
अशोक झा/ नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार में से तीन प्रमुख पदों अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर जीत हासिल की। इसको लेकर बंगाल के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और नेताओं में जोश देखा गया है। अध्यक्ष सचिव और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की वहीं उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस छात्र यूनिट एनएसयूआई के राहुल झांसला ने जीत दर्ज किया है। राहुल ने उपाध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की है। मतगणना के समय शुरु से ही एबीवीपी ने बढ़त बनाकर रखी और आखिरकार बढ़त जीत मे बदल गई। अध्यक्ष पद विजयी हुए एबीवीपी के आर्यन मान को 28841 वोट मिले। इन्होंने एनएसयूआई की जोश्लिन नंदिता को हराया। आर्यन मान ने NSUI की जोसलिन नंदिता चौधरी को शिकस्त दी। हालांकि, इस चुनाव में दोनों के बीच एक तगड़ा मुकाबला देखने को मिला। कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई को केवल उपाध्यक्ष का पद मिला। इस साल के चुनाव में 39.36% मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले साल के 35.2% की तुलना में मामूली बढ़ोतरी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। 21 राउंड की गिनती के बाद एबीवीपी के आर्यन मान ने 28821 वोटों के साथ अध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की, जबकि एनएसयूआई की जोस्लिन नंदिता चौधरी को 12645 वोट मिले। वामपंथी समर्थित एसएफ़आई-AISA गठबंधन की उम्मीदवार अंजलि को 5385 वोटों के साथ तीसरा स्थान मिला। सचिव पद पर एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने 23779 वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि एनएसयूआई के कबीर को 9525 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी की दीपिका झा ने 21825 वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि एनएसयूआई के लवकुश भड़ाना को 17380 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला ने 29339 वोटों के साथ जीत हासिल की, जो एबीवीपी के गोविंद तंवर (20547 वोट) से 8792 वोटों से आगे रहे।एक्स पर एक पोस्ट में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि पार्टी ने इस अजीब चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया – सिर्फ एबीवीपी के खिलाफ नहीं, बल्कि डीयू प्रशासन, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, आरएसएस-भाजपा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त ताकत के खिलाफ भी। उन्होंने कहा, ‘फिर भी, हजारों डीयू के छात्र हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे और हमारे उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई पैनल से चुने गए नए डीयूएसयू उपाध्यक्ष राहुल झांसला और सभी विजयी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं। जीत या हार, एनएसयूआई हमेशा आम छात्रों, उनकी समस्याओं और डीयू को बचाने के लिए लड़ती रहेगी। हम और मज़बूत होते रहेंगे। ‘चुनावी माहौल और विवाद 18 सितंबर को हुए मतदान में 2.75 लाख से अधिक पात्र छात्रों ने 50 से अधिक संबद्ध कॉलेजों में अपने मत डाले। इस बार 195 मतदान केंद्रों पर 711 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का उपयोग किया गया। चुनाव प्रक्रिया विवादों से अछूती नहीं रही। एबीवीपी और एनएसयूआई ने एक-दूसरे पर हिंसा और मतदान में धांधली के आरोप लगाए। एबीवीपी ने एनएसयूआई के निवर्तमान अध्यक्ष रौनक खत्री पर किरोड़ी मल कॉलेज में बाहरी लोगों के साथ घुसकर हंगामा करने और एक छात्र को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया। वहीं, एनएसयूआई की प्रेसिडेंट उम्मीदवार जोस्लिन नंदिता चौधरी ने दावा किया कि कई ईवीएम पर एबीवीपी उम्मीदवारों के नाम के आगे नीली स्याही के निशान थे, जिसे उन्होंने मतदान में गड़बड़ी का सबूत बताया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने भी दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन पर एबीवीपी के पक्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। एबीवीपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एनएसयूआई हार के डर से निराधार आरोप लगा रही है। डीयूएसयू चुनाव को भारतीय राजनीति का एक मिनी-लिटमस टेस्ट माना जाता है, क्योंकि यह युवाओं के बीच राजनीतिक मूड को दिखाता है। इसकी गूंज दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसरों से परे राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देती है। अरुण जेटली, अजय माकन, और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जैसे कई पूर्व DUSU नेता राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बना चुके हैं। एबीवीपी की इस जीत ने एक बार फिर उनकी मजबूत पकड़ को साबित किया है, जो पिछले एक दशक से DUSU में उनका वर्चस्व रहा है। हालांकि, NSUI की उपाध्यक्ष पद पर जीत ने यह संकेत दिया कि छात्रों के बीच उनकी अपील अभी भी बरकरार है।इस चुनाव में एबीवीपी के आर्यन मान ने अध्यक्ष पद जीता, कुणाल चौधरी ने सचिव पद जीता और दीपिका झा संयुक्त सचिव चुनी गईं.केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की प्रचंड जीत पर परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई दी. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह जीत युवाओं की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा में अटूट विश्वास का प्रतिबिंब है. इस विजय से परिषद की छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में परिवर्तित करने की यात्रा को और अधिक गति मिलेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी एबीवीपी की विजय पर युवा साथियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए एबीवीपी ने सदैव युवाओं को राष्ट्रवाद और निस्वार्थ सेवा की भावना से प्रेरित किया है. यह विजय दर्शाती है कि युवा पीढ़ी ‘राष्ट्र प्रथम’ के संदेश को अपना रही है, जो India को एक उज्ज्वल और सुदृढ़ भविष्य की ओर ले जाएगा।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह जीत सिर्फ एक संगठन की नहीं, बल्कि हर उस युवा की है जो राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा और संघर्ष को अपने जीवन का मार्ग मानता है. मुझे गर्व है कि मैंने भी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में यही संस्कार जिए और सीखे।उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “यह परिणाम दिखाता है कि दिल्ली का युवा ज्ञान, शील और एकता के उस विचार और संघर्ष के पथ पर अडिग है जिसे एबीवीपी ने दशकों पहले स्थापित किया था. यही युवा शक्ति भविष्य में दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और एक सशक्त, संस्कारित और आत्मविश्वासी राजधानी के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करेगी.”BJP MP रवि किशन ने विद्यार्थी परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी. उन्होंने लिखा, “दिल्ली में भगवा रंग चढ़ा. दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी को प्राप्त प्रचंड जीत पर विद्यार्थी परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. यह जीत एबीवीपी के प्रति विद्यार्थियों के अटूट विश्वास, विकसित विश्वविद्यालय के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के संकल्प और अभाविप के प्रति विद्यार्थियों के आशीर्वाद व स्नेह की जीत है।”








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