Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    विधायक अजय सिंह की शिकायत पर शासन सख्त: आईटीआई मशीन खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सहायक निदेशक निलंबित, टेंडर प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच

    May 30, 2026

    Basti News :सूदखोरों से परेशान युवक ने एसपी कार्यालय में पेट्रोल पीकर जान देने की कोशिश, तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

    May 30, 2026

    बस्ती रेलवे स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस से 17 किलो गांजा बरामद

    May 30, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, June 1
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » इंडिया हैबिटेट सेंटर में जीवंत दो प्रस्तुतियां: “जीने भी दो यारो” और “फोन पे” ने सामाजिक मुद्दों को मंच पर किया साकार

    इंडिया हैबिटेट सेंटर में जीवंत दो प्रस्तुतियां: “जीने भी दो यारो” और “फोन पे” ने सामाजिक मुद्दों को मंच पर किया साकार

    Roaming ExpressBy Roaming ExpressMarch 10, 2026 राष्ट्रीय

    माया कुलश्रेष्ठ

    नईदिल्ली।
    भारतीय रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज का दर्पण भी है। मंच पर प्रस्तुत होने वाली कहानियाँ समाज की वास्तविकताओं, मानवीय संबंधों और जीवन के संघर्षों को सामने लाती हैं। ऐसे ही विचारोत्तेजक रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण रंगकर्मियों में एक नाम है ओम कटारे का। उन्होंने अपने जीवन के कई दशक रंगमंच को समर्पित किए हैं और अपने नाटकों के माध्यम से समाज के सामने गंभीर प्रश्नों को सरल, रोचक और हास्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया है।
    उनकी रंगसंस्था यात्री थिएटर पिछले सैंतालीस वर्षों से लगातार सक्रिय है। इस संस्था ने न केवल अनेक सफल नाटकों का मंचन किया है, बल्कि अनेक युवा कलाकारों को भी तैयार किया है। यात्री थिएटर की विशेषता यह है कि यहाँ नाटक केवल मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि समाज में विचार उत्पन्न करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किए जाते हैं।
    रंगमंच की शुरुआत
    ओम कटारे की रंगयात्रा की शुरुआत पृथ्वी थियेटर मुंबई से हुई। उस समय पृथ्वी थिएटर नया-नया स्थापित हुआ था और धीरे-धीरे भारतीय रंगमंच का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा था। उस दौर में कई युवा कलाकार यहाँ अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के साथ प्रयोग कर रहे थे। ओम कटारे भी उन्हीं कलाकारों में थे जिन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से रंगमंच को नई ऊर्जा दी।
    पृथ्वी थिएटर में काम करते हुए उन्होंने यह अनुभव किया कि रंगमंच की असली शक्ति उसकी सादगी और सच्चाई में होती है। जब मंच पर दिखाई जाने वाली कहानी आम आदमी के जीवन से जुड़ी होती है तो दर्शक उससे तुरंत जुड़ जाते हैं। यही विचार उनके पूरे रंगमंचीय जीवन की आधारशिला बना।
    यात्री थिएटर की स्थापना
    इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी रंगसंस्था यात्री थिएटर की स्थापना की। “यात्री” शब्द का अर्थ है यात्रा करने वाला। यह नाम इस बात का प्रतीक है कि रंगमंच केवल एक प्रस्तुति नहीं बल्कि विचारों और अनुभवों की एक निरंतर यात्रा है।
    पिछले सैंतालीस वर्षों में यात्री थिएटर ने सैकड़ों मंचन किए हैं। इस संस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ भव्य मंच सज्जा की अपेक्षा कहानी, अभिनय और संवाद की शक्ति पर अधिक ध्यान दिया जाता है। ओम कटारे का मानना है कि यदि कहानी सशक्त हो और कलाकार ईमानदारी से अभिनय करें तो साधारण मंच भी दर्शकों के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ सकता है।
    आम आदमी के जीवन से जुड़ा रंगमंच
    ओम कटारे के नाटकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनकी कहानियाँ आम आदमी के जीवन से जुड़ी होती हैं। उनके नाटकों के पात्र वही लोग होते हैं जिन्हें हम अपने आसपास देखते हैं—मध्यमवर्गीय परिवार, नौकरी करने वाले लोग, पड़ोसी और समाज के सामान्य नागरिक।
    उनके नाटकों में अक्सर ऐसे विषय सामने आते हैं—
    बदलते पारिवारिक संबंध
    पीढ़ियों के बीच विचारों का अंतर
    सामाजिक दिखावा और पाखंड
    आधुनिक जीवन की भागदौड़
    तकनीक का बढ़ता प्रभाव
    इन विषयों को वे गंभीरता से उठाते हैं, लेकिन उनकी प्रस्तुति में हास्य और व्यंग्य का संतुलन होता है। इस कारण उनके नाटक दर्शकों को हँसाते भी हैं और सोचने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
    उनके प्रमुख नाटक
    ओम कटारे के नाटकों की सूची बहुत समृद्ध है और उनके कई नाटक वर्षों से मंचित होते रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं—
    रावणलीला
    कालचक्र
    चिंता छोड़ चिंतामणि
    परफेक्ट फैमिली
    हद कर दी आपने
    चंदू की चाची
    आया रे आया ए.आई. आया
    इन नाटकों में पारिवारिक संबंधों, सामाजिक परिस्थितियों और आधुनिक जीवन की जटिलताओं को हास्य और व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
    इंडिया हैबिटेट सेंटर में रंगमंच की विशेष शाम
    पिछले छह और सात मार्च को दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र इंडिया हैबिटेट सेंटर में यात्री थिएटर द्वारा दो नाटकों का प्रभावशाली मंचन किया गया— “जीने भी दो यारो” और “फोन पे”। यह आयोजन रंगमंच प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक संध्या बन गया।
    कार्यक्रम में प्रोफेसर केजी सुरेश जो इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
    इसके अतिरिक्त पुदुचेरी के आयुक्त रविदीप चाहर, वरिष्ठ पत्रकार विकास पोरवाल और मनीष कुलश्रेष्ठ भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।
    “जीने भी दो यारो” : सामाजिक रिश्तों की कहानी
    नाटक “जीने भी दो यारो” में पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़ों और पारिवारिक तनाव को अत्यंत रोचक और हास्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। यह नाटक दिखाता है कि किस प्रकार समाज और रिश्तों की कमजोर कड़ियाँ भी कई बार टूटते संबंधों को जोड़ने का माध्यम बन जाती हैं।
    इस नाटक में कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का मन जीत लिया।
    कलाकार
    कनुप्रिया शर्मा — सावित्री
    साहिल रवि — सत्यभान
    हितेश भाटिया — न्यायाधीश
    अनुप बालियान — बाबूलाल (क्लर्क)
    देविका जना — अमृताबाई
    नमन मुखर्जी — सूत्रधार
    अभिराज बदने — अरदली
    “फोन पे” : बदलते समय की सच्चाई
    दूसरा नाटक “फोन पे” आधुनिक जीवन की एक महत्वपूर्ण सच्चाई को सामने लाता है। आज के समय में जीवन की लगभग हर आवश्यकता—बातचीत, लेन-देन, कामकाज और कई बार रिश्ते भी—मोबाइल फोन तक सीमित होते जा रहे हैं। इस नाटक में दिखाया गया कि कैसे धीरे-धीरे इंसानी रिश्ते तकनीक के दायरे में सिमटते जा रहे हैं।
    कलाकार
    ओम कटारे — बड़े भैया
    प्रशांत उपाध्याय — आधिर
    सायली गायकवाड़ — दिव्या
    कनुप्रिया शर्मा — अनीता श्रीवास्तव
    हितेश भाटिया — वेटर
    गुरु-शिष्य परंपरा
    ओम कटारे आधुनिक विचारों के साथ-साथ भारतीय परंपरा की गुरु-शिष्य परंपरा में भी गहरा विश्वास रखते हैं। यात्री थिएटर में कलाकारों को केवल अभिनय ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि मंच से जुड़ी हर छोटी-बड़ी चीज़—प्रकाश व्यवस्था, मंच सज्जा, प्रॉप्स और बैकस्टेज अनुशासन—भी सिखाई जाती है।
    उनके शिष्यों में सागर और नमन जैसे कलाकार इस परंपरा के अच्छे उदाहरण हैं, जो हर नाटक के साथ अपनी कला को और अधिक निखार रहे हैं।
    एक यादगार सांस्कृतिक संध्या
    दोनों नाटकों के मंचन के दौरान दर्शकों की तालियों से सभागार बार-बार गूंजता रहा। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने पूरे सभागार को ऊर्जा से भर दिया और वातावरण एक जीवंत सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया।
    इस प्रकार इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित यह रंगमंचीय कार्यक्रम दिल्ली की सांस्कृतिक दुनिया में एक खुशनुमा और यादगार शाम के रूप में दर्ज हो गया।
    ओम कटारे और यात्री थिएटर की यह निरंतर यात्रा आने वाले समय में भी भारतीय रंगमंच को नई ऊर्जा, नई दिशा और नए विचार देती रहेगी।

    Post Views: 104

    Related Posts

    टेक्नोलॉजी और न्यायिक शिक्षा सम्मेलन में ई-फाइलिंग और न्यायिक प्रक्रिया सुधारों पर हुई चर्चा

    May 1, 2026By Roaming Express

    पहली मई को बुद्ध पूर्णिमा , घर घर में उत्सव का होगा आनंद

    April 28, 2026By Roaming Express

    सिक्किम में पीएम मोदी ने देखा प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विकास की रफ्तार

    April 28, 2026By Roaming Express

    राघव चड्ढा का आप से इस्तीफा, बोले- दो तिहाई सांसदों के साथ BJP में करेंगे विलय

    April 24, 2026By Roaming Express

    बिहार में सम्राट सिंह चौधरी मुख्यमंत्री , बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री को राज्यपाल ने दिलाई शपथ

    April 15, 2026By Roaming Express

    हिंदी सिनेमा की दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 93 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन

    April 12, 2026By Roaming Express
    Top Posts

    विधायक अजय सिंह की शिकायत पर शासन सख्त: आईटीआई मशीन खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सहायक निदेशक निलंबित, टेंडर प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच

    May 30, 2026

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    विधायक अजय सिंह की शिकायत पर शासन सख्त: आईटीआई मशीन खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सहायक निदेशक निलंबित, टेंडर प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच

    May 30, 2026

    लखनऊ। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में मशीनों और उपकरणों की खरीद में कथित…

    Basti News :सूदखोरों से परेशान युवक ने एसपी कार्यालय में पेट्रोल पीकर जान देने की कोशिश, तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

    May 30, 2026

    बस्ती रेलवे स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस से 17 किलो गांजा बरामद

    May 30, 2026

    Basti news :प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में लापरवाही, दो कक्ष निरीक्षकों पर कार्रवाई

    May 30, 2026
    LATEST NEWS

    विधायक अजय सिंह की शिकायत पर शासन सख्त: आईटीआई मशीन खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सहायक निदेशक निलंबित, टेंडर प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच

    May 30, 2026

    Basti News :सूदखोरों से परेशान युवक ने एसपी कार्यालय में पेट्रोल पीकर जान देने की कोशिश, तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

    May 30, 2026

    बस्ती रेलवे स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस से 17 किलो गांजा बरामद

    May 30, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1624286
    Hits Today : 1655
    Who's Online : 19
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.