उप्र बस्ती जिले में रामराज उर्फ गम्मज हत्याकांड में घटना के करीब छह साल 10 माह बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। साक्ष्यों के आधार पर आए फैसले से आरोपियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। आरोपियों ने कहा कि आखिरकार सत्य की जीत हुई।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के इटहिया निवासी रामराज उर्फ गम्मज (63) की 28 अक्तूबर 2019 की रात वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सुकरौली चौराहे के पास बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी। उस समय रामराज अपनी पत्नी विजयलक्ष्मी के साथ स्कूटी से एक रिश्तेदार को देखने अस्पताल जा रहे थे। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल रामराज को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
रामराज की पत्नी विजयलक्ष्मी की तहरीर पर वाल्टरगंज पुलिस ने इटहिया निवासी अशोक तिवारी, कृष्ण कुमार तिवारी उर्फ झिनकान और सिकटा निवासी उमेश शुक्ल उर्फ लल्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मुकदमे के ट्रायल के दौरान तीनों आरोपी जेल में निरुद्ध रहे। अब न्यायालय ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। गौरतलब है कि मृतक रामराज उर्फ गम्मज की कप्तानगंज थाने में हिस्ट्रीशीट भी खुली थी।








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