अशोक झा/ नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 सरकार के कार्यकाल का तीसरा और बतौर वित्त मंत्री अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट लोकसभा में पेश किया. बजट भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत बहुत जल्द दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।राफेल फाइटर जेट्स, पनडुब्बियों और UAV ड्रोन जैसी अहम डील्स रक्षा मंत्रालय की पाइपलाइन में शामिल हैं।बजट में पश्चिम बंगाल के डांकुनी से गुजरात के सूरत तक नई समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जो पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल ढुलाई को तेज और सस्ता बनाएगा. इसके साथ ही अगले पांच साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को परिचालित करने की योजना है, जिससे पर्यावरण-अनुकूल कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिम बंगाल जैसे नदी-प्रधान राज्य को विशेष लाभ होगा.
वाराणसी से सिलीगुड़ी तक बनेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में देशभर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की, जिनमें से एक सिलीगुड़ी में होगा. उन्होंने बताया कि मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से चेन्नई, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच नई हाई-स्पीड ट्रेनें चलाई जाएंगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके साथ ही कहा कि भारत का ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ सेमीकंडक्टर के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा. सेमीकंडक्टर मिशन की गति का लाभ उठाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग बढ़ाया जाएगा. निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि वस्त्र उद्योग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. खादी वस्त्रों के कारोबार को बढ़ाने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है. एक मेगा टेक्सटाइल हब बनाया जाएगा।
इसके अलावा काजू और नारियल किसानों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन का ऐलान किया गया है, ताकि तटीय क्षेत्रों में उनकी आय बढ़ सके. सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ब्रांड’ के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा। बजट पेश होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने इसे “विकसित भारत का बजट” बताते हुए कहा कि यह मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, टूरिज्म, AI, स्पोर्ट्स और तीर्थ क्षेत्रों के जरिए गांवों, कस्बों और शहरों के युवाओं, महिलाओं व किसानों के सपनों को साकार करने वाला बजट है।
राजकोषीय स्थिति और निवेश: वित्त मंत्री ने बताया कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है।
आम जनता को राहत और बड़े ऐलान: विदेश यात्रा सस्ती: विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर TCS दर को 5 और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा: 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त किया गया है।टेक्नोलॉजी और डेटा पर फोकस: भारत में क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने की घोषणा की गई है। नया इनकम टैक्स एक्ट: 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा। टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, हालांकि टैक्स छूट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आयुष: मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारत के लिए NIMHANS 2.0 की स्थापना की जाएगी।
तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे।
आयुष फार्मेसियों का उन्नयन होगा और पांच मेडिकल टूरिज्म हब्स के लिए राज्यों को सहयोग दिया जाएगा।
उद्योग, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर: MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है, जिससे भविष्य के चैंपियन उद्यमियों को तैयार किया जा सके।देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो शहरों के बीच विकास की नई कड़ी जोड़ेंगे।
भविष्य की टेक्नोलॉजी पर निवेशबायोफार्मा सेक्टर के लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया जाएगा, जिसके लिए 40,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल को जोड़ने के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।
आत्मनिर्भर भारत को मजबूती: सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया है। कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सुरक्षा, विकास, तकनीक और सामाजिक कल्याण के संतुलन के साथ ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।लेकिन पूरे 85 मिनट के बजट भाषण में “बिहार” शब्द का एक बार भी जिक्र नहीं हुआ। वित्त मंत्री ने “पटना” का नाम दो बार लिया। यह बात इसलिए अहम है, क्योंकि पिछले साल यानी 2025-26 के बजट में बिहार का नाम 8 बार लिया गया था। तब राज्य को कई बड़ी सौगातें भी मिली थीं। बजट में लिए गए कई फैसलों का फायदा बिहार को मिलेगा। बजट में निर्मला सीतारमण ने दिव्यांगों के लिए कुछ खास ऐलान किया है। उन्होंने दिव्यांगजन कौशल योजना के अलावा दिव्यांगजन सहारा योजना का भी ऐलान किया है। दिव्यांगजन कौशल योजना के लिए बजट में 200 करोड़ और दिव्यांगजन सहारा योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इन दोनों योजनाओं से बिहार के भी दिव्यांगजनों को फायदा मिलने वाला है।2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार में 23.31 लाख दिव्यांगजन हैं। यह राज्य की कुल आबादी का 2.23 प्रतिशत है। दूसरी ओर, देश भर में मौजूद दिव्यांगजनों में से बिहार के दिव्यांगजनों का हिस्सा करीब 8.69 प्रतिशत है। वहीं, इस बजट में कैंसर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता किया गया है। इससे बिहार के मरीजों और उनके परिवारों को सीधा फायदा होगा।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राजधानी पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं दी जाएगी। घोषणा के अनुसार वाटरवेज का इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। पटना में ‘शिप रिपेयर इकोसिस्टेम’ विकसित करने की घोषणा राज्य में औद्योगिक और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। यह केंद्र गंगा नदी के किनारे स्थापित होगा।
और अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूती प्रदान करेगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि जहाजों की मरम्मत अब स्थानीय स्तर पर हो सकेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत में भी भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, डंकुनी से सूरत तक प्रस्तावित नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) माल ढुलाई को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा।
इस कॉरिडोर से बिहार के व्यापारिक केंद्रों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। बजट में ही वाराणसी से सिलीगुड़ी तक एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी की गई है। इस रेल कॉरिडोर का मार्ग बिहार से होकर गुजरने की संभावना है, जो राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा।
इस परियोजना से न केवल यातायात की गति बढ़ेगी, बल्कि राज्य में निवेश और उद्योगों के विस्तार के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। शिपिंग और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ बजट में स्थानीय युवाओं के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का प्रावधान भी किया गया है। यह प्रोग्राम उन्हें शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और रेल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आधुनिक कौशल सिखाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बिहार के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट बिहार के लिए केवल आर्थिक विकास का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह राज्य को तकनीकी, औद्योगिक और लॉजिस्टिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।
राज्य सरकार और उद्योग जगत दोनों के लिए यह अवसर प्रदान करेगा कि वे बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख आर्थिक हब बनाने में सहयोग करें। बजट 2026 में बिहार के लिए अन्य प्रमुख घोषणाओं की भी झलक देखने को मिली।








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