Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    शुभेंदु अधिकारी पर हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, बंगाल में लोकतंत्र की हत्या करवा रही है मुख्यमंत्री

    January 11, 2026

    UP STF को बड़ी कामयाबी: BAMS की फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का सरगना प्रयागराज में गिरफ्तार

    January 10, 2026

    दुबई में पति को जेल भेजने की धमकी, बस्ती में महिला से 80 हजार की साइबर ठगी

    January 10, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, January 12
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » नभ मंडल से असंख्य तारिकाएं काशी के घाट पर देवताओं के स्वागत के लिए उतरी

    नभ मंडल से असंख्य तारिकाएं काशी के घाट पर देवताओं के स्वागत के लिए उतरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपक जलाकर देव दीपावली कार्यक्रम का किया शुभारंभ
    Roaming ExpressBy Roaming ExpressNovember 5, 2025 उत्तर प्रदेश

    *मुख्यमंत्री के दीपक जलाते ही पूरा गंगा घाट असंख्य दीयों से हुआ जगमग*

    *सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधिवत् गंगा पूजन किया*

    *देव दीपावली पर्व पर काशी के गंगा घाट असंख्य दीपकों से हुए जगमग*

    *आस्था और सौंदर्य के इस शाश्वत मिलन को देखने वाली हर आत्मा हुई मंत्रमुग्ध*

    *आस्था, संस्कृति एवं परंपरा के महापर्व पर श्री काशी विश्वनाथ के पवित्र धाम में मां गंगा के पावन तट व सभी 88 गंगा घाटों पर मनाया गया देव दीपावली*

    *दीपकों के जगमगाहट में गंगा घाट का विहंगम दृश्य देखने उमड़ा आस्थावान जन सैलाब*

    वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था, संस्कृति एवं परंपरा के महापर्व देव दीपावली के पावन पर्व पर नमो घाट पर पहला दीपक जलाकर विधिवत् देव दीपावली का शुभारंभ किया। तत्पश्चात् उन्होंने गंगा पूजन किया। मुख्यमंत्री के दीपक जलाते ही आस्था, संस्कृति एवं परंपरा के महापर्व पर श्री काशी विश्वनाथ के पवित्र धाम में मां गंगा के पावन तट व सभी 88 गंगा घाटों पर मनाए जा रहे देव दीपावली पर्व पर काशी के गंगा घाट असंख्य दीपकों से जगमग हुए। दीपकों के जगमगाहट में गंगा घाट का विहंगम दृश्य देखते ही बन रहा था। ऐसा लग रहा था कि नभ मंडल से असंख्य तारिकाएं काशी के घाट पर देवताओं के स्वागत के लिए उत्तर आई हो। देव दिवाली भगवान शिव की राक्षस त्रिपुरासुर पर विजय की याद में मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने ब्रह्मांड की रक्षा की थी और उसी खुशी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन सभी देवता काशी में प्रकट हुए थे और खुशी में गंगा घाट पर दीपावली मनाए थे।
    इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नमो घाट से क्रूज से काशी के गंगा घाटों पर देव दीपावली के विहंगम दृश्य तथा शिवाला घाट पर गंगा के जल लहरियों पर लेज़र शो का अवलोकन किया। इस दौरान गंगा घाटों ग्रीन आतिशबाजी भी हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, मुख्य सचिव एस पी गोयल, कमिश्नर एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आदि लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
    बताते चलें कि दीपों का यह त्योहार वाराणसी के घाटों को एक दिव्य दृश्य में बदल देता है। दिवाली के पंद्रह दिन बाद, कार्तिक पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस त्योहार में, पूरा नदी तट लाखों मिट्टी के दीपों से जगमगा उठता है, जो एक ऐसा नज़ारा प्रस्तुत करता है जो कालातीत लगता है। हालाँकि इसका वर्तमान स्वरूप 1985 का ही है, यह त्योहार अपने आप में पौराणिक कथाओं और सदियों पुरानी परंपराओं में गहराई से निहित है। एक पौराणिक कथा भगवान शिव और राक्षस तारकासुर के तीन पुत्रों-विद्युन्माली, तारकाक्ष और कमलाक्ष-की कहानी कहती है। घोर तपस्या के माध्यम से, इन भाइयों ने भगवान ब्रह्मा से वरदान प्राप्त किया कि स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल लोक में स्थित, सोने, चाँदी और लोहे से बने तीन अजेय किले। त्रिपुरा नामक ये किले, हज़ार साल में केवल एक बार ही बनते थे, और इन्हें एक असंभव से दिखने वाले रथ से छोड़े गए एक ही बाण से, और वह भी केवल क्रोध से रहित रथ से ही, नष्ट किया जा सकता था। इस वरदान के प्रभाव में, राक्षस फलते-फूलते रहे, जिससे देवता भयभीत हो गए। पहले तो न तो ब्रह्मा और न ही शिव ने हस्तक्षेप किया, क्योंकि दोनों भाई धर्म से रहते थे। लेकिन विष्णु की सलाह पर, एक दिव्य प्राणी द्वारा प्रचारित एक नए सिद्धांत के माध्यम से राक्षसों को आसानी से गुमराह किया गया, यहां तक ​​कि नारद ऋषि को भी उनका धर्म परिवर्तन करा दिया गया। एक बार जब वे धर्म से भटक गए, तो शिव ने देवताओं की संयुक्त शक्तियों को अवशोषित कर लिया और एक असाधारण रथ बनाया। पृथ्वी उसका शरीर, मेरु पर्वत उसका धनुष, वासुकि नाग उसकी डोर और पाशुपत अस्त्र उसका एकमात्र बाण। रथ खींचने के लिए विष्णु ने एक शक्तिशाली बैल का रूप धारण किया। जब तीनों किले एक सीध में आ गए, तो शिव ने बाण छोड़ा और त्रिपुरा को नष्ट कर दिया। मारे गए प्राणियों के प्रति उनके करुणा के आंसुओं से रुद्राक्ष का वृक्ष उग आया। बुराई पर अच्छाई की यह जीत देव दीपावली की पौराणिक जड़ों में से एक है।
    एक और कथा राजा दिवोदास (रिपुंजय) से संबंधित है। दैवीय शक्तियों से संपन्न, उन्होंने एक संधि के तहत काशी पर शासन किया, जिसके तहत शिव और देवताओं को भी नगर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। जब शिव ने पार्वती से विवाह किया, तो वे काशी में निवास करना चाहते थे, लेकिन इस संधि के कारण उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। देवताओं ने दिवोदास में दोष ढूँढ़ने का प्रयास किया, योगिनियों, आदित्यों, भैरवों और यहाँ तक कि ब्राह्मण वेशधारी गणेश को भी भेजा। किसी को कोई दोष नहीं मिला, क्योंकि राजा न्यायप्रिय और धर्मात्मा थे। समय के साथ, गणेश ने, मुख्य सलाहकार के रूप में, दिवोदास को मन की शांति के लिए शिव को वापस बुलाने के लिए धीरे से राजी किया। राजा ने आज के मीर घाट के पास एक शिवलिंग की स्थापना की और शिव से वहाँ स्थायी रूप से निवास करने का अनुरोध किया। अति प्रसन्न होकर, देवता काशी लौट आए और घाटों को दीपों की पंक्तियों से जगमगा दिया, जिससे दिव्य घर वापसी के पर्व के रूप में देव दीपावली का जन्म हुआ।
    आज, यह उत्सव किसी अद्भुत अनुभव से कम नहीं है। असंख्य दीप घाटों, मंदिरों, छतों पर और यहाँ तक कि गंगा नदी पर भी तैरते हैं, जिससे इसकी अर्धचंद्राकार परिक्रमा प्रकाश की एक झिलमिलाती आकाशगंगा में बदल जाती है। परंपरा के अनुसार, इंदौर की मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 18वीं शताब्दी में इस प्रथा को पुनर्जीवित किया था और पंचगंगा घाट पर एक हज़ार दीपों वाला एक विशाल स्तंभ बनवाया था, जो आज भी हर साल सबसे पहले जलाया जाने वाला स्थान है।
    देव दीपावली उत्सव आतिशबाजी, सजी हुई नावों, अग्नि-भक्षक और तैरते मंचों पर शास्त्रीय संगीत और नृत्य के सांस्कृतिक प्रदर्शनों से समृद्ध होता है। नमो घाट, दशाश्वमेध और शीतला घाटों पर, विशाल दीपों, कपूर की लौ और पुष्पांजलि के साथ भव्य गंगा आरती और दुग्धाभिषेक किया जाता है। शिवाला घाट पर गंगा की उठती जल तरंगों पर लेज़र शो ने प्राचीन वैभव में एक आधुनिक स्पर्श जोड़ा है। फिर भी, यह त्यौहार केवल आनंद का ही प्रतीक नहीं है। यह भारत के शहीदों के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि भी है। थलसेना, वायुसेना, नौसेना, सीआरपीएफ और एनसीसी इकाइयों के सैनिक एक औपचारिक सलामी, अंतिम पोस्ट में भाग लेते हैं, जबकि शहीदों के सम्मान में आकाशदीप जलाए जाते हैं। इस प्रकार देव दीपावली उत्सव और स्मरण दोनों का प्रतीक है, जो पौराणिक कथाओं, भक्ति और देशभक्ति को एक साथ पिरोती है। इस रात, वाराणसी सचमुच काशी बन जाती है-“प्रकाश नगरी”-जहाँ लाखों टिमटिमाती लपटें देवताओं के स्वागत का एक प्रकाशमय संदेश भेजती हैं, और आस्था और सौंदर्य के इस शाश्वत मिलन को देखने वाली हर आत्मा को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

    Post Views: 58

    Related Posts

    दुबई में पति को जेल भेजने की धमकी, बस्ती में महिला से 80 हजार की साइबर ठगी

    January 10, 2026By Roaming Express

    कुआनो नदी में कूदीं दो किशोरियां, ग्रामीणों ने बचाई जान

    January 10, 2026By Roaming Express

    बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज में शिक्षक–अभिभावक बैठक, शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने पर हुआ चर्चा

    January 10, 2026By Roaming Express

    15 दिन में गन्ना बकाया भुगतान नहीं तो होगा मिल घेराव, किसान कांग्रेस का बजाज शुगर मिल को अल्टीमेटम

    January 10, 2026By Roaming Express

    राष्ट्रीय सहारा’अखबार का बंद होना दुखद ,तीन दशकों तक हिंदी पत्रकारिता की आवाज़ रहा अख़बार हो गया खामोश

    January 10, 2026By Roaming Express

    राम मंदिर में कश्मीरी मुस्लिम युवक संदिग्ध परिस्थितियों में गिरफ्तार

    January 10, 2026By Roaming Express
    आज का मौषम
    मौसम
    Top Posts

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    शुभेंदु अधिकारी पर हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, बंगाल में लोकतंत्र की हत्या करवा रही है मुख्यमंत्री

    January 11, 2026

    अशोक झा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर हुए हमले को लेकर केंद्रीय…

    UP STF को बड़ी कामयाबी: BAMS की फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का सरगना प्रयागराज में गिरफ्तार

    January 10, 2026

    दुबई में पति को जेल भेजने की धमकी, बस्ती में महिला से 80 हजार की साइबर ठगी

    January 10, 2026

    कुआनो नदी में कूदीं दो किशोरियां, ग्रामीणों ने बचाई जान

    January 10, 2026
    LATEST NEWS

    शुभेंदु अधिकारी पर हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, बंगाल में लोकतंत्र की हत्या करवा रही है मुख्यमंत्री

    January 11, 2026

    UP STF को बड़ी कामयाबी: BAMS की फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का सरगना प्रयागराज में गिरफ्तार

    January 10, 2026

    दुबई में पति को जेल भेजने की धमकी, बस्ती में महिला से 80 हजार की साइबर ठगी

    January 10, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1508257
    Hits Today : 1899
    Who's Online : 13
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.