– यह अनादि और अक्षय स्वरूपी मंत्र है, इसलिए णमोकार मंत्र सर्वकार्य सिद्धिकारक लोकोत्तर मंत्र
– सिलीगुड़ी में गूंजेगा इस मंत्र का सामूहिक स्वर,आप भी मिलाए इसमें स्वर
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: विश्व भर में 9 अप्रैल को ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ मनाया जाएगा। जो जैन समाज की एकता, अहिंसा और विश्व शांति के लिए समर्पित है। इसका आयोजन सिलीगुड़ी में भी 9 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे से तेरापंथ भवन, सोमानी मिल, एस. एफ. रोड, सिलीगुड़ी में होगा। विश्व कल्याण के लिए नवकार महामंत्र का जाप (108 देशों के 10.8 लाख लोग शामिल होंगे। भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव समिति सिलीगुड़ी के अध्यक्ष बजरंग सेठिया ने बताया कि विश्व शांति, अहिंसा, सदाचार और मानवता के कल्याण के लिए यह अनुष्ठान भारत सहित 108 देशों में एक साथ और एक ही समय पर किया जाएगा। इसमें लाखों लोग शामिल होंगे। णमोकार महामंत्र से ही चौरासी लाख मंत्रों की उत्पत्ति हुई है। यह मंत्र किसी धर्म या व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि विश्व के समस्त साधु-संतों और सिद्ध आत्माओं को नमस्कार करता है। पत्रकारिता के दौरान मैने खुद जैन मुनियों आचार्य और उपाध्याय के साथ काफी समय बिताया। पदयात्रा कर संघी बनने का मौका मिला। जो मुझे जानकारी है उसके अनुसार णमोकार मन्त्र जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण मन्त्र है। इसे नवकार महामंत्र, नमस्कार मन्त्र या ‘पंच परमेष्ठि नमस्कार’ भी कहा जाता है। इसमें किसी देवी देवता की प्रार्थना या वंदन नहीं है। इस मन्त्र में अरिहन्तों, सिद्धों, आचार्यों, उपाध्यायों और साधुओं का नमस्कार किया गया है। णमोकार महामंत्र’ एक लोकोत्तर मंत्र है। इस मंत्र को जैन धर्म का परम पवित्र और अनादि मूल मंत्र माना जाता है। इसमें किसी व्यक्ति का नहीं, किंतु संपूर्ण रूप से विकसित और विकासमान विशुद्ध आत्मस्वरूप का ही दर्शन, स्मरण, चिंतन, ध्यान एवं अनुभव किया जाता है। इसलिए यह अनादि और अक्षय स्वरूपी मंत्र है। लौकिक मंत्र आदि सिर्फ लौकिक लाभ पहुँचाते हैं, किंतु लोकोत्तर मंत्र लौकिक और लोकोत्तर दोनों कार्य सिद्ध करते हैं। इसलिए णमोकार मंत्र सर्वकार्य सिद्धिकारक लोकोत्तर मंत्र माना जाता है।









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