– सरकारी कार्य में बाधा देने और धक्का मुक्की थाने का घेराव करने का लगाया आरोप
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: चुनाव के दौरान आरोप प्रत्यारोपके बीच अब मुकदमा का खेल शुरू हो गया। सिलीगुड़ी से भाजपा प्रत्याशी सह निवर्तमान विधायक के खिलाफ पानीटंकी आउटपोस्ट प्रभारी ने मामला दर्ज कराया है। इस मुकदमे के सामने आने पर तरह तरक्की चर्चाही रही है।अपने आवेदन में थाना प्रभारी ने कहा है कि एस.आई. निर्मल कुमार दास, जो वर्तमान में आपके नियंत्रण में पानीटंकी टाउन आउट पोस्ट के प्रभारी के रूप में तैनात हैं, श्री शंकर घोष, अमित अग्रवाल, जयश्री मोदक, तमाश्री मोदक, कौशिक सरकार, योगेश गर्ग और भाजपा पार्टी के अन्य 20-25 समर्थकों के खिलाफ यह लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं कि 05.04.2026 को टीएमसी पार्टी के झंडे को नष्ट करने और फाड़ने तथा टीएमसी उम्मीदवार के बैनर को भाजपा पार्टी के नेताओं के स्टिकर से विकृत करने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसकी सूचना पानीटंकी टाउन आउटपोस्ट में जीडीई संख्या 126 दिनांक: 05.04.2036 के माध्यम से दी गई थी। प्रकाश चंद्र सरकार को मामले की जांच करने का आदेश दिया गया था और उन्होंने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान प्रकाश चंद्र सरकार ने कुछ जानकारी एकत्र की और 06.04.2026 को 12.45 बजे मैं अन्य पुलिस कर्मियों, जिनमें एसआई भी शामिल था, के साथ मौके पर पहुंचा। शिब शंकर दास, प्रकाश सरकार. एएसआई सुरोजीत मल्लिक, एएसआई देबाशीष दास, एलसी/575 पंचमी रे पानीटंकी टॉप जीडीई नंबर 149 दिनांक: 06.04.2026 को दर्ज की गई जानकारी की सत्यता की जांच करने के लिए पंजाबी पारा डब्ल्यू/नंबर 13, पीएस-सिलीगुड़ी, जिला-दार्जिलिंग गए। जांच के दौरान पता चला कि स्थानीय भाजपा दल के कुछ सदस्य और उनके सहयोगी, अमित अग्रवाल, जयश्री मोदक और तनुश्री मोदक, इस घटना में शामिल हो सकते हैं। इसलिए, मैं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सूचना की पुष्टि करने के लिए अमित अग्रवाल की दुकान पर गया, लेकिन वह वहां नहीं मिले। इसके बाद हम पंजाबीपारा में जयश्री मोदक और तनुश्री मोदक के घर गए और उनसे मुलाकात की। जब महिला कांस्टेबल की उपस्थिति में हमारी पूछताछ लगभग पूरी हो चुकी थी और हम लौटने ही वाले थे कि अचानक श्री शंकर घोष के नेतृत्व में भाजपा दल के 20-25 समर्थक गैरकानूनी रूप से मौके पर जमा हो गए और हमारी पूछताछ में बाधा डाली। तब मैंने उनसे कहा कि हमें अपने कर्तव्य का पालन करने के साथ-साथ कानून और व्यवस्था बनाए रखने की भी अनुमति दें, लेकिन वे लगातार ऊंची आवाज में हमें परेशान कर रहे थे और बार-बार कह रहे थे कि “मैं ठीक हूं। मेरे पास एक अच्छा विकल्प है। तब हमने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सरकारी वाहनों से पानीटंकी चौकी वापस जाने का इरादा किया, लेकिन शंकर घोष ने अचानक मुझे सीने से धक्का दिया और अन्य पुलिसकर्मियों को धमकाया तथा हमें वापस जाने से अवैध रूप से रोक दिया। हालांकि, हम किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब रहे। बाद में, शंकर घोष अपने साथियों के साथ पानीटंकी चौकी के सामने आकर गैरकानूनी रूप से इकट्ठा हो गए और सार्वजनिक स्थान पर बाधा उत्पन्न करते हुए पानीटंकी टाउन चौकी के मुख्य द्वार को कुछ घंटों के लिए अवरुद्ध कर दिया। इन तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे निवेदन करता हूं कि शंकर घोष, अमित अग्रवाल, जयश्री मोदक, तनुश्री मोदक, कौशिक सरकार, योगेश गर्ग और भाजपा पार्टी के अन्य 20-25 समर्थकों के खिलाफ गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, लोक सेवक के आधिकारिक कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने, लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा करने, लोक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी देने, लोक सेवक के निर्देशों का पालन न करने और उनके खिलाफ दुर्भावना का प्रयोग करने के लिए एक विशिष्ट मामला शुरू करें और पुलिस से इसकी जांच की व्यवस्था करें। शंकर घोष का कहना है कि यह घटना सार्वजनिक रूप से कई अधिवक्ताओं के सामने हुई। जांच अधिकारी रोका इसलिए गया क्योंकि वह जांच के संबंध में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे थे। सभी सादे वर्दी में युवतियों को थाना ले जाने की बात कर रहे थे। आरोप के प्रमाण के नाम पर कोई भी सबूत नहीं दिखा रहे थे। इस मुकदमा से स्पष्ट होता है कि वह किसी विशेष पार्टी के लिए काम कर रहे है।









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