उप्र बस्ती जिले की सभी 1185 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ग्राम निधि खातों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही भुगतान प्रक्रिया में उपयोग होने वाले डोंगल भी अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने अगले छह महीने के लिए पूर्व ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया है, लेकिन वित्तीय अधिकारों को लेकर अभी तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन से नए आदेश मिलने तक ग्राम निधि खातों से किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा।
डोंगल निष्क्रिय होने के कारण पंचायत सचिव और संबंधित कर्मचारी ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया नहीं कर पा रहे हैं। इससे नाली-खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, सफाई और पेयजल जैसी योजनाओं से जुड़े भुगतान अटक गए हैं।
नए विकास कार्य शुरू करने के लिए अब डीएम की अनुमति अनिवार्य होगी। पूर्व प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के बावजूद किसी भी नए कार्य का प्रस्ताव पहले जिला पंचायत राज विभाग भेजा जाएगा, जहां से फाइल डीएम के अनुमोदन के लिए जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू कराया जा सकेगा। हालांकि गांवों में पहले से चल रहे विकास कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भुगतान प्रक्रिया में उपयोग होने वाले डोंगल की प्रोफाइल अपडेट की जा रही है। इसी वजह से डोंगल अस्थायी रूप से निष्क्रिय हैं। प्रोफाइल अपडेट होने के बाद वही डोंगल दोबारा सक्रिय होकर कार्य करने लगेंगे।








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