उप्र बस्ती जिले में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने नई रणनीति लागू की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर जिले के 115 सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार की गई है, जिन्हें पुलिस ने विशेष निगरानी श्रेणी में रखा है। इन अपराधियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए थाना स्तर पर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार सूची में शामिल अपराधियों पर हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, अवैध वसूली समेत अन्य गंभीर धाराओं में दो से लेकर 20 तक मुकदमे दर्ज हैं। लंबे समय से सक्रिय ये अपराधी कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे। अब प्रत्येक चिह्नित अपराधी की निगरानी के लिए दो-दो पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक संबंधित थानों को निर्देश दिया गया है कि इन अपराधियों की दैनिक गतिविधियों, आवाजाही और संपर्कों की रिपोर्ट तैयार कर नियमित रूप से उच्चाधिकारियों को भेजी जाए। यदि कोई अपराधी जमानत पर बाहर है तो उसकी गतिविधियों की विशेष समीक्षा की जाएगी। जमानत की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर उसके खिलाफ जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
हाल ही में पूर्वांचल के गाजीपुर जिले में होटल कारोबारी के पुत्र की हत्या की घटना के बाद प्रदेशभर में पुलिस सतर्क हुई है। इसी क्रम में बस्ती पुलिस ने भी अपराधियों के विरुद्ध निगरानी और कार्रवाई का अभियान तेज कर दिया है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सूचीबद्ध अपराधियों में से कोई व्यक्ति किसी को धमकाता है, रंगदारी मांगता है अथवा किसी अवैध गतिविधि में संलिप्त दिखाई देता है तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस अधिकारियों को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि “अपराध मुक्त बस्ती” के संकल्प को साकार करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था कायम रखना और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी अपराधी की गैर-कानूनी गतिविधि पाए जाने पर उसके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।









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