– दो उप पमुख्यमंत्री को भी दिए गए विभाग, प्रशासनिक इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड
अशोक झा/ पटना: बिहार की नई सरकार के शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने गृह और सामान्य प्रशासन जैसे सबसे ताकतवर विभागों सहित कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं, जो बिहार के प्रशासनिक इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री के अलावा डिप्टी सीएम विजय चौधरी के पास 10 विभाग और बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पास आठ विभाग की जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक कमान को पूरी तरह अपने हाथों में रखा है. उनके पास कुल 29 विभागों की जिम्मेदारी है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण गृह विभाग है, जिससे पूरी पुलिस व्यवस्था नियंत्रित होती है। इसके अलावा सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन जैसे विभाग भी उनके पास हैं। जनता से सीधे जुड़े स्वास्थ्य, कृषि, पथ निर्माण, नगर विकास, उद्योग, और राजस्व एवं भूमि सुधार जैसे बड़े मंत्रालय भी फिलहाल मुख्यमंत्री ही संभालेंगे।
इसके अलावा सम्राट चौधरी के पाद खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, विधि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रावैधिकी (ढ्ढञ्ज), खेल, सहकारिता, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (क्क॥श्वष्ठ), पंचायती राज विभाग एवं अन्य वो सभी विभाग है जो किसी को आवंटित नहीं हैं।
नंबर 2 की भूमिका में विजय चौधरी: उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को सरकार के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले विजय चौधरी को शिक्षा, ग्रामीण विकास और जल संसाधन जैसे भारी-भरकम विभाग मिले हैं। इसके अलावा संसदीय कार्य, भवन निर्माण, परिवहन, सूचना एवं जन-सम्पर्क, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी.
बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पास ये विभाग:
दूसरे उप-मुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव को 8 महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। उन्हें उनका पुराना और पसंदीदा ऊर्जा विभाग तो मिला ही है, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था की कमान यानी वित्त और वाणिज्य-कर विभाग भी उन्हें सौंपा गया है. मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, योजना एवं विकास, ग्रामीण कार्य और समाज कल्याण जैसे विभाग भी बिजेन्द्र यादव के पास रहेंगे।
कैबिनेट विस्तार का इंतजार: अभी सरकार केवल तीन चेहरों (एक मुख्यमंत्री और दो उप-मुख्यमंत्री) के भरोसे चल रही है। सूत्रों का कहना है कि यह बंटवारा फिलहाल अंतरिम है। 4 मई को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कैबिनेट का विस्तार होगा, जिसमें एनडीए के अन्य घटक दलों (लोजपा-आर, हम और रालोमो) के नेताओं को जगह दी जाएगी. तब तक इन 47 विभागों की जिम्मेदारी इन्हीं तीन दिग्गजों के कंधों पर रहेगी।







Hits Today : 2489
Who's Online : 9