी कार्यक्रमों और राजनीतिक संदेशों के मिले-जुले रूप के साथ शुरू हुआ।
मालदा रैली को संबोधित करने से पहले उन्होंने लगभग 3,250 करोड़ रुपये की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत की और हावड़ा एवं गुवाहाटी के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर केंद्र सरकार के विकास के वादे को रेखांकित किया। हालांकि, रैली में सारा ध्यान निर्णायक रूप से घुसपैठ पर केंद्रित हो गया। उत्तर बंगाल के मुस्लिम बहुल जिले में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि अवैध प्रवासन ने बंगाल की जनसांख्यिकी को बदल दिया है, दंगों को बढ़ावा दिया है और यह तृणमूल कांग्रेस के ”संरक्षण एवं गिरोह राज” के तहत फल-फूल रहा है।
मोदी ने कहा, ”बंगाल के लिए घुसपैठ एक बहुत बड़ी चुनौती है”। उन्होंने दावा किया कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, ”लोग मुझे बताते हैं कि कई जगहों पर भाषा और बोलने के लहजे में अंतर उभरने लगा है। घुसपैठियों की बढ़ती आबादी के कारण मालदा और मुर्शिदाबाद समेत कई इलाकों में दंगे होने लगे हैं।” घुसपैठियों और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच गठबंधन का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर ”गुंडागर्दी” और ”गरीबों को धमकाने तथा डराने” की राजनीति का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने घुसपैठियों और सताए गए शरणार्थियों, विशेष रूप से मतुआ और नामशूद्र समुदायों के बीच एक राजनीतिक अंतर करने की भी कोशिश की, जो 2019 से भाजपा का एक प्रमुख समर्थक आधार रहे हैं। मतदाता सूचियों को लेकर जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पृष्ठभूमि में उन्होंने शरणार्थी बहुल क्षेत्रों के लोगों को पुन: आश्वस्त किया, जिनके बीच एसआईआर के कारण चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने कहा, ”यह मोदी की गारंटी है कि पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न से भागकर आए मतुआ और नामशूद्र परिवारों सहित वास्तविक शरणार्थियों को डरने की जरूरत नहीं है। संविधान उन्हें यहां रहने का अधिकार देता है और सीएए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है।”








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