अशोक झा/ सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक सह विधानसभा में मुख्य सचेतक शंकर घोष ने मुख्यमंत्री के उत्तर बंगाल दौरे पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के विकास के नाम पर सरकार और सरकारी तंत्र ने खुली लुट की बढ़ावा दे रखा है। इसके लिए आरटीआई की गई है। इस बात की जानकारी वे पत्रकार वार्ता में दी। इनके साथ अमित जैन और विवेक सिंह मौजूद थे। घोष ने कहा कि सीएम के उत्तर बंगाल दौरा समाप्त होने के बाद, जैसे ही मुख्यमंत्री उत्तर बंगाल से रवाना हुए, तीन चाय बागान बंद कर दिए गए। पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी। शहर वर्ष 2000 से पहले से ही यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। हर तरफ से यह मांग उठ रही थी कि शहर में पार्किंग स्थल बनाया जाए। तत्कालीन मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने वीनस चौराहे पर रेलवे की इस ज़मीन पर पार्किंग स्थल बनाने का फ़ैसला किया। बस, यहीं से शुरू हुआ लोगों के साथ छलावा। कहा गया पार्किंग होगी और पीपीपी मॉडल पर व्यावसायिक इमारतें भी बनेंगी। काम शुरू हुआ, नगर निगम की ज़मीन पर कब्ज़ा हुआ और आंदोलन भी शुरू हो गया। अशोक भट्टाचार्य को एहसास हुआ कि पार्किंग के नाम पर रेलवे से ली गई ज़मीन व्यापारी को सौंपी जा रही है। उन्होंने काम रुकवा दिया।
यह काम लंबे समय तक रुका रहा। कोई तय नहीं कर पा रहा था कि यह काम ऐसे ही बंद रहेगा या ठेका रद्द करके सिर्फ़ पार्किंग स्थल बनकर रह जाएगा। अब जब तृणमूल सत्ता में आई, तो क्या उसने सारे नियम-क़ानून ताक पर रखकर किसी प्यार के बदले में काम होने दिया? इस सरकार ने सिलीगुड़ी के लोगों को पार्किंग के मामले में धोखा दिया है। इतना ही नहीं अभी टीएमसी पार्टी के जिला कार्यालय के निकट कींस नर्सिंग होम से सटे गया गंगा मेडिकल के सटे मरम्मती के नाम पर नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। नगर निगम देखकर भी अनदेखी कर रहा है। नगर निगम में अवैध निर्माण की पोल टीएमसी के पार्षद ही लगातार बोर्ड मीटिंग में खोल रहे है। बोर्ड मीटिंग में विपक्ष का आवाज दबाया जा रहा है। 2005 से 2025 तक, सिलीगुड़ी को दो सरकारों ने धोखा दिया है। विधायक के तौर पर मेरी माँग है कि इस इमारत का ठेका रद्द किया जाए और यहाँ पार्किंग स्थल बनाया जाए। वर्तमान स्थिति में, अगर यहाँ कोई व्यावसायिक इमारत बनती है, तो यातायात की भीड़ बढ़ जाएगी। इसलिए, इस जगह पर पार्किंग स्थल के अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता। फिलहाल, सिलीगुड़ी नगर निगम के आयुक्त को इन सारी बातों के साथ इमारत की स्थिति जानने के लिए एक पत्र लिखा गया है। हमारा मोहल्ला हमारा समाधान सिलीगुड़ी विधानसभा के 261 बूथों की लागत 10 लाख रुपये प्रति बूथ होगी, जिसकी अनुमानित लागत 21 करोड़ 60 लाख रुपये है। इस कार्य के विभिन्न विवरण जानने के लिए आरटीआई दायर की गई है। जल्द ही इस बंदरबांट से भी पर्दा उठाएंगे।
ममता के उत्तर बंगाल से जाते ही बंद हुए तीन चाय बागान: शंकर घोष
कहा, विकास ओर समाधान के नाम पर सरकार ने दिया लूट तंत्र को बढ़ावा
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