Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    Basti news:24 अगस्त को लोढ़ेश्वर नाथ मंदिर में होगा विशाल सामूहिक रुद्राभिषेक,151 पार्थिव शिवलिंग का होगा निर्माण, अयोध्या से मंगाई गई मिट्टी

    August 23, 2026

    Basti News: ठाकुरजी को गर्मी से बचाने गर्भगृह में मनीष मिश्रा ने लगवाया एसी

    August 21, 2026

    Basti news:मनीष मिश्रा के वादे की पहली किस्त, रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंचे ₹500

    August 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, August 23
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » आज नहाए खाए के साथ शुरू होगा जितिया व्रत

    आज नहाए खाए के साथ शुरू होगा जितिया व्रत

    इस व्रत को किया जाता है संतान के लिए , महाभारत काल से जुड़ा है इसका महत्व
    Roaming ExpressBy Roaming ExpressSeptember 12, 2025 बंगाल

    अशोक झा/ सिलीगुड़ी: जितिया व्रत को भक्ति एवं उपासना के सबसे कठिन व्रतों में एक माना जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र एवं स्वस्थ जीवन के लिए व्रत रखती हैं माताएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। उन्होंने कहा कि मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार 13 सितंबर को रात्री के अंत तक या संभव हो तो सुबह चार बजे तक ओठगन कर सकती हैं, जबकि जितिया का उपवास 14 सितंबर रविवार को होगा।वहीं 15 सितंबर सोमवार को सुबह 06.36 के बाद पारण होगा।
    स्नान के बाद व्रती माताओं ने जीमूतवाहन देव की पूजा-अर्चना की. हिंदू धर्म में जिउतिया या जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व है. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना करते हुए निर्जला उपवास रखती हैं. परंपरा के अनुसार, महिलाएं बांस की डलिया और पीतल की थाली में पकवान, फल-फूल अर्पित कर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं। महानंदा, मेंची, बालासन नदी के पुल और फोरलेन सड़क पर वाहनों की कतारें लगी है। वहीं बाजार में सब्जियों और फलों के दाम में तेजी देखी गयी।।फूलगोभी 60 रुपये प्रति पीस, सतपुतिया झिंगली 80 रुपये किलो, कोकरी 100 से 120 रुपये किलो, झिंगली 50 से 55 रुपये किलो और कन्ना 80 रुपये किलो में बिके। उन्होंने कहा कि जितिया के पीछे की कहानी यह है कि महाभारत युद्ध में पिता की मृत्यु के बाद अश्वत्थामा बहुत क्रोधित थे। पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए पांडवों के शिविर गये एवं उसने पांच लोगों की हत्या कर दी।उसे लगा कि उसने पांडवों को मार दिया, लेकिन पांडव जिंदा थे।।जब पांडव उसके सामने आये तो उसे पता लगा कि वह द्रौपदी के पांच पुत्रों को मार आया है। यह सब देखकर अर्जुन ने क्रोध में अश्वत्थामा को बंदी बनाकर दिव्य मणि छीन लिया। अश्वत्थामा ने इस बात का बदला लेने के लिए अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रही संतान को मारने की योजना बनायी।उसने गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया।जिससे उत्तरा का गर्भ नष्ट हो गया। लेकिन उस बच्चे का जन्म लेना बहुत जरूरी था। इसलिए भगवान कृष्ण ने उत्तरा की अजन्मी संतान को गर्भ में ही फिर से जीवित कर दिया। गर्भ में मरकर जीवित होने की वजह से इस तरह उत्तरा के पुत्र का नाम जीवितपुत्रिका पड़ गया और तब से ही संतान की लंबी आयु के लिए जितिया व्रत किया जाने लगा। शनिवार को नहाय-खाय के साथ संतान की लंबी उम्र की कामना का पर्व जितिया शुरू हो जाएगा। शनिवार की सुबह नहाय-खाय को लेकर व्रती महिलाएं स्नान कर व्रत का संकल्प लेंगी। फिर सात्विक भोजन बनाकर इसे प्रसाद स्वरूप भोग लगाने के बाद व्रती स्वयं ग्रहण करेगी। पुरोहित अभय झा ने बताया कि इस व्रत के नियमानुसार महिलाएं एक तिनका या दातून भी मुंह में नहीं लेती हैं। इसलिए इसे खर-जितिया के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व में महिलाएं अपने संतान की सलामती के लिए पूजा-अर्चना करती हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस पर्व की शुरुआत चारदिवसीय छठ पर्व की तरह नहाय-खाय से ही होती है। आज के दिन महिलाएं बिना जल के रहती है और जीमूतवाहन भगवान की पूजा करती है। पुरोहित ने बताया कि इस व्रत की पौराणिक कथा महाभारत काल से जुड़ा है। महाभारत के युद्ध के बाद अश्वथामा अपने पिता की मृत्यु की वजह से क्रोध में था। वह अपने पिता की मृत्यु का पांडवों से बदला लेना चाहता था। एक दिन उसने पांडवों के शिविर में घुस कर सोते हुए पांडवों के बच्चों को मार डाला। उसे लगा कि ये पांडव हैं। लेकिन वह सब द्रौपदी के पांच बेटे थे। इस अपराध की वजह से अर्जुन ने उसे पकड़ लिया और उसकी मणि छीन ली। इससे आहत अश्वथामा ने उत्तरा के गर्भ में पल रही संतान को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर दिया। लेकिन उत्तरा की संतान का जन्म लेना जरूरी था, जिस वजह से श्रीकृष्ण ने अपने सभी पुण्य का फल उत्तरा की गर्भ में मरी संतान को दे दिया और वह जीवित हो गया। गर्भ में मरकर जीवित होने के वजह से उसका नाम जीवित्पुत्रिका पड़ा और यही आगे चलकर राजा परीक्षित बने। तब से ही इस व्रत को किया जाता है। सिलीगुड़ी और उसके आसपास के बाजारों में रौनक, खरीदारी करते दिखीं महिलाएं क्षेत्र छोटे-बड़े बाजार में जितिया पर्व को लेकर काफी चहल-पहल देखी जा रही है। पहले दिन के अनुष्ठान नहाय-खाय को लेकर शनिवार को बाजार में रौनक बढ़ी रही। अन्य दिनों के अपेक्षा खरीदारों की संख्या में वृद्धि देखी गयी। जितिया पर्व को लेकर सब्जी का कीमत आसमान छू रही थी। जितिया के नहाय खाय दिन के लिए झिंगी, कंदा, नोनी साग, बोड़ा, लाल साग सहित विभिन्न प्रकार की हरी सब्जी की लोगों ने खरीदारी की। बाजार में सतपुतिया 50 रुपये किलो और नोनी साग 80 रुपये किलो तक पहुंच गया था। इसके अलावा रविवार की रात सरगही करने के लिए फल मंडी में फलों की बिक्री भी बेहतर रही। रविवार को फल मंडी में खासी रौनक रहेगी। जितिया पर्व को लेकर महिलाओं को भारी भीड़ क्षेत्र के बाजारों में देखी जा रही है।
    जितिया पर्व में ओठगन का मिथिलांचल में विशेष महत्व:
    जितिया पर्व में ओठगन एक ऐसी रस्म या विधि है, जिस पूरा करने के बाद से ही इस पर्व की शुरुआत होती है। यह रस्म ब्रह्म मुहूर्त के बाद सुबह में पौ फटने से पहले किया जाता है। बिहार के मिथिला में इस रस्म को ‘उठगन’ भी कहा जाता है। इस रस्म के तहत व्रत रखने वाली महिलाएं यानी व्रती सवेरे-सवेरे किसी पंछी, खास कर कौआ के उठने और शोर करने से पहले यह विधि करती हैं।इस रस्म के तहत घर के आंगन में झिंगुनी यानी तोरई के पत्ते पर दही-चूरा और मिठाई चढ़ाई जाती हैं। तोरई के पत्ते के संख्या व्रती महिला के संतान की संख्या से एक अधिक होती है, जो पूर्वजों और पितरों का भाग होता है। जल से अर्घ्य देकर झिंगुनी के पत्तों पर चढ़े प्रसाद को बेटा-बेटियों को खिला दिया जाता है। मान्यता है कि इससे पूर्वजों और पितरों का आशीर्वाद बच्चों पर बना रहता है और वे स्वस्थ और दीर्घायु होते हैं। दो प्रकार से मनाते हैं जितिया व्रत: संतान स्वस्थ, सुखी और संपन्न हो इसके लिए जितिया व्रत को बेहद शुद्धता और पवित्रता से किया जाता है। 24 घंटे से भी अधिक समय तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करना इसे बेहद कठिन बना देता है। रीति-रिवाजों के मुताबिक यह व्रत दो प्रकार से मनाया जाता है, इसमें एक तो जितिया पर्व होता है और दूसरा खरजितिया होता है। परंपरा के मुताबिक, खरजितिया पर्व जितिया पर्व से भी ज्यादा कठिन होता है। खरजितिया खास तौर बेटियों के अच्छे सौभाग्य के लिए किया जाता है।

    Post Views: 164

    Related Posts

    बंगाल में कल होगा फिर से 15 मतदान केंद्रों पर मतदान, सुरक्षा होगी अभूतपूर्व

    May 1, 2026By Roaming Express

    बंगाल की 142 सीटों पर वोटिंग जारी, 1448 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

    April 28, 2026By Roaming Express

    बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव के पहले मनी लांड्रिंग केस में ईडी की ताबड़तोड़ छापामारी

    April 24, 2026By Roaming Express

    सांसद सुधांशु त्रिवेदी और मनन मिश्रा सिलीगुड़ी में कल खोलेंगे राज्य कानून व्यवस्था की पोल

    April 18, 2026By Roaming Express

    19 अप्रैल को अक्षय तृतीया,जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, सोना-चांदी खरीदने का समय

    April 18, 2026By Roaming Express

    अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद आ रहा है अक्षय योग

    April 16, 2026By Roaming Express
    Top Posts

    Basti news:24 अगस्त को लोढ़ेश्वर नाथ मंदिर में होगा विशाल सामूहिक रुद्राभिषेक,151 पार्थिव शिवलिंग का होगा निर्माण, अयोध्या से मंगाई गई मिट्टी

    August 23, 2026

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    Basti news:24 अगस्त को लोढ़ेश्वर नाथ मंदिर में होगा विशाल सामूहिक रुद्राभिषेक,151 पार्थिव शिवलिंग का होगा निर्माण, अयोध्या से मंगाई गई मिट्टी

    August 23, 2026

    24 अगस्त को लोढ़ेश्वर नाथ मंदिर में होगा विशाल सामूहिक रुद्राभिषेक,151 पार्थिव शिवलिंग का होगा…

    Basti News: ठाकुरजी को गर्मी से बचाने गर्भगृह में मनीष मिश्रा ने लगवाया एसी

    August 21, 2026

    Basti news:मनीष मिश्रा के वादे की पहली किस्त, रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंचे ₹500

    August 21, 2026

    Basti News:मकान बेचने के नाम पर 1.90 करोड़ हड़पने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज 

    August 21, 2026
    LATEST NEWS

    Basti news:24 अगस्त को लोढ़ेश्वर नाथ मंदिर में होगा विशाल सामूहिक रुद्राभिषेक,151 पार्थिव शिवलिंग का होगा निर्माण, अयोध्या से मंगाई गई मिट्टी

    August 23, 2026

    Basti News: ठाकुरजी को गर्मी से बचाने गर्भगृह में मनीष मिश्रा ने लगवाया एसी

    August 21, 2026

    Basti news:मनीष मिश्रा के वादे की पहली किस्त, रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंचे ₹500

    August 21, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1672309
    Hits Today : 2665
    Who's Online : 10
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.