Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता सरकार को भुगतने होंगे इसके गंभीर परिणाम

    February 22, 2026

    प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज

    February 22, 2026

    बंगाल में चुनाव से पूर्व 480 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कंपनियों की होगी तैनात

    February 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, February 22
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता सरकार को भुगतने होंगे इसके गंभीर परिणाम

    यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता सरकार को भुगतने होंगे इसके गंभीर परिणाम

    Roaming ExpressBy Roaming ExpressFebruary 22, 2026 बंगाल

     

    – भाजपा ने कहा आखिर बंगाल में क्यों है संवैधानिक संकट

    अशोक झा/ कोलकाता: केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सहायता के लिए न्यायिक अधिकारियों की तैनाती के उच्चतम न्यायालय के आदेश को शनिवार को “अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश” बताया और कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को अब इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करना होगा। कोर्ट ने साफ तौर पर सरकार के लचर रवैये को आड़े हाथों लिया और कहा कि दो संवैधानिक संस्थाओं के बीच अविश्वास की कमी के कारण पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया दांव पर लगी है।सुनवाई के दौरान जब चुनाव आयोग ने बताया कि राज्य सरकार SIR प्रक्रिया के लिए अधिकारी उपलब्ध नहीं करा रही है तो चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि 9 फरवरी के हमारे स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार का रुख बेहद निराशाजनक है। एसडीएम स्तर के अधिकारियों के बिना यह काम नहीं हो सकता, ऑफिस क्लर्क यह जिम्मेदारी नहीं निभा सकते। कोर्ट ने चेतावनी दी कि बंगाल सरकार ऐसी स्थिति पैदा कर रही है जहां न्यायिक अधिकारियों को दखल देना ही पड़ेगा। अब ये अधिकारी मतदाता सूची में नाम शामिल करने से जुड़े दावों और आपत्तियों का निपटारा करेंगे, ताकि प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सके।अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता बनर्जी की सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
    CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत यह असाधारण हस्तक्षेप राज्य सरकार और Election Commission of India के बीच भरोसे की कमी और सहयोग के अभाव के कारण उत्पन्न असाधारण स्थिति में किया गया है. अदालत ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को भी चेताया कि रिविजन प्रोसेस में देरी के परिणामों को समझना होगा. बेंच ने राज्य सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी तक संशोधित मतदाता सूची का 95 प्रतिशत हिस्सा प्रकाशित करने की अनुमति दे दी. ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, शेष दावों का निपटारा न्यायिक अधिकारियों की मदद से बाद में किया जाएगा. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने संबंधी दावों पर अंतिम निर्णय न्यायिक अधिकारी ही करेंगे, न कि केवल निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO). हालांक‍ि, पश्चिम बंगाल की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्‍बल और अभिषेक मनु सिंघवी इसके विरोध में दलील देते रहे, सीजेआई की अगुआई वाली बेंच ने उनकी एक न सुनी.
    ज्‍यूडिशियल ऑफिसर्स को व्‍यापक अधिकार
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा दिए आदेशों को शीर्ष अदालत के आदेश के समान माना जाएगा और पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन को उनका तत्काल पालन करना होगा. अदालत ने कलकत्‍ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश दिया कि वे सेवा में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ अच्‍छी छवि वाले सेवानिवृत्त जिला एवं अतिरिक्त जिला जज का चयन करें. ये अधिकारी ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी में आने वाले मतदाताओं से जुड़े दावों और दस्तावेजों की जांच करेंगे. सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच पुनरीक्षण प्रक्रिया में देरी को लेकर तीखी बहस हुई. आयोग ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आवश्यक अधिकारियों की तैनाती नहीं की, जबकि राज्य सरकार की ओर से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।पश्चिम बंगाल DGP तलब:
    चुनाव आयोग की शिकायतों पर कार्रवाई न करने को लेकर अदालत ने राज्य पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर चिंता जताई. अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया कि आयोग की शिकायतों और पुनरीक्षण प्रक्रिया को बाधित करने वाली घटनाओं पर क्या कार्रवाई की गई. बेंच ने कहा कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच आरोप-प्रत्यारोप और अविश्वास के कारण पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई है, जिससे अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा. न्यायिक अधिकारियों की तैनाती से अदालतों के नियमित कामकाज पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है. इसे देखते हुए अदालत ने मुख्य न्यायाधीश से आवश्यक मामलों को अन्य अदालतों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई मार्च के पहले सप्ताह में होगी।

    Post Views: 30

    Related Posts

    बंगाल में चुनाव से पूर्व 480 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कंपनियों की होगी तैनात

    February 21, 2026By Roaming Express

    राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में ‘फेमिनिस्ट मैनिफेस्टो’की प्रस्तुति: स्त्री स्मृतियों के संग्रहालय में एक यात्रा

    February 21, 2026By Roaming Express

    कोलकाता और बिहार STF ने भागलपुर में अवैध हथियार फैक्ट्री में जॉइंट ऑपरेशन किया, 5 गिरफ्तार कई हथियार बरामद

    February 18, 2026By Roaming Express

    5000 किलोमीटर की यात्रा कर भाजपा करेंगी बंगाल फतह

    February 18, 2026By Roaming Express

    बंगाल में चुनाव से पहले राम कृष्ण की हुई इंट्री, गृहमंत्री के इस्कॉन दौरे से बढ़ी टीएमसी की बेचैनी

    February 18, 2026By Roaming Express

    आज आईपैक मामले की सुप्रीमकोर्ट  में होगी अहम सुनवाई, बंगाल की नजर सुप्रीम कोर्ट पर

    February 17, 2026By Roaming Express
    आज का मौषम
    मौसम
    Top Posts

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता सरकार को भुगतने होंगे इसके गंभीर परिणाम

    February 22, 2026

    – भाजपा ने कहा आखिर बंगाल में क्यों है संवैधानिक संकट अशोक झा/ कोलकाता:…

    प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज

    February 22, 2026

    बंगाल में चुनाव से पूर्व 480 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कंपनियों की होगी तैनात

    February 21, 2026

    राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में ‘फेमिनिस्ट मैनिफेस्टो’की प्रस्तुति: स्त्री स्मृतियों के संग्रहालय में एक यात्रा

    February 21, 2026
    LATEST NEWS

    यदि रिविजन का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो ममता सरकार को भुगतने होंगे इसके गंभीर परिणाम

    February 22, 2026

    प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज

    February 22, 2026

    बंगाल में चुनाव से पूर्व 480 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कंपनियों की होगी तैनात

    February 21, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1542556
    Hits Today : 2069
    Who's Online : 6
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.