
पटना से अशोक झा: बिहार के कुल 243 विधानसभा क्षेत्रों में से 121 पर गुरुवार, 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने वोट देने के बाद कहा कि एनडीए पूर्ण बहुमत से सत्ता में फिर आ रही है। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान को शांतिपूर्ण निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। इस चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होना है।किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य के हर बूथ को सुरक्षा कवच में समेट लिया गया है।
4 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात: चुनाव आयोग गृह विभाग के अनुसार, मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए करीब साढ़े चार लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 1500 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र बलों की है, जो संवेदनशील अतिसंवेदनशील बूथों पर निगरानी रखेगी। इसके अलावा बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र बल (BSAP), एसएसबी, होमगार्ड के जवानों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है. ग्रामीण इलाकों में लगभग 1.5 लाख चौकीदारों को भी चुनावी जिम्मेदारी दी गई है।
बिहार पुलिस विशेष बलों की सक्रिय भूमिका: केंद्रीय बलों के साथ-साथ 60 हजार बिहार पुलिस कर्मी, 30 हजार BSAP जवान, 20 हजार से अधिक होमगार्ड चुनावी सुरक्षा में लगे हुए हैं. अन्य राज्यों से आई रिजर्व बटालियनों के 2,000 जवान 19,000 प्रशिक्षु सिपाही भी मैदान में उतर चुके हैं।।नदी किनारे दियारा क्षेत्रों में घुड़सवार दल तैनात किए गए हैं, ताकि दुर्गम इलाकों में भी निगरानी बनी रहे।
वीवीआईपी सुरक्षा त्वरित कार्रवाई टीम (QRT):
चुनाव के दौरान वीवीआईपी उम्मीदवारों नेताओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक जिले में विशेष सुरक्षा पूल बनाया गया है। इसमें NSG-प्रशिक्षित जवानों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति या सुरक्षा उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करेगी. इस टीम में एटीएस एसटीएफ के प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए गए हैं।
सीमाओं पर सख्त निगरानी: चुनाव के दौरान बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए नेपाल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश झारखंड की सीमाएं सील कर दी गई हैं। सीमा पर पुलिस अर्धसैनिक बलों की विशेष टीमें तैनात हैं। असामाजिक तत्वों अपराधियों की सूचियों का आदान-प्रदान किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पहले चरण के मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए बिहार प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। सीमाओं की नाकाबंदी, दियारा क्षेत्रों में गश्त, QRT जैसी विशेष टीमों की तैनाती इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार किसी भी परिस्थिति में चुनाव को हिंसा अव्यवस्था से मुक्त रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।चुनाव में गड़बड़ी करने वालों पर होगी त्वरित कार्रवाई
उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही ऐसे लोगों को बांड पर रिहा किया जाएगा, लेकिन उनके खिलाफ सख्त बांड भरने की बाध्यता भी तय की जाएगी।
राज्यभर में नियंत्रण कक्ष से निगरानी
डीजीपी ने बताया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए एक बड़ा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से राज्यभर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, “किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम 24 घंटे एक्टिव है।”
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की रोकथाम कार्रवाई पहले से चल रही है और इस साल अब तक 2 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
1500 अर्धसैनिक बलों की तैनाती
विनय कुमार ने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। उनके अनुसार, पहले चरण के लिए कुल 1500 अर्धसैनिक बल तीन चरणों में उपलब्ध कराए गए। पिछले 5 से 6 दिनों में अतिरिक्त 150 अर्धसैनिक बलों ने भी सहयोग दिया है। इन बलों को उन जिलों में तैनात किया गया है, जहां दूसरे चरण का चुनाव होगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। सभी जिलों में सख्त चेकिंग जारी रहेगी।
डायल 112 और शिकायत तंत्र रहेगा सक्रिय
उन्होंने कहा कि डायल 112 पूरी तरह फंक्शनल रहेगा और सभी पदाधिकारियों के नंबर सक्रिय रखे गए हैं ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इसके अलावा, शिकायतों के लिए एक बड़ा तंत्र विकसित किया गया है, जहां हर तरह की सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर नजर
डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि गुरुवार को मतदान के दौरान राज्य के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी। कट्टा लहराने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया पर जो लोग गाली-गलौज या भड़काऊ पोस्ट कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
शांतिपूर्ण चुनाव कराने को लेकर डीजीपी का भरोसा
उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न होगा। साथ ही साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति आपराधिक घटना में शामिल होता है या वोटिंग को प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो चुनाव के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी और जेल भी जाना पड़ेगा।








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