
अशोक झा/ कोलकाता: बिहार में सफलतापूर्वक विशेष गहन संशोधन (SIR) होने के बाद अब पश्चिम बंगाल समेत देश के 12 राज्यों में SIR के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीतेदिनों इसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी थी। इस बीच पश्चिम बंगाल में इसका विरोध शुरू हो गया है। बंगाल की ममत बनर्जी सरकार के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) के नेता फिरहाद हकीम ने SIR चरण दो के पश्चिम बंगाल में कराए जाने पर भाजपा और चुनाव आयोग को धमकी दी है। उन्होंने टांग तोड़ देने तक की बात कही है।
चुनाव आयोग और बीजेपी को भाई-भाई – ममता के मंत्री
मिली जानकारी के अनुसार, बंगाल की राजधानी कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी सरकार के मंत्री फिरहाद हकीम ने SIR और NRC पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी जो डर दिखा रही है, जब तक ममता बनर्जी है, बीजेपी के बाप की क्षमता नहीं है, यहां पर NRC करे।
मंत्री ने कहा कि बंगाल के एक भी सही वोटर का नाम हम कटने नहीं देंगे। हकीम ने चुनाव आयोग और बीजेपी को भाई-भाई बता दिया है। उनके पांव तोड़ दिया जाएगा – फिरहाद हकीम
फिरहाद हकीम ने कहा आज हम लोग ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की तरफ से ऑल पार्टी मीटिंग में आएं। अगर एक भी असली वोटर का नाम कटा तो हम लोग SIR का विरोध करेंगे। बंगाल के एक भी सही वोटर का नाम हम कटने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि CAA के नाम से जो कैंप हो रहा है, ये चुनाव आयोग की सांठगांठ से हो रहा है तो हम इसके खिलाफ जाएंगे। CAA जो कर रहा है, बीजेपी और चुनाव आयोग, इनका जो गठबंधन बन रहा है, इसके खिलाफ हम करेंगे, उनके पांव तोड़ दिया जाएगा।
…एक लाख लोग भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेंगे – अभिषेक बनर्जी
टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी भारत निर्वाचन आयोग को धमकी दी है। मंगलवार को ही कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने दोहराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर करने और उन्हें उनके मताधिकार से वंचित करने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार छीने गए तो एक लाख लोग नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेंगे।अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण में लोगों से अपील की कि वे बीजेपी नेताओं से सवाल करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई बीजेपी नेता आपसे आपके माता-पिता या दादा-दादी का सर्टिफिकेट मांगे, तो उन्हें रोक लो। उनसे कहो कि पहले वो अपने मां-बाप के सर्टिफिकेट दिखाएं। अगर नहीं दिखा पाए तो उन्हें किसी पेड़ या खंभे से बांध दो। लेकिन ध्यान रहे, उन्हें मारना मत – सिर्फ बांधना है। उन्होंने कहा कि “हम हिंसा में विश्वास नहीं करते, लेकिन बीजेपी की राजनीति का जवाब जनता को देना होगा।
बंगाल में फिर छिड़ी नागरिकता बहस
टीएमसी का आरोप है कि SIR के ज़रिए बीजेपी और चुनाव आयोग NRC जैसे माहौल को दोहरा रहे हैं। NRC का उद्देश्य यह तय करना था कि कौन नागरिक है और कौन नहीं। टीएमसी का कहना है कि NRC और CAA (Citizenship Amendment Act) दोनों से गरीब और जिनके पास डाक्यूमेंट्स नहीं उन लोगों को सबसे ज़्यादा नुकसान होगा। अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे निशाना साधते हुए कहा “क्या अमित शाह और ज्ञानेश कुमार खुद अपने दादा-दादी के दस्तावेज दिखा पाएंगे? जब वो नहीं दिखा सकते, तो आम जनता से क्यों मांग रहे हैं?”
वहीं बीजेपी ने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आत्महत्या की असली वजह की जांच पुलिस को करने दी जानी चाहिए, लेकिन टीएमसी इस दुखद घटना का राजनीतिक फायदा उठा रही है।
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब बंगाल में मार्च 2026 तक विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही आरोप लगा चुकी हैं कि बीजेपी “एनआरसी के नाम पर डर फैलाने” की साजिश कर रही है। अब अभिषेक बनर्जी के बयान के बाद बंगाल की सियासत एक बार फिर “नागरिकता बनाम साजिश” के बहस में फंसती दिख रही है।
इन 12 राज्यों में SIR का दूसरा चरण:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था, “एसआईआर का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा।” इनके नाम हैं – अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन – चुनाव आयोग
चुनाव आयोग के अनुसार, मुद्रण और प्रशिक्षण (printing and training) 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक होगा, इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना चरण होगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी, इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी, 2026 तक दावे और आपत्ति का समय होगा। नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन के लिए) 9 दिसंबर से 31 जनवरी, 2026 के बीच होगा, 7 फरवरी, 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।









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