उप्र बस्ती जिले में उत्तर प्रदेश शासन का फर्जी लोगो और लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार से घूमकर खुद को सचिवालय लखनऊ का ओएसडी बताने वाले जालसाज को कोतवाली और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पांच फर्जी ओएसडी विजिटिंग कार्ड, दो वॉकी-टॉकी, चार एटीएम कार्ड, एक आईफोन, एक की-पैड मोबाइल और 2,700 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने इनोवा कार भी कब्जे में ले ली है।
पुलिस के अनुसार बड़ेबन पुल के नीचे संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सफेद रंग की इनोवा को रोका गया। वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा था और छत पर लाल-नीली बत्ती लगी थी। कार में पीछे बैठे मोहसिन खान ने खुद को उत्तर प्रदेश सरकार, सचिवालय लखनऊ का ओएसडी बताते हुए पुलिस पर रौब जमाने की कोशिश की। उसने पुलिसकर्मियों को विजिटिंग कार्ड भी दिखाया। जांच में कार्ड फर्जी मिलने पर उसकी पोल खुल गई।
आरोपी की पहचान मोहसिन खान पुत्र वसीम खान निवासी रोडवेज के पीछे चईयाबारी, थाना पुरानी बस्ती, हाल पता 51/ए दारुलशफा, हजरतगंज, लखनऊ के रूप में हुई। पुलिस ने उसके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों से काम कराने के नाम पर ऐंठता था रुपये
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी कूटरचित दस्तावेजों के सहारे काफी समय से फर्जी ओएसडी बनकर घूम रहा था। वह इनोवा पर फर्जी सरकारी लोगो और लाल-नीली बत्ती लगाकर विभिन्न जिलों और राज्यों में जाता था। फर्जी पहचान पत्र दिखाकर पुलिस और टोल प्लाजा पर वीआईपी प्रोटोकॉल लेने, टोल माफ कराने और सचिवालय व अन्य सरकारी कार्यालयों में आसानी से प्रवेश पाने की कोशिश करता था। अधिकारियों से काम कराने के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने की बात भी सामने आई है।
15 हजार रुपये महीने पर रखा था चालक
आरोपी के साथ मौजूद चालक राजेश यादव को वह 15 हजार रुपये प्रतिमाह देता था। पुलिस ने पूछताछ और सत्यापन के बाद चालक को नोटिस देकर विवेचना में सहयोग करने की हिदायत के साथ छोड़ दिया।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बृजानंद सिंह, प्रभारी निरीक्षक यातायात कुलदीप त्रिपाठी, बड़ेबन चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह समेत कोतवाली और यातायात पुलिस के कर्मचारी शामिल रहे।







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