संवाददाता ( पंकज सिंह)
बस्ती। सात वर्ष पुराने बहुचर्चित छात्र नेता कबीर तिवारी हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने पूर्व में तलब किए गए सात आरोपियों के विरुद्ध मंगलवार को गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि सभी आरोपियों को 11 जून तक अदालत में प्रस्तुत किया जाए।
मामले में शासकीय अधिवक्ता की ओर से 12 मार्च 2026 को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत प्राथमिकी में नामजद आरोपियों को तलब किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एंठीडीह निवासी कबीर तिवारी एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष थे। 9 अक्टूबर 2019 को मालवीय रोड पर दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले के वादी शिवप्रसाद तिवारी का आरोप है कि हत्या में शामिल आरोपी प्रभावशाली हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच की भी मांग की थी।
वादी के अनुसार सीबीसीआईडी जांच के दौरान सात आरोपियों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी, जबकि अन्य आरोपियों के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई जारी रही। सुनवाई के दौरान वादी शिवप्रसाद तिवारी समेत अन्य गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए।
गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, अभिजीत सिंह, साद उर्फ सादू, सगीर खान, अवनीश प्रताप सिंह तथा इमरान उर्फ शिबू को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों पर पुनर्विचार के लिए तलब किया था।
आरोपियों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर अदालत ने उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। मामले में वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार उपाध्याय ने पैरवी की।









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