मुकदमा दर्ज होने के बाद भी नहीं हटा टावर, प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
उप्र बस्ती जिले के रुधौली तहसील क्षेत्र के डुमरी गांव में सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर स्थापित जियो मोबाइल टावर का मामला लगातार चर्चा में है। स्थानीय लेखपाल हबीबुल्लाह की शिकायत पर रुधौली थाने में लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बावजूद टावर को सरकारी भूमि से हटाने की कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है।
मामले में तहसील रुधौली न्यायालय में वाद संख्या 909/2026, सरकार बनाम चंद्र प्रताप सिंह विचाराधीन है। अभिलेखों के अनुसार चंद्र प्रताप सिंह ने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, मुंबई के साथ गाटा संख्या 493 की करीब 2500 वर्गफीट आबादी भूमि के लिए 14 मार्च 2023 को 20 वर्ष का लीज समझौता किया था।
दूसरे गाटा में टावर लगाने का आरोप
आरोप है कि लीज समझौता गाटा संख्या 493 की भूमि के लिए किया गया था, जबकि मोबाइल टावर का निर्माण गाटा संख्या 408 में करा दिया गया। यह भूमि सरकारी और सार्वजनिक रास्ते से संबंधित बताई जा रही है। इसी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल
मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के साथ ही अब सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी भूमि पर टावर स्थापित किए जाने के आरोप के बाद उसे हटाने की कार्रवाई कब होगी। स्थानीय लोगों की नजर रुधौली प्रशासन की अगली कार्रवाई और न्यायालय के अंतिम निर्णय पर टिकी है








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