– अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे होगा अजित पवार के अंतिम संस्कार
अशोक झा/ मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार कल (गुरुवार) सुबह 11 बजे होगा अजित पवार के अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। बारामती एयरपोर्ट पर दोनों नेताओं की आंखें नम हैं। अजित पवार का शव बारामती मेडिकल कॉलेज से विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड ले जाया जा रहा है, ताकि समर्थक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। कल, गुरुवार को सुबह 11 बजे दिवंगत नेता अजित पवार का अंतिम संस्कार होगा। पार्टी की नेताओं में भी शोक व्याप्त है। वरिष्ठ नेता सरोज अहिरे फूट-फूट कर रो रहीं हैं, जबकि समर्थक गहरे सदमे में हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब वे मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे। लैंडिंग के दौरान उनका विमान रनवे पर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयानक घटना में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें विमान का जोरदार धमाका और आग का गोला बनना स्पष्ट नजर आ रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले शरद पवार आज अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।कभी अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी और सगे भतीजे अजित पवार के असामयिक निधन की खबर ने उन्हें इस कदर झकझोर दिया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें कुछ घंटों के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वे बारामती जाने से अपने आपको रोक नहीं पाए।
हादसे से ठीक आधे घंटे पहले अपने भतीजे राणा जगजीत सिंह पाटील को किया गया उनका ‘आखिरी फोन कॉल’ अब एक ऐसी भावुक विरासत बन गया है, जो बार-बार उनके अपनों को झकझोर रहा है। वह आवाज, जो हमेशा आदेश और मार्गदर्शन देती थी, अचानक खामोश हो गई। आज पूरा महाराष्ट्र उस नेतृत्व को याद कर रहा है जिसने प्रशासन में अनुशासन और रिश्तों में मजबूती की नई मिसाल पेश की थी।
भतीजे राणा जगजीत सिंह को किया था आखिरी फोन:
विमान में सवार होने से ठीक पहले अजित पवार ने अपने भतीजे और भाजपा विधायक राणाजगजीतसिंह पाटील से फोन पर बात की थी। यह कॉल एक सामान्य पारिवारिक और राजनीतिक चर्चा के लिए था, जिसमें उन्होंने बारामती लैंडिंग के बाद दोबारा बात करने का वादा किया था। राणाजगजीतसिंह ने भारी मन से बताया कि वह आवाज अभी भी उनके कानों में गूंज रही है। उस आधे घंटे के अंतराल में नियति ने ऐसा खेल खेला कि वह अगली बातचीत कभी मुमकिन ही नहीं हो पाई।
‘मार्गदर्शक और हिम्मत थे काका’ : राणाजगजीतसिंह पाटील के लिए अजित पवार सिर्फ एक राजनीतिक दिग्गज नहीं, बल्कि एक पिता तुल्य मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर राजनीति के कठिन मोड़ों तक, ‘काका’ ने उन्हें हमेशा काम पर विश्वास करना और जनता के हित में फैसले लेना सिखाया। उनके लिए यह क्षति निजी से कहीं अधिक वैचारिक है। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसने मुश्किल हालात में मजबूती से खड़ा रहना सिखाया, उसके जाने से पाटिल परिवार में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसकी भरपाई नामुमकिन है।
‘सुन्न कर देने वाली वो खबर’: हादसे की खबर मिलते ही राणाजगजीतसिंह पाटील का मन सुन्न रह गया। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति से चंद मिनट पहले प्यार और अधिकार से बात हुई हो, उसके अचानक चले जाने की खबर पर यकीन करना नामुमकिन था। यह अहसास कि जिंदगी एक पल में कैसे खत्म हो जाती है, उन्हें और पूरे परिवार को विचलित कर रहा है। वह आखिरी बातचीत अब उनके मन में एक भावनात्मक उथल-पुथल मचा रही है, जिसे वे ताउम्र नहीं भूल पाएंगे।
राज्य के लिए अपूरणीय क्षति: अजित पवार का निधन सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक सक्रिय, अनुभवी और जनहितैषी नेतृत्व का अंत है। वे किसानों, मजदूरों और आम लोगों के मुद्दों पर जितनी पकड़ रखते थे, वैसा नेता मिलना मुश्किल है। भाजपा विधायक पाटील ने कहा कि महाराष्ट्र को लंबे समय तक इस सक्रिय नेतृत्व की कमी खलेगी। उनके जाने से राज्य की राजनीति में जो खालीपन आया है, उसने न केवल उनके समर्थकों को बल्कि उनके विरोधियों को भी स्तब्ध कर दिया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा- दादा अब हमारे बीच नहीं रहे
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अजित पवार की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “दादा अब हमारे बीच नहीं रहे। मेरे दोस्त, साथी और राजनीति के महान नेता अजित पवार का निधन हो गया है। मैं अभी भी इस खबर से सदमे में हूं। यह बहुत बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।”मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा, “हम इस दुर्घटना की जांच की मांग करेंगे। यह एक बहुत दुखद घटना है। अजित पवार की असमय मृत्यु हम सभी के लिए बहुत बड़ा झटका है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शरद पवार से फोन पर बात की और इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की। शरद पवार अभी बारामती में ही हैं और उनके साथ प्रधानमंत्री की बातचीत बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








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