अनुभवी शिक्षकों की योग्यता को नजरअंदाज करना उचित नहीं-सीएम योगी
लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के आदेश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग को रिवीजन दाखिल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षक अनुभवी हैं और समय-समय पर सरकार द्वारा उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। ऐसे में उनकी योग्यता और सेवा के वर्षों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
यूपी टीचर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया। फेडरेशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि यह फैसला शिक्षक हित में है। उन्होंने अनुरोध किया कि विभाग द्वारा रिवीजन में जाने से पूर्व एनसीटीई से यह स्पष्ट कराया जाए कि आरटीई-2009 की धारा 23(2) में किया गया संशोधन आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर लागू नहीं होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षक अनुभवी हैं और समय-समय पर सरकार द्वारा उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। ऐसे में उनकी योग्यता और सेवा के वर्षों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
यूपी टीचर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया। फेडरेशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि यह फैसला शिक्षक हित में है। उन्होंने अनुरोध किया कि विभाग द्वारा रिवीजन में जाने से पूर्व एनसीटीई से यह स्पष्ट कराया जाए कि आरटीई-2009 की धारा 23(2) में किया गया संशोधन आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर लागू नहीं होता है।








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