
– लोकतंत्र के सुबह से मतदान केंद्रों पर दिख रही लंबी लंबी कतारें
– ममता बनर्जी ने कहा भाजपा कर रही मनमानी पूरे दिन मै हर मतदान केंद्रों पर जाऊंगी
– शुभेंदु अधिकारी ने कहा हिंदुओं के लिए अस्तित्व बचाने की लड़ाई
अशोक झा/ कोलकोता:
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए वोटिंग जारी है। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं। इन कतारों को देख ऐसा लग रहा है कि दूसरे फेज में भी वोटिंग का रिकॉर्ड टूट सकता है। इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटें हैं, जिन पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसके अलावा टीएमसी के फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और सुजीत बोस जैसे दिग्गज नेता भी चुनावी मैदान में हैं। भाजपा, टीएमसी, कांग्रेस और वाम मोर्चा अलग-अलग मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा गड़बड़ी कर रही इसलिए सभी मतदान केंद्रों में घूमकर देखूंगा। हावड़ा में पुलिस ने लाठी चार्ज किया है। कई जगह बूथ जाम करने के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हुआ है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा यह चुनाव सनातनियों के अस्तित्व बचाने की लड़ाई है।
बूथों के 100 मीटर के दायरे में कड़ी निगरानी: दूसरे चरण में आयोग ने न सिर्फ पोलिंग बूथों पर, बल्कि बूथों के 100 मीटर के दायरे में भी निगरानी कड़ी करने का फैसला लिया है. अब बूथों तक जाने वाली 100 मीटर की सड़क पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे. पहले चरण के चुनाव में एक कैमरा बूथ के अंदर और एक बाहर लगाया गया था, लेकिन इस बार बूथों तक जाने वाली सड़कों पर भी कैमरे लगेंगे. बूथ के 100 मीटर का दायरा केंद्रीय जवानों के अधीन रहेगा.‘मिनी इंडिया’ में ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी की जंग: इस चरण की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर है, जिसे प्रतिष्ठा का केंद्र माना जा रहा है. 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब दीदी के अपने गढ़ भवानीपुर में उन्हें चुनौती दे रहे हैं. बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, सिख और मुस्लिम आबादी वाली इस सीट को ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है।यहां की जीत-हार पूरे बंगाल को बड़ा राजनीतिक संदेश देगी।मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय बलों की हजारों कंपनियां और बड़ी संख्या में राज्य पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इससे पहले 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें करीब 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था। अब इस अंतिम चरण के साथ ही राज्य में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और इसके नतीजे तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने नादिया के बूथ नंबर 120 पर करीमपुर गर्ल्स हाई स्कूल में मतदान किया। मतदान को बाद महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘हम लोकतंत्र को बचाने के लिए हैं। 27 लाख वोटों को काटा गया है। जिनके नाम वोटर लिस्ट में रह गए हैं, वे सभी 100% वोट देने आएंगे। यह कारण है कि मत प्रतिशत बहुत ज्यादा है। लोग प्रतिशोध के लिए वोट दे रहे हैं। पिछले 5 महीनों से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग लोगों के साथ मजाक कर रहा है। हमने पहले फेज में जो काम शुरू किया था वह दूसरे फेज में पूरा हो रहा है।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग शुक्रवार को सुबह 7 बजे शुरू हो गया। 8 जिलों की 142 विधानसभा सीटों के लिए 3.22 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक, इन 142 सीटों पर कुल 3,21,73,837 वोटर्स हैं, जिनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिला और 792 थर्ड जेंडर वोटर्स हैं। सभी वोटर्स को फोटो पहचान पत्र (एपिक) उपलब्ध करा दिए गए हैं।
100 साल से ज्यादा उम्र के 3,243 वोटर: वोटर्स में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3,243 वोटर हैं, जबकि 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 1,96,801 है. इसके अलावा 146 एनआरआई वोटर और 39,961 सर्विस वोटर भी इस चरण में मतदान करेंगे।
कितने उम्मीदवार मैदान में?: इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं. किसी भी सीट पर थर्ड जेंडर उम्मीदवार नहीं है. 142 सीटों में से 107 सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि 34 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) और एक सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है. दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट पर सबसे ज्यादा 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं।
किन जिलों में वोटिंग?: कोलकाता के अलावा जिन जिलों में मतदान होगा उनमें नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा शामिल हैं। कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक मतदान केंद्र हैं। केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं. इनके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवान भी सुरक्षा में लगाए जाएंगे। मतगणना 4 मई को होगी।








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