सीसीटीवी और खर्च पर पाबंदी से नाराज थी शालू, पूर्व कर्मचारी और साथी ने चाकू से गोदकर की थी दवा कारोबारी की हत्या
कानपुर। कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उनकी बहू शालू ने ही कराई थी। शालू ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम को छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। विशाल ने अपने साथी राजकिशोर के साथ मिलकर कारोबारी की हत्या की।
पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले रविवार शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए विशाल और राजकिशोर को भी जेल भेजा जा चुका है।
सीसीटीवी और रोक-टोक बनी हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, शालू अपने ससुर की रोक-टोक से परेशान थी। विनीत ने घर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे, जिससे शालू को अपनी निजता भंग होने की शिकायत थी। इसके अलावा देर रात पार्टी में जाने, पहनावे और अन्य छोटी-छोटी बातों को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होता था।
पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई को देर रात पार्टी से लौटने को लेकर हुए विवाद के बाद शालू ने ससुर की हत्या की साजिश रची।
पूर्व कर्मचारी को छह लाख में दी सुपारी
पुलिस जांच में सामने आया कि शालू ने अपने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम से संपर्क किया। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत हुई। सीडीआर के अनुसार, एक जुलाई से वारदात वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 35 से 40 बार बातचीत हुई। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच 14 बार फोन पर बात हुई।
पुलिस के मुताबिक, शालू ने विशाल को फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी उपलब्ध कराई और उसे घर में प्रवेश कराने की व्यवस्था की।
पति के साथ पार्टी में गई, घर में छिप गए हत्यारे
घटना वाली रात शालू अपने पति और बच्चे के साथ पार्टी में चली गई। इससे पहले विशाल और राजकिशोर फ्लैट में पहुंचकर अंदर छिप गए थे। सुरक्षा गार्ड ने जब दोनों को रोककर पूछताछ की तो उन्होंने शालू से फोन पर बात कराई। पुलिस के अनुसार, शालू ने उन्हें अंदर आने की अनुमति दी थी।
इसके बाद दोनों आरोपी फ्लैट के अंदर चले गए और कमरे में छिपकर विनीत के लौटने का इंतजार करने लगे।
घर लौटे कारोबारी तो आरोपियों ने कर दिया हमला
करीब रात 10:45 बजे विनीत घर लौटे। उन्होंने फ्रिज में रखी मिठाई खाई और पानी पिया। इसके बाद वह कमरों को लॉक करने लगे। बेटे के कमरे में पहुंचने पर उन्होंने वहां विशाल और राजकिशोर को छिपा देखा। पूछताछ करने पर दोनों ने उन पर हमला कर दिया।
आरोप है कि विशाल ने चाकू से कारोबारी पर ताबड़तोड़ वार किए। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 26 वार मिले थे। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
हत्या को हार्टअटैक दिखाने की थी योजना
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक, शुरुआती योजना हत्या को हार्टअटैक का रूप देने की थी। आरोप है कि शालू ने विशाल से सोने के बाद तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने को कहा था। हालांकि, विनीत के दोनों आरोपियों को देख लेने के बाद योजना बदल गई और चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
लूट नहीं हुई तो पुलिस को हुआ शक
हत्या के बाद घर से कोई सामान चोरी नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा गार्ड का बयान और शालू व विशाल के बीच लगातार हुई बातचीत ने पुलिस का शक गहरा किया। पूछताछ में पुलिस ने जब शालू के सामने इन साक्ष्यों को रखा तो वह टूट गई और पुलिस के अनुसार, उसने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
2022 में चोरी के आरोप में निकाला गया था
विशाल पहले विनीत मिनोचा की बिरहाना रोड स्थित दवा की दुकान पर काम करता था। पुलिस के अनुसार, 2022 में चोरी के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। बाद में कारोबारी के बेटे सुब्रत के कहने पर वह छोटे-मोटे काम के लिए घर आने-जाने लगा था।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि बहू की आरोपी से बातचीत, गलत नाम बताकर अपार्टमेंट में प्रवेश कराने और चाबी उपलब्ध कराने जैसे साक्ष्य सामने आने के बाद उसने साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। मामले में तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।








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