– राज्य की राजनीतिक चुनौतियां एवं भविष्य का पश्चिम बंगाल” का खोलेंगे पोल
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: भारत विकास परिषद सिलीगुड़ी और अंतरराष्ट्रीय चाणक्य वार्ता के तत्वाधान में सिलीगुड़ी अग्रसेन भवन में 19 अप्रैल की शाम राज्य की वर्तमान राजनीतिक चुनौतियां एवं भविष्य का पश्चिम बंगाल पर परिचर्चा का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ हर्षवर्धन श्रृंगला (पूर्व विदेश सचिव व राज्यसभा सदस्य) समारोह अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण भाला वरिष्ठ साहित्यकार एवं पश्चिम बंगाल के जानकार, मुख्य वक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी प्रसिद्ध विचारक एवं राज्यसभा सदस्य,प्रस्तावना वक्तव्य डॉ अमित जैन संपादक चाणक्य वार्ता मंच पर होंगे। कार्यक्रम की तैयारी में जुटे भारत विकास परिषद के अध्यक्ष कैलाश कंदोई, सचिव मीना देवी अग्रवाल सचिव, कार्यक्रम जनसंपर्क संयोजक, विनोद अग्रवाल (बिन्नू),जनसंपर्क सहसंयोजक सुशील अग्रवाल, संयोजक मनोज शर्मा , सहसंयोजकसुशील रामपुरिया ने बताया कि बंगाल की राजनीति वर्तमान में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहाँ सुधांशु त्रिवेदी सरकार का पोल खोलेंगे।बीजेपी प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार को कानून-व्यवस्था, घुसपैठ और राजनीतिक हिंसा के मुद्दों पर आक्रामक रूप से घेरा है। उन्होंने 2026 के चुनाव के परिप्रेक्ष्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर घुसपैठियों के वोट बैंक के लिए सीमा सुरक्षा से समझौता करने और चुनावी हिंसा को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुधांशु त्रिवेदी और बंगाल: मुख्य बिंदु : घुसपैठ और सुरक्षा: सुधांशु त्रिवेदी ने बंगाल सरकार पर घुसपैठियों को समर्थन देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है।
चुनावी हिंसा: उन्होंने बंगाल में होने वाली चुनावी हिंसा को यूपी-बिहार से भी बदतर बताया है, और राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद होने का दावा किया है।
टीएमसी पर हमला: त्रिवेदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को “घुसपैठिया परस्त” करार दिया है। उन्होंने घुसपैठियों का डेटा और राज्य में विकास के मुद्दों पर ममता सरकार को घेरा है। 2026 के चुनाव का परिप्रेक्ष्य: उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी को बंगाल में एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास ला सकती है।
ममता सरकार के फैसलों पर सवाल: उन्होंने राज्य सरकार के बजट पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि यह केवल कुछ वर्गों के लिए है। बंगाल की राजनीति में ‘इश्तेहार’ शब्द पर बवाल मचा हुआ था। ममता की तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) ने आगामी चुनाव में अपनी पार्टी के मेनिफेस्टो का नाम ‘इश्तेहार’ दिया है, जिसे लेकर बाद मुस्लिम तुष्टीकरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राज्य में विपक्षी पार्टी ने ममता पर जमकर हमला बोला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुधांशु त्रिवेदी ने ने इसे 1905 के ढाका के नवाब से जोड़ा है। उनका आरोप है कि उस समय ढाका के नवाब कलीमुद्दीन मुल्ला ने मुस्लिम समाज को भड़काने के लिए हिन्दुओं के प्रति विद्वेष करने के लिए जो शब्द यूज किया था उसका नाम भी इश्तेहार था। इसे बंगाल की वर्तमान राजनीति से जोड़ते हुए भाजपा ने टीएमसी पर बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। सिलीगुड़ी में सभी बिंदुओं पर वह खुलकर बोलेंगे।









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