
– जल्द होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन, भाजपा नेता से कार्यकर्ताओं में जोश
अशोक झा/ कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारी तेज कर दी है. बीजेपी इस दौरान चुनावी राज्यों से जुड़े प्रभारियों की घोषणा कर दी है। इस दौरान पार्टी ने तीन राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। बंगाल में अगले वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव होना है। हालांकि यहां के लिए भी भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी से ही चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं। यहां पर केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। जबकि लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब को बतौर प्रदेश चुनाव सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है. जबकि सीआर पाटिल उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री कैशव प्रसाद मौर्य को सह प्रभारी बनाया गया है इसी तरह पश्चिम बंगाल के चुनाव के लिए भूपेंद्र यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है ये जानकारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने गुरुवार को एक पत्र के जरिए साझा की। इस पत्र में उन्होंने पदाधिकारियों के तत्काल नियुक्ति का आदेश भी दिया।
किस राज्य में किसे मिली कमान: बीजेपी की ओर से इस साल होने वाले बिहार 2026 में होने वाले तमिलनाडु के साथ पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी की घोषणा अभी से कर दी है। आइए जानते हैं कि किस राज्य में किसे कमान सौंपी गई है।
बिहारः विधानसभा चुनाव के लिए केंद्दरीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बतौर चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है. जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को प्रदेश चुनाव सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी प्रदेश चुनाव सह- प्रभारी बनाया गया है। तमिलनाडुः देश के दक्षिण राज्य तमिलनाडु में अगले साल यानी 2026 में चुनाव होना है। लेकिन बीजेपी इसके लिए भी प्रभारी अभी तय कर दिए हैं। इसके तहत सांसद बाइजयंत पांडा को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं मुरलीधर मोहोल को चुनाव- सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।श्राद्ध या पितृपक्ष के बाद बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले नवरात्रि में इसपर मुहर लगने की संभावना है। उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद इस पद के लिए बीजेपी का आंतरिक गणित बदल गया है।श्राद्ध या पितृपक्ष के बाद बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले नवरात्रि में इसपर मुहर लगने की संभावना है। उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद इस पद के लिए बीजेपी का आंतरिक गणित बदल गया है।इस दौड़ में तीन केंद्रीय मंत्रियों शिवराज चौहान, धर्मेंद्र प्रधान और मनोहर लाल खट्टर का भी नाम है। ओबीसी नेता के तौर पर भूपेंद्र यादव का नाम भी दौड़ में बताया जा रहा है। इस रेस में भाजपा की कुछ महिला नेताओं के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें निर्मला सीतारमण, पुंरदेश्वरी शामिल हैं। इस तरह से पांच केंद्रीय मंत्री दौड़ में बताए जाते हैं। बीजेपी संगठन के संविधान के अनुसार, उसने पर्याप्त संख्या में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव कर लिया है, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए आवश्यक है. माना जा रहा है कि संगठन में संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा जोरों पर है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में ही पूरा हो गया था। लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था. नया अध्यक्ष चुने जाने तक वो पद पर बने रहेंगे। बिहार और बंगाल विधानसभा चुनाव: बिहार विधानसभा चुनाव अक्तूबर-नवंबर 2025 में हो सकता है. जबकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में हो सकता है. बिहार में बीजेपी-जेडीयू के सामने सरकार बचाने की चुनौती है तो बंगाल में बीजेपी लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आक्रामक हिन्दुत्व का रुख अख्तियार किए हुए है। भाजपा के 25 से ज्यादा राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष: बीजेपी ने 25 से ज्यादा राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर ली है. बीजेपी महासचिव सुनील बंसल और विनोद तावड़े का नाम भी लिया जा रहा है.राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर बीजेपी ऐसे चेहरे पर दांव खेलना चाहेगी, जिसके पास संगठन का अनुभव हो और वो जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों में भी पूरी तरह फिट बैठे। आगामी बिहार और बंगाल विधानसभा चुनाव की अहमियत को भी पार्टी नजरअंदाज नहीं कर सकती।







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