
– सीमा पर एसएसबी की बढ़ाई गई चौकसी, गलगलिया में एसपी किशनगंज तो पानीटंकी में उत्तर बंगाल के आईजी ने किया दौरा
नेपाल बोर्डर से अशोक झा : कहते है कि पड़ोस में कोई विपत्ति आती है तो उसका नुकसान पड़ोसी को होता है। यह कहावत नेपाल में चल रहे युवाओं के आंदोलन के दौरान भारत नेपाल सीमांत क्षेत्रों में देखने को मिला। बंगाल से सटे सीमा पार नेपाल में बिर्ता मोड़ में दो दिनों से आग की ज्वाला धधक रही है। वही गलगलिया से सटे भद्रपुर नेपाल के भंसार और प्रहरी चौकी को उपद्रवियों ने फूंक दिया। यह आक्रोश युवाओं में इस बात को लेकर था कि सरकार के इशारे पर ही युवाओं के माथे और सीने में गोली दागी गई है। प्रदर्शनकारियों ने गोली चलाने के ऑर्डर देने वाले डीएसपी को पीटपीट कर मार डाला है। स्थिति को लगातार बिगड़ता देख नेपाल की खुली सीमा का कमान संभालने वाली एसएसबी को पूरी तरह चौकस कर दिया गया है। सीमा पर ना किसी को आने ओर जाने दिया जा रहा है। पानीटांकी भारत नेपाल सीमांत क्षेत्र का दौरा उत्तर बंगाल में आईजी राजेश यादव ने की। एसएसबी और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान एसपी दार्जिलिंग भी अपने अधिकारियों के साथ मौजूद रहे। इसी तरह भारत नेपाल गलगलिया देवीगंज सीमा का निरीक्षण किशनगंज के एसपी सागर कुमार ने किया। बोर्डर पर हाई अलर्ट जारी है। नेपाल में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को डर सता रहा है कि भारत विरोधी मानसिकता वाले उन्हें नुकसान ना पहुंचाए। हालांकि भारत सरकार का विदेश मंत्रालय दो नंबर जारी किया है जिससे वे किसी प्रकार का सहायता पा सकते है। नेपाल में मेरे कई मित्रों से बात हुई उनका कहना था कि यह आंदोलन राजतंत्र विरोधी आंदोलन से भी ज्यादा हिंसक है। आंदोलनकारी सरकार के खिलाफ ही नहीं सरकार के सभी प्रतीक चिन्हों को मिटा देना चाहते है जैसा बांग्लादेश में हुआ था।उसी तर्ज पर जेल से कैदियों को बाहर निकाला जा रहा है। उसका कारण क्या है यह बता पाने में आंदोलनकारी सक्षम नहीं है।










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