अशोक झा/ कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषणा को लेकर बीजेपी और निर्वाचन आयोग पर हमला बोला और आरोप लगाया कि यह कवायद वास्तविक मतदाताओं को बाहर करने और 2026 के राज्य चुनावों से पहले राजनीतिक संतुलन को बिगाड़ने के लिए की गई है।इस पहल को “साइलेंट इनविजिबल रिगिंग (एसआईआर)” बताते हुए उन्होंने दावा किया कि इसे मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए डिजाइन किया गया है। बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर का आदेश केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा दिया गया था। उन्होंने कहा, “बीजेपी के सहयोगी संगठन, निर्वाचन आयोग ने कल एसआईआर की घोषणा की है। यह प्रक्रिया (नाम) शामिल करने की नहीं, बल्कि बाहर करने के बारे में है।”
डायमंड हार्बर के सांसद ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के समय पर कटाक्ष करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “केवल डेढ़ साल पहले ही लोकसभा चुनाव हुए थे। अगर अब मतदाता सूची में विसंगतियां हैं, तो लोकसभा भंग कर नए चुनाव कराए जाने चाहिए।” पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले बनर्जी ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि बांग्लादेश से घुसपैठ और रोहिंग्याओं के बंगाल में प्रवेश के कारण संशोधन की जरूरत पड़ी। इसके खिलाफ बंगाल से दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कहा है कि राज्य में एसआईआर को लेकर कोई समस्या नहीं होगी, क्योंकि भारत का लोकतंत्र और संविधान पर्याप्त मजबूत है। राज्यपाल हुगली जिले के चंदननगर के आदि हालदार पाड़ा जगद्धात्री पूजा मंडप में पहुंचे थे। वहीं उन्होंने कहा कि एसआईआर एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। देश में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह की जाती है। लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन संवाद के माध्यम से हर समस्या का समाधान संभव है। मुझे विश्वास है कि एसआईआर को लेकर किसी प्रकार की अशांति नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने फर्जी मतदाता को हटाकर एक स्वच्छ मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से एसआईआर करने का निर्णय लिया है। भाजपा का दावा है कि एसआईआर की प्रक्रिया में कई फर्जी मतदाताओं के नाम हट जाएंगे, जिससे तृणमूल कांग्रेस को नुकसान होगा। वहीं, राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने भाजपा के इस दावे को खारिज कर चेतावनी दी है कि अगर किसी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया, तो हम दिल्ली जाकर चुनाव आयोग का घेराव करेंगे।।राज्यपाल बोस ने आदी हालदारपाड़ा जगद्धात्री पूजा मंडप में दीप प्रज्वलन कर देवी को प्रणाम किया। यह पूजा मंडप काशी विश्वनाथ मंदिर के मॉडल पर बनाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पूजा कई पीढ़ियों से होती आ रही है, और ‘बुड़िमा’ पूजा के नाम से प्रसिद्ध है। राज्यपाल ने पूजा मंडप में कुछ समय बिताया और पूजा समिति की सराहना करते हुए एक लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की। पूजा समिति के अध्यक्ष दीपांजन गुहा ने कहा कि राज्यपाल प्रतिमा, मंडप और पूरे माहौल से बेहद प्रभावित हुए। हमारी आतिथ्य से प्रसन्न होकर उन्होंने एक लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की, जिससे हम सब बहुत खुश हैं। 103 दिन की प्रक्रिया में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा। इसमें बंगाल, तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को भी शामिल किया गया है। आप भी वोटर्स हैं और आपकी वोटर आईडी में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है तो एसआईआर प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें। मसलन, अगर आप बिहार से यूपी या दिल्ली स्थायी तौर पर प्रवास कर चुके हैं तो आपको नया अपडेशन कराना चाहिए.ऐसा न हो कि बिहार में पुराने पते पर न होने से आपका नाम कट जाए और नई जगह रजिस्टर न कराने से दिल्ली में भी आपका नाम न जुड़ पाए।
बीएलओ तीन बार घर जाएंगे: बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे। हर वोटर के यह फॉर्म रहेगा। अगर परिवार बाहर है तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है। बीएलओ 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा. फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है तो बूथ लेवल ऑफिसर नोटिस दे सकता है। इसके बाद भी एसआईआर में शामिल न होने पर आपका नाम हटाया जा सकता है।
BLO या BLA से संपर्क साधें: मौजूदा जो वोटर हैं, उन्हें एसआईआर से घबराने की जरूरत नहीं है। SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या बूथ लेवल एजेंट (BLA) वोटर को संबंधित फॉर्म देंगे। मतदाता उनका मिलान कराएगा। अगर आपका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है तो एक जगह से हटवाना होगा. अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐड कराने के लिए फॉर्म भरें। इसके लिए स्थायी पते समेत संबंधित दस्तावेज देने होंगे. किसी विदेशी या अवांछनीय व्यक्ति का नाम है तो उसे भी हटाया जाएगा।
एक महीने में अपील संभव
अगर आपका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट गया है तो जब दिसंबर में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसमें चेक करें. एक महीने में अपील कर सकते हैं. डीएम और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग सीईओ तक अपील कर सकते हैं.हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं. बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं.
Voter List में कैसे Check करें नाम: वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो electoralsearch.eci.gov.in और voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं. फोन पर NVSP ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं. डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं। SIR की 3 बड़ी बातें
18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे
वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी
मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे।
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