संवाददाता ( पंकज सिंह)
बस्ती। विकास खंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत पटखौली राजा में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तैनात ग्राम सचिव उदितांशु शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अजय कुमार सिंह ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि सचिव ने मनरेगा, राज्य वित्त, पंचम वित्त एवं 15वें वित्त आयोग की धनराशि का अनियमित भुगतान ग्राम प्रधान के व्यक्तिगत खाते में कराया। साथ ही बिना कार्य कराए भुगतान किए जाने की भी पुष्टि हुई है।
सेमरा दुबौली दूबे निवासी विजय कुमार यादव ने ग्राम पंचायत में वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शिकायत की जांच डीडी कृषि, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और सहायक अभियंता आरईडी की टीम से कराई गई। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच में सामने आया कि विभिन्न विकास कार्यों में लगे मजदूरों की मजदूरी के रूप में करीब 1.69 लाख रुपये ग्राम प्रधान के व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित किए गए। जबकि शासन की व्यवस्था के अनुसार मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाना अनिवार्य है। इसे शासनादेश का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
इस मामले में पहले ही जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी थी। अब डीडीओ ने ग्राम सचिव उदितांशु शुक्ला को निलंबित करते हुए मामले की जांच बीडीओ विक्रमजोत को सौंप दी है। जांच पूरी होने तक सचिव को विक्रमजोत ब्लॉक से संबद्ध किया गया है।
पांच आरोपों में घिरे सचिव
निलंबन आदेश के साथ जारी आरोप पत्र में सचिव पर पांच प्रमुख आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि सेमरा सरहद से दुबौली सरदह तक मनरेगा कार्य में बिना काम कराए 8.57 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार करचोलिया सरहद से बंधा तक के कार्य में 4.55 लाख रुपये का भुगतान बिना कार्य के निकाल लिया गया।
इसके अलावा 15वें वित्त आयोग की धनराशि से ह्यूम पाइप, सोख्ता और नाली निर्माण के भुगतान ग्राम प्रधान के खाते में किए गए। पंचम वित्त से पंचायत भवन में टाइल्स लगाने और प्राथमिक विद्यालय के शौचालय निर्माण की राशि भी प्रधान के खाते में भेजी गई। वहीं राज्य वित्त आयोग की धनराशि से ह्यूम पाइप और सीसी रोड निर्माण कार्यों का भुगतान भी नियमों के विपरीत प्रधान के खाते में किए जाने की पुष्टि हुई है।
डीडीओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद सचिव को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।









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