
अशोक झा/ कोलकाता: विश्व विजेता ऋचा घोष अब बंगाल पुलिस में डीएसपी बन गई हैं। भारतीय महिला टीम की स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को शनिवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नियुक्ति पत्र सौंपा।साथ ही विश्व विजेता ऋचा घोष को बंगभूषण अवॉर्ड से भी सम्मानित किया। इस दौरान पूर्व भारतीय पुरुष टीम की कप्तान सौरव गांगुली और भारतीय महिला टीम की पूर्व तेज गेंदबाज व कप्तान झूलन गोस्वामी जैसे दिग्गज मौजूद रहे।
ऋचा घोष को मिला बड़ा सम्मान
22 साल की ऋचा घोष ने भारतीय महिला टीम को वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद ऋचा को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार, 8 नवंबर को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान ऋचा घोष को DSP की नियुक्ति पत्र सौंपा. इसके अलावा, बंगाल सरकार ने ऋचा को प्रतिष्ठित ‘बंगभूषण’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया है. साथ ही मुख्यमंत्री ने उन्हें एक सोने की चेन भी भेंट की.
CAB ने दिया गोल्डन बैट और बॉल
वहीं, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने ऋचा को उनके शानदार योगदान के लिए एक गोल्डन बैट और गोल्डन बॉल दिया है. इसके अलावा, CAB ने उन्हें 34 लाख रुपये नकद पुरस्कार भी दिया है. बता दें कि, ऋचा ने वर्ल्ड कप के फाइनल में 34 रन बनाए थे, जो भारत की जीत में निर्णायक साबित हुए।
गांगुली के दुखती रग पर ममता बनर्जी ने रखा हाथ : बंगाल क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह के दौरान बंगाल की शान सौरव गांगुली भी मंच पर मौजूद थे. इस दौरान सीएम ममता बनर्जी उन्हें भड़काती नजर आई. ममता ने कहा कि सौरव गांगुली को इस वक्त आईसीसी का चेयरमैन होना चाहिए था. उनका इशारा सीधे तौर पर बीजेपी की तरफ था। ममता बनर्जी ने कहा, “हमारे आस-पास हमेशा से कई दोस्त रहे हैं, लेकिन कुछ दुश्मन भी रहे हैं. आज सौरव को आईसीसी अध्यक्ष बनना था। मुझे पूरा विश्वास है कि देर-सवेर वो जरूर बनेंगे.” दरअसल, मौजूदा वक्त में जय शाह आईसीसी के चेयरमैन हैं. जय शाह जब बीसीसीआई के सचिव थे, तब सौरव गांगुली को बीसीसीआई का चेयरमैन बनाया गया था।राजनीतिक गलियारों में यह बात जगजाहिर है कि बीजेपी बंगाल की राजनीति में सौरव गांगुली का इस्तेमाल करना चाहती थी. एक मौके पर तो खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी कोलकाता में सौरव गांगुली के घर पर खाना खाने के लिए पहुंचे थे. ऐसा माना जा रहा था कि दादा बीजेपी ज्वाइंन करने वाले हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
सौरव गांगुली द्वारा राजनीति से दूरी बनाने के बाद उन्हें बीसीसीआई चेयरमैन पद पर अगला कार्यकाल नहीं दिया गया था. जिसके बाद से ही ममता बनर्जी बीजेपी पर इस विषय को लेकर हमलावर रही हैं।।दादा के आईसीसी चेयरमैन नहीं होने का मुद्दा उठाकर उनका निशाना सीधे तौर पर जय शाह की तरफ है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमित शाह के बेटे इस वक्त आईसीसी के चेयरमैन हैं. ममता बनर्जी चाहती हैं कि दादा को आईसीसी का चेयरमैन होना चाहिए था। वो सौरव गांगुली के माध्यम से बीजेपी पर निशाना साधती नजर आई।









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