– बाघाजातीन पार्क में होगा सामूहिक सम्मान, पानघर हाशमी चौक पर किया जायेगा सम्मान
– शनिवार को कोलकोता में बंगाल क्रिकेट संघ करेगा सम्मानित
अशोक झा/ सिलीगुड़ी:
सिलीगुड़ी की बेटी आज क्रिकेट का विश्व चैंपियन बन अपने घर सिलीगुड़ी लौट रही है। वह खिलाड़ी कोई और नहीं ऋचा घोष है। सुबह उसके स्वागत के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट पर खेल प्रेमी गाजा बाजा के साथ उसका स्वागत करेंगे। वहां से वह सड़क मार्ग से बाघा जतिन पार्क पहुंचेगी। यहां उसे शहर की ओर से विभिन्न संगठनों के द्वारा स्वागत किया जाएगा। भाजपा के जिला महासचिव सह पूर्व पार्षद ना पाल ने बताया कि हाशमी चौक पान घर के निकट उसका जोरदार स्वागत किया जाएगा। बंगाल क्रिकेट संघ भारत की विकेट कीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को महिला विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के लिए यहां शनिवार को ईडन गार्डंस पर एक भव्य सम्मान समारोह में खास तौर से बनाए गए सोने की परत चढ़ा बल्ला और गेंद प्रदान करेगा। भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत की शिल्पकारों में से एक ऋचा ने आठ पारियों में 133.52 की स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। वह टीम के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाली पांच बल्लेबाजों में से थीं। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और महान तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के हस्ताक्षर वाला बल्ला उन्हें भारतीय क्रिकेट में अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। कैब अध्यक्ष गांगुली ने कहा कि अपने बेखौफ खेल से बंगाल और भारत का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी को सम्मानित करना संघ के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा, “ऋचा ने असाधारण प्रतिभा और जुझारूपन का प्रदर्शन विश्व स्तर पर किया है। उन्हें सम्मानित करना भारतीय क्रिकेट के लिए उनके अतुलनीय योगदान के प्रति हमारा सम्मान है। वह बंगाल और देश के युवा क्रिकेटरों की प्रेरणास्रोत हैं।”
सातवें नंबर पर उतरी सिलिगुड़ी की 22 वर्ष की इस क्रिकेटर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डी वाई पाटिल स्टेडियम पर फाइनल में 24 गेंद में 34 रन बनाए थे। भारत ने वह मैच 52 रन से जीता। ऋचा ने एक विश्व कप में सर्वाधिक 12 छक्कों के वेस्टइंडीज के डिएंड्रा डोटिन के रिकॉर्ड की भी बराबरी की।
ऋचा ने हाल ही में कहा कि भारत की विश्व कप विजेता टीम विश्वास और अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता की नींव पर बनी, जिसमें कोच अमोल मजूमदार ने उन्हें ‘फिनिशर’ की भूमिका सौंपी। उन्होंने जियो स्टार के ‘फॉलो द ब्लू’ कार्यक्रम में कहा, “मेरा मुख्य काम मैच में आखिर तक टिककर तेजी से रन बनाने का था। मुझे जब भी बल्लेबाजी का मौका मिला तो मैंने यही करने की कोशिश की। मैंने स्ट्राइक रेट ऊंचा रखकर विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने का प्रयास किया।”









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