संवाददाता ( पंकज सिंह)
उप्र बस्ती जिले में 80 से अधिक निजी अस्पताल लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना पिछले 38 दिनों से संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों में ओपीडी और आईपीडी सेवाएं जारी हैं तथा मरीजों का उपचार भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इनमें से केवल 40 अस्पतालों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है, जबकि शेष अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालन कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में 325 से अधिक निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, एक्स-रे और पैथोलॉजी केंद्र पंजीकृत हैं। विभागीय अभिलेखों के मुताबिक 240 अस्पतालों का पंजीकरण किया गया था, जिनमें से करीब 80 अस्पतालों का पंजीकरण 30 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया। इनमें से अब तक केवल 40 संचालकों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है।
सूत्रों का कहना है कि कई निजी अस्पताल किराये पर चिकित्सकों की डिग्री लगाकर पंजीकरण प्राप्त कर लेते हैं और बाद में अप्रशिक्षित कर्मचारियों अथवा झोलाछापों के माध्यम से मरीजों का इलाज कराया जाता है। पिछले वर्ष शासन ने अस्पतालों के पंजीकरण का नवीनीकरण पांच वर्ष के लिए करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई संस्थानों का न तो नवीनीकरण हो सका और न ही उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई।
विभागीय लापरवाही के चलते नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले अस्पतालों की भौतिक जांच भी समय से नहीं हो सकी है। इसके कारण प्रक्रिया लंबित है, जबकि अस्पतालों का संचालन लगातार जारी है। शहर के पचपेड़िया, महिला अस्पताल के सामने, जिला अस्पताल गेट, कैली रोड, मालवीय रोड, ब्लॉक रोड तथा टीबी अस्पताल के आसपास भी कई मानकविहीन अस्पताल संचालित होने की चर्चा है।
महिला की मौत के बाद सामने आया मामला
मुंडेरवा स्थित अमृत अस्पताल का पंजीकरण 30 अप्रैल को समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल संचालित होता रहा। 14 मई की रात एक महिला को खुजली की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि चिकित्सक की अनुपस्थिति में उसे तीन इंजेक्शन लगाए गए, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गलत उपचार का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। मामले में नामजद अस्पताल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि बिना वैध पंजीकरण के संचालित अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। यदि अस्पताल नियमों के विपरीत संचालित पाए गए तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नवीनीकरण के लिए प्राप्त 40 आवेदनों की भौतिक जांच भी कराई जा रही है, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।








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