– तीन दिवसीय दौरा का फिर से करेंगे समीक्षा बैठक
– काम के थकान को मिटाने करते है फिटनेस मंत्र का पालन
– ब्लैक कॉफी को करते है सबसे ज्यादा पसंद
किशनगंज से अशोक झा: आज ही वह दूसरे चरण की वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया और फिर रात रुकने के लिए पूर्णिया लौटेंगे। अमित शाह ने कहा, हमने चुनाव में बिहार की जनता से वादा किया था कि हम बिहार को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे। इसका मतलब केवल मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाना नहीं है। हम कृतसंकल्पित हैं कि एक-एक घुसपैठिये को भारत की भूमि से चुन-चुनकर बाहर भेजने का काम करेंगे।
‘ये चुनावी वादा नहीं था’: गृह मंत्री ने कहा कि बीजेपी और हमारी सरकार यह स्पष्ट कर देना चाहती है कि यह वादा चुनावी वादा नहीं था। मोदी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि पूरे देश को हम घुसपैठियों से मुक्त करेंगे। सीमांचल क्षेत्र में इसकी शुरुआत कुछ ही समय में होने वाली है। मैं स्वयं चुनाव के वक्त चार दिन सीमांचल में रहा, कई जिलों में गया और यह वादा किया कि हम पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे।
अमित शाह ने कहा कि आमतौर पर नेताओं के वादे जनता को याद कराना पड़ता है, लेकिन आज मैं सीमांचल की जनता को अपना वादा याद दिलाना चाहता हूं, क्योंकि मुझे सीमांचल की जनता का सहयोग चाहिए। घुसपैठिये सिर्फ़ चुनाव को प्रभावित नहीं करते हैं, वे गरीबों के राशन में भी हिस्सेदारी ले जाते हैं। रोजगार में युवाओं की संभावनाओं को क्षीण करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ा चुनौती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि सारा देश इस विषय पर काम करे और घुसपैठियों से मुक्ति का अभियान अपने हाथ में ले। अमित शाह ने कहा कि सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर जितने अवैध अतिक्रमण हैं, उन सभी अतिक्रमणों को इस अभियान के अंतर्गत ध्वस्त किया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने का कार्य भी शुरू किया जाएगा।
‘संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरनाक’: केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जनसांख्यिकी का बदलाव किसी भी देश के लिए स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं करता। अतिक्रमण से, अवैध घुसपैठ से होने वाला बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल, तीनों के लिए बहुत खतरनाक होता है। इसलिए सरकार ने निर्णय किया है कि उच्च स्तर पर जनसांख्यिकीय परिवर्तन की उच्चान स्तरीय समिति (हाई पावर डेमोग्राफी मिशन) बनाई जाएगी और वह समिति सीमांत क्षेत्रों सहित पूरे देश की जनसंख्या संरचना के परिवर्तनों का बारीकी से अध्ययन करेंगी तथा भारत सरकार को इसे संतुलित बनाने के उपाय सुझाएंगी। उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं। बंगाल में अभी चुनाव हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहां बीजेपी की सरकार बनने वाली है। वहां सरकार का पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिये को बाहर करना होगा। शुक्रवार यानी 27 फरवरी को गृह मंत्री शाह पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक बार फिर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। 27 फरवरी को अमित शाह पूर्णिया में ही भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों के अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे. 700 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, घुसपैठ और आर्थिक प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर इस दौरे के दौरान नीति बनाई जाएगी। गृह मंत्री का यह दौरा सीमांचल की सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित हो सकता है।समीक्षा बैठकों के अंतिम दौर के समापन के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। शाह ब्लैक कॉफी के शौकीन! खाने में अमित शाह को क्या पसंद? जानें गृह मंत्री का फिटनेस मंत्र
बिहार के सबसे बड़े होटल मेफेयर में गृह मंत्री अमित शाह का रात्रि विश्राम क्यों है खास?
38 एकड़ में फैले इस आलीशान होटल में अमित शाह की पहली पसंद ‘ब्लैक कॉफी’ है, जिसे वे दिन भर में चार बार लेते हैं। सादी ऑर्गेनिक सब्जियों से लेकर ट्रेडमिल पर घंटों पसीना बहाने तक, जानें गृह मंत्री के पूर्णिया दौरे की इनसाइड स्टोरी कुछ ऐसी ह।देश के गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरे पर वे किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। लेकिन इस बार चर्चा उनके राजनीतिक मिशन के साथ-साथ उनके रहन-सहन और खान-पान की भी हो रही है। पूर्णिया के गुलाबबाग जीरो माइल स्थित मेफेयर होटल में अमित शाह का रात्रि विश्राम तय है। यह होटल न केवल बिहार का सबसे बड़ा होटल है। बल्कि अब यह गृह मंत्री का पसंदीदा ठिकाना भी बन चुका है। 38 एकड़ में फैला ‘लग्जरी’ का ठिकाना क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार के इस सबसे बड़े होटल में अमित शाह का यह दूसरा प्रवास होगा। 38 एकड़ में फैले इस 5-सितारा होटल में क्रिकेट ग्राउंड, स्विमिंग पूल, भव्य मंदिर, स्पा सेंटर और स्वीट रूम जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं। होटल के जनरल मैनेजर रूपेश कुमार के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह को यहां की हरियाली और शांति बहुत पसंद आती है। यही वजह है कि व्यस्त चुनावी और प्रशासनिक दौरों के बीच वे इस शांत और भव्य परिसर को चुनते हैं।
ब्लैक कॉफी के शौकीन और सेहत के प्रति सजग
न्यूज 18 लोकल से बातचीत में होटल के जीएम रूपेश कुमार ने गृह मंत्री की पसंद से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए. उन्होंने बताया कि अमित शाह अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं. उनकी डाइट काफी संतुलित है. अमित शाह को ब्लैक कॉफी बेहद पसंद है. वे दिन भर में करीब 4 बार ब्लैक कॉफी पीते हैं. दिलचस्प बात यह है कि जब भी कोई उनसे मिलने आता है, तो वे बड़े प्यार से उन्हें भी ब्लैक कॉफी पीने का ऑफर करते हैं. उनकी यह सादगी और दूसरों का ख्याल रखने का अंदाज होटल स्टाफ को काफी प्रभावित करता है।
खाने में क्या है पसंद, जानें फिटनेस मंत्र
अमित शाह को पूर्णिया की धरती पर उगी ऑर्गेनिक सब्जियां भाती हैं. उनके मेन्यू में ताजी गोभी, पालक और अन्य मौसमी हरी सब्जियां खास तौर पर शामिल की जाती हैं. वे जंक फूड से पूरी तरह परहेज करते हैं और सादा भोजन पसंद करते हैं. गृह मंत्री अपनी भारी व्यस्तता के बावजूद फिटनेस से समझौता नहीं करते. वे होटल के जिम में घंटों वक्त बिताते हैं. ट्रेडमिल पर व्यायाम करते हैं. वे न केवल खुद फिट रहते हैं, बल्कि स्टाफ और मिलने वालों को भी व्यायाम करने और स्वस्थ रहने की सलाह देते हैं.
किले में तब्दील हुआ होटल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
26 फरवरी की रात अमित शाह इसी होटल में ठहरेंगे. उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और होटल मैनेजमेंट हाई अलर्ट पर है. सुरक्षा इतनी कड़ी है कि बिना आईडी कार्ड और पुलिस वेरिफिकेशन के होटल परिसर में परिंदा भी पर नहीं मार सकता। होटल के हर कोने पर सीसीटीवी और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
दौरे का मुख्य उद्देश्य, सीमा सुरक्षा पर मंथन
27 फरवरी को अमित शाह पूर्णिया में ही भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों के अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे. 700 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, घुसपैठ और आर्थिक प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर इस दौरे के दौरान नीति बनाई जाएगी. गृह मंत्री का यह दौरा सीमांचल की सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित हो सकता है।
‘यह यात्रा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को लेकर है’ : गृह मंत्री की यह यात्रा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को लेकर है। इसमें सिलिगुड़ी कॉरिडोर का मुद्दा प्रमुख है। दूसरी जो महत्वपूर्ण बात है वह यह कि केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज के कार्यक्रम पर भी काम कर रही है। गृह मंत्री का इस कार्यक्रम पर काफी फोकस है। अररिया में वह वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इसके साथ ही वह सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा उपायों, प्रशासनिक तैयारियों और चल रही विकास पहलों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।’बंगाल के कुछ प्रमुख नेता मुलाकात करने आएंगे’: गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे का बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जाए या नहीं? बंगाल चुनाव से इसे नहीं जोड़ना उचित नहीं होगा। अगर बंगाल चुनाव मुद्दा रहता तो वह बंगाल में ही प्रवास करते हैं। वह सीमा सुरक्षा पर बातचीत करने आए हैं। हां, सीमावर्ती जिले जैसे उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर या अन्य जिलों के कुछ नेता गृह मंत्री से मुलाकात करने जरूर आए।’सीमांचल दौरे के दो मायने निकाले जा रहे’: अमित शाह के सीमांचल दौरे के दो मायने निकाले जा रहे हैं। पहला यह कि भारत सरकार सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। गृह मंत्री शाह ने हाल के वर्षों में कई बार सीमांचल का दौरा किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह कई बार घुसपैठियों का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप भी लगाया था कि क्षेत्र में अवैध प्रवासियों के माध्यम से वोट बैंक बनाने के प्रयास चल रहे हैं। सभी अवैध गतिविधियों को पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही थी। ‘इन चीजों पर भी मंथन करेंगे अमित शाह’ दूसरी बात यह है कि सीमांचल के जिलों की सीमा पश्चिम बंगाल से सटती है। इस सीमवर्ती गांवों में सैकड़ों ऐसे लोग हैं जिनका संबंध बंगाल से भी है। उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के विधानसभा सीटों पर भाजपा फोकस कर रही है। किशनगंज और पूर्णिया में रात्रि विश्राम के दौरान वह सीमावर्ती जिलों के कुछ प्रमुख नेताओं से मिलकर रणनीति बना सकते हैं। इसके अलावा घुसपैठियों का मुद्दा भी है। यह कॉमन मुद्दा है जो कि सीमांचल और बंगाल में दोनों जगहों पर है। इसके अलावा बार्डर पर सुरक्षा को कैसे मजबूत किया जाए? इन चीजों पर भी मंथन करेंगे। गृह मंत्री के दौरे पर भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से हमलोग गृह मंत्री का स्वागत करते हैं। गृह मंत्री का घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रूख है। वह घुसपैठियों को हर हाल में देश के बाहर करना चाहते हैं। आतंकवाद और आतंरिक सुरक्षा पर भी उनका काफी फोकस है। तीन दिवसीय दौरे पर वह इन्हीं मुद्दों पर फोकस करेंगे।







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