वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के आयुर्वेद संकाय के अंतर्गत बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे से 15 दिवसीय ट्रांजिशनल कॅरिक्युलम का आत्रेय सभागार में गरिमामयी शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवागंतुक बीएएमएस 2025 बैच के छात्रों को काशी हिंदू विश्वविद्यालय की परंपरा से परिचित कराते हुए आयुर्वेद की अवधारणाओं, बहुविषेयक दृष्टि, जनस्वास्थ्य, शोध एवं कौशल में सक्षम बनाना है। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, चिकित्सा विज्ञान के निदेशक, प्रो.एस. एन संखवार ने आयुर्वेद की समग्र दृष्टि, उपचार की क्षमता को उद्बोधित कर छात्र जीवन में अनुशासन एवं अध्ययनशीलता को सर्वांगीण विकास का आधार बताया और कहा कि आयुर्वेद की गरिमा को विश्व पटल पर पहुंचाने के उद्देश्य से छात्रों को दया करुणा, ममता को धारण कर मानवता के दुखों का निवारण करना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं विश्विद्यालय के छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम नेमा ने छात्रों को परिसर में उपलब्ध सुविधाओं से अवगत कराया और रैगिंग के प्रति जागरूकता प्रदान करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को प्रदान किये जाने वाले टेबलेट जैसे सहयोग साधनों को मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संकाय प्रमुख प्रो. प्रदीप कुमार गोस्वामी ने विश्वविद्यालय के नियम, अनुशासन एवं आयुर्वेद शिक्षा के प्रति जिम्मेदार एवं गंभीर दृष्टिकोण अपनाने हेतु मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं डॉ. वंदना वर्मा ने 15 दिवसीय कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा रखी। मंच संचालन डॉ. देवानन्द उपाध्याय एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुदामा यादव द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में सह समन्वयक डॉ. राज किशोर आर्य, प्रो. रानी सिंह, प्रो. बी.एम. सिंह, प्रो. संगीता गहलोत, प्रो. सी.एस पांडेय, प्रो. विजय लक्ष्मी गौतम, डॉ. विनय सेन, वैद्य सुशील दुबे, डॉ. गुरु प्रसाद नीले, डॉ. आशुतोष कुमार पाठक, डॉ लक्ष्मी आदि मौजूद थे।









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