एमआरपी से 10 से 20 रुपये अधिक वसूली की शिकायत, कार्रवाई न होने से उठ रहे सवाल
संवाददाता ( पंकज सिंह)
बस्ती। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि अंग्रेजी और देशी शराब की अधिकांश दुकानों पर प्रिंट रेट (एमआरपी) से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है और कई बार दुकानों पर ग्राहकों एवं सेल्समैन के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई शराब दुकानों पर मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे ग्राहकों को निर्धारित दरों की जानकारी नहीं मिल पाती। आरोप है कि अतिरिक्त धनराशि वसूलने का विरोध करने पर कुछ स्थानों पर सेल्समैन ग्राहकों से अभद्र व्यवहार भी करते हैं। ग्राहकों का कहना है कि वे जब भी अंग्रेजी या देशी शराब खरीदने जाते हैं, उनसे एमआरपी से अधिक कीमत ली जाती है। विरोध करने पर विवाद की नौबत आ जाती है। उनका आरोप है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि ओवररेटिंग की जानकारी संबंधित विभाग को भी है। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं, जिससे दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं और उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मामले की जांच कर दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी दुकानों पर मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने की मांग की है। जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि विभागीय टीमें समय-समय पर शराब की दुकानों का निरीक्षण करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि ओवररेटिंग की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो जांच कर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।








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