Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    Basti News:दासिया में बन रहे इथेनॉल प्लांट सभी मानकों का हो रहा पालन,अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य- निदेशक रोहन जायसवाल

    July 6, 2026

    ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 12 लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज

    June 30, 2026

    Basti News:सिद्धार्थ विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के छात्रों का जलवा, चार ने जीते स्वर्ण पदक

    June 30, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, July 12
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » पीएम मोदी और अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित नारेबाज़ी पर जेएनयू का बयान- स्टूडेंट्स को करेंगे बाहर

    पीएम मोदी और अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित नारेबाज़ी पर जेएनयू का बयान- स्टूडेंट्स को करेंगे बाहर

    Roaming ExpressBy Roaming ExpressJanuary 7, 2026 राष्ट्रीय

     

    नई दिल्ली से अशोक झा: जेएनयू कैंपस में फिर से विवादित नारेबाजी की घटना सामने आई है जिसमें छात्रों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ नारे लगाए। यह नारेबाजी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देने के बाद हुई है। मोदी-शाह विरोधी नारे लगाए जाने के मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू ने छात्रों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसने कहा है कि दोषी छात्रों पर निलंबन, निष्कासन या विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से बाहर करने जैसी कार्रवाई हो सकती है। इस घटना को लेकर भारत बांग्लादेश बोर्डर पर जमकर चर्चा हो रही है। क्योंकि इसमें पाकिस्तान की इंट्री भी हो गई है। वायरल हो रही 35 सेकंड की वीडियो में छात्र प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और अडानी के खिलाफ विरोधस्वरूप नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं, जो अत्यंत खेद का विषय है। जब दुनिया देखती है कि आए दिन जेएनयू में कभी नरेंद्र मोदी और अमित शाह विरोधी उनकी क़ब्र खुदेगी, तो कभी सरकार विरोधी नारेबाज़ी होती है, तो कई प्रश्न मस्तिष्क में उभरते हैं। क्या जेएनयू एक मास्टर्स के पाठ्यक्रम करने का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है, या वामपंथी सियासत और देश विरोधी नारों का अखाड़ा है। एक प्रश्न यह भी उठता है कि आज यह वामपंथ का अड्डा कैसे बन गया है?
    एक प्रश्न यह भी उठता है कि ये विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण करने आते हैं या सर फुटव्वल करने? हालांकि यहां कांग्रेसी और आरएसएस विचारधारा के विद्यार्थी भी हैं, मगर अधिकतर छात्र यहां मार्क्सवाद, लेनिनवाद आदि विचारधारा से हैं, जिसके कारण यहां आए दिन फसाद होता रहता है। किसी भी छात्र का पहला धर्म पढ़ाई करके मुल्क-ओ-मिल्लत व विश्व और मानवता का भला करना। ताज़ा वीडियो जो जेएनयू से वायरल हुआ है, उसमें यहां मोदी और अमित शाह की क़ब्रें खोदने के नारे लगाए गए हैं। यह बड़ा ही दुखदाई और वीभत्स कार्य है कि जेएनयू के छात्र उन्हीं लोगों की कब्र खोदने की बद दुआएं करें, जो उनकी शिक्षा का हर अनुदान दें। यह मोदी-अमित शाह की सरकार ही तो है, जो जेएनयू की फंडिंग करती है, अतः इनको कोसने से इन नफ़रती नारे लगाने वालों की निकृष्ट मानसिकता का पता चलता है।
    वास्तव में, यह सब इसलिए किया गया कि उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली सांप्रदायिक दंगों में दोषी पाए गए पांच व्यक्तियों को तो जमानत दे दी, मगर शरजील इमाम और उमर खालिद को नहीं दी, क्योंकि न्यायालय के फैसले के मुताबिक़, इन दोनों के दोष दूसरों से कहीं अधिक संगीन थे। जेएनयू का उद्देश्य था उच्चस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देना, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बल देना, बहुविषयक अध्ययन को प्रोत्साहित करना, विकासशील समाजों की समस्याओं पर गंभीर अकादमिक विमर्श करना आदि। यहां के प्रतिष्ठित संस्थान, जैसे, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज़, स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज़, स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज़, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज़, स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम साइंसेज़, अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप आदि।
    देश को अनेक प्रतिष्ठित राजनयिक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार, वैज्ञानिक, लेखक और प्रशासक दिए। यहां से फाइनेंस मंत्री सीतारमण, राज्य सभा सांसद, प्रो. राकेश सिन्हा आदि के अतिरिक्त भी कई महानुभाव रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में जेएनयू सामाजिक विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन के लिए विशेष रूप से सराहा गया। किफायती शिक्षा और छात्रवृत्तियों के कारण यह विश्वविद्यालय सामाजिक रूप से समावेशी रहा। यहां वामपंथी, समाजवादी, अंबेडकरवादी, राष्ट्रवादी सभी विचारधाराओं की सक्रिय उपस्थिति रही है, मगर अब यहां देश विरोधी नारे, जैसे, “भारत तेरे टुकड़े होंगे”, “मोदी तेरी क़ब्र खुदेगी”, अमित शाह तेरी क़ब्र खुदेगी” आदि जैसे देश तो तोड़ने और आग लगाने वाले ज़हरीले नारे गूंजने लगे हैं। जिन लोगों को उच्चतम न्यायालय द्वारा रिहा किया गया, उन में, गुलफ़िशां फातिमा, मीरां हैदर, शिफा-उर-रहमान, मुहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद के नाम हैं।
    शरजील और खालिद के नाम न होने पर कई विपक्षी नेताओं ने यहां तक कह दिया कि चूंकि ये दोनों मुस्लिम हैं, इसलिए इनकी जमानत खारिज कर दी, जो अटपटा सा लगता है। भारत की विडंबना यह है कि आज़ादी के 78 वर्ष के पश्चात् भी आज कुछ हिंदू और मुसलमान ऐसे हैं, की जो सांप्रदायिकता के मकड़जाल से बाहर नहीं आ पाए हैं और हर समस्या को हिंदू-मुस्लिम के काले चश्मे से देखते हैं। कई लोगों ने तो उच्चतम न्यायालय के फैसले पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। उमर खालिद के पिता सैयद क़मर रसूल इलयास का मानना है कि उमर खालिद तो दंगों की जगह पर ही नहीं था और फ़िज़ूल ही उसका नाम लपेट दिया गया है। इसका फैसला तो अब एक साल या उससे पहले सुप्रीम कोर्ट ही करेगा। सभी विद्यार्थियों को जानना चाहिए कि अपने ही देश के विरुद्ध नारे लगाना ऐसे ही है जैसे उसी डाल को कटना जहां आप बैठे हैं। प्रोटेस्ट करें, मगर संस्कारवाद और राष्ट्रवाद की सीमाएं पार न करें।

    Post Views: 58

    Related Posts

    टेक्नोलॉजी और न्यायिक शिक्षा सम्मेलन में ई-फाइलिंग और न्यायिक प्रक्रिया सुधारों पर हुई चर्चा

    May 1, 2026By Roaming Express

    पहली मई को बुद्ध पूर्णिमा , घर घर में उत्सव का होगा आनंद

    April 28, 2026By Roaming Express

    सिक्किम में पीएम मोदी ने देखा प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विकास की रफ्तार

    April 28, 2026By Roaming Express

    राघव चड्ढा का आप से इस्तीफा, बोले- दो तिहाई सांसदों के साथ BJP में करेंगे विलय

    April 24, 2026By Roaming Express

    बिहार में सम्राट सिंह चौधरी मुख्यमंत्री , बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री को राज्यपाल ने दिलाई शपथ

    April 15, 2026By Roaming Express

    हिंदी सिनेमा की दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 93 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन

    April 12, 2026By Roaming Express
    Top Posts

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    Basti News:दासिया में बन रहे इथेनॉल प्लांट सभी मानकों का हो रहा पालन,अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य- निदेशक रोहन जायसवाल

    July 6, 2026

    -अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य उप्र बस्ती  जिले में रुधौली विधानसभा क्षेत्र…

    ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 12 लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज

    June 30, 2026

    Basti News:सिद्धार्थ विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के छात्रों का जलवा, चार ने जीते स्वर्ण पदक

    June 30, 2026

    Basti News:मंदिर परिसर मारपीट मामले को लेकर विश्व हिंदू महासंघ ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

    June 30, 2026
    LATEST NEWS

    Basti News:दासिया में बन रहे इथेनॉल प्लांट सभी मानकों का हो रहा पालन,अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य- निदेशक रोहन जायसवाल

    July 6, 2026

    ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 12 लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज

    June 30, 2026

    Basti News:सिद्धार्थ विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के छात्रों का जलवा, चार ने जीते स्वर्ण पदक

    June 30, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1646979
    Hits Today : 783
    Who's Online : 10
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.