
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: पिछले कई दिनों पूर्व बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाकों में चकमा और बंगाली मूल निवासियों के बीच भड़के जातीय संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल पैदा कर दिया है।।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में बौद्ध मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों का कथित तौर पर बंगाली भीड़ को उकसाने के लिए इस्तेमाल किया गया। हालात की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैकड़ों जातीय परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए अपने घर और व्यवसाय छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा है। खगराछारी में उपद्रवियों ने कम से कम 50 दुकानों और दर्जनों घरों को जलाकर राख कर दिया। इस हिंसक और तनावपूर्ण स्थिति के बीच, प्राधिकार ने शुक्रवार दोपहर को तत्काल कार्रवाई करते हुए खगराछारी और रंगमती कस्बों में सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाते हुए धारा 144 लागू कर दी, ताकि हिंसा को और फैलने से रोका जा सके। इसको लेकर बांग्लादेश ने भारत पर आरोप लगाया है। इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश को खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए। सीमा पर तनाव का माहौल है। इसी बीच खबर आ रही है कि भारत-बांग्लादेश सीमा तनाव के बीच बांग्लादेश के आर्मी चीफ जनरल वकार-उज-जमान भारत यात्रा पर आ रहे हैं। बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष जनरल वकार-उज-जमान इस महीने भारत आ रहे हैं। इस दौरान उनकी आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात हो सकती है। जनरल जमान संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सैन्य योगदान देने वाले देशों के लिए भारत में आयोजित होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन 14 अक्तूबर को नई दिल्ली में किया जाएगा। बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच हो रही है। बांग्लादेश ने सीमा पर भारतीय बाड़बंदी का विरोध किया है। इसके अलावा घुसपैठ के मुद्दे पर भी दोनों देशों के सशस्त्र बलों में तनाव है।
बांग्लादेश के सेना प्रमुख की भारत यात्रा: बांग्लादेश की सेना ने क्या कहा: रिपोर्ट के अनुसार, जनरल वकार-उज-जमान की भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने पर बांग्लादेशी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया कि उसे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख के दौरे का कोई भी कार्यक्रम तय होने के बाद घोषित किया जाएगा। अगर इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह 5 अगस्त, 2024 के बाद बांग्लादेश के किसी शीर्ष सैन्य अधिकारी की भारत की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा होगी।सम्मेलन में कितने देश हिस्सा लेंगे: रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में 30 से अधिक देशों के सैन्य बलों के शीर्ष नेतृत्व भाग लेंगे। भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर ने इस सम्मेलन को एक “अद्वितीय मंच” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत वैश्विक शांति बनाए रखने की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की संयुक्त जिम्मेदारी को बनाए रखने के लिए सेनाओं और राज्यों के संयुक्त अनुभव, ज्ञान और प्रतिबद्धता को एक साथ लाएगा।
सम्मेलन के दौरान क्या होगा: लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर ने आगे कहा कि इस आयोजन में दो पूर्ण सत्र होंगे – पहला सत्र स्थायी संचालन के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों की क्षमता बढ़ाने और आवश्यक रसद जुटाने पर होगा, जबकि दूसरा सत्र शांति अभियानों में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालेगा।संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारत-बांग्लादेश का योगदान
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में भारत के 5373 सैनिक विभिन्न देशों में शांति मिशनों में तैनात हैं। वहीं, बांग्लादेश के वर्तमान में विभिन्न देशों में 5,685 कर्मी तैनात हैं, जो सैन्य योगदान देने वाले देशों में भारत से एक स्थान ऊपर है।










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