
– जीत के बाद जश्न ऐसा जैसे गोपाल अग्रवाल नहीं क्षेत्र की जनता की हुई हो जीत
अशोक झा/ पटना: सीमांचल की धड़कन कहलाने वाली ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र से ठाकुरगंज के पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल ने 20 साल बाद जदयू प्रत्याशी के रूप में शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने सीमांचल के किशनगंज जिले में एनडीए का मान बढ़ा दिया है। जदयू के प्रत्याशी गोपाल अग्रवाल अपने निकटतम प्रतिद्वंदी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रत्याशी गुलाम हसनैन
को 8822 वोट से पराजित किया। जरा वोटो पर नजर डाले तो गोपाल कुमार अग्रवाल जनता दल (यूनाइटेड) को 85243,गुलाम हसनैन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन को 76421,सऊदी आलम ,राष्ट्रीय जनता दल को 60036, एमडी एकरामुल हक जन सुराज पार्टी को 6806, एमडी फैजान अहमद, स्वतंत्र को 1723, बासुदेव सिंह , स्वतंत्र को 3814, मुश्ताक स्वतंत्र को 1419 ,मोहम्मद मुख्तार ,स्वतंत्र को 2544, सुजीत कुमार पूर्वी स्वतंत्र को 2022 वोट मिले। यहां मतदाताओं की कुल संख्या 301120 है। डाले गए वैध मतों की कुल संख्या:241958 इसमें उपरोक्त में से कोई नहीं (नोटा) की कुल संख्या 3609, अस्वीकृत मतों की कुल संख्या 45 रहा। हमने आपसे जीत में हम का जिक्र किया है, जरा इसे समझे। यहां जहां करीब 58% मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं, जो इस क्षेत्र को सीमांचल की बाकी सीटों से जोड़ता है। इसके अलावा SC (5.44%) और ST (6.13%) मतदाता भी चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी हिन्दू उम्मीदवार की जीत मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन दिख रही थी। तब हम का जादू चलने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं दिख रहा था। यहां 96% से ज़्यादा आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है, यानी यहां की सियासत अब भी खेत-खलिहान, सड़क, पानी, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। यहां एक रहोगे तो सेफ रहोगे के नारे को लोगों ने साध लिया था। इसके पीछे एनडीए विरोधियों की दिल छलनी करने वाले बयान ही जिम्मेदार है। वही सीमांचल की गांधी कहे जाने वाले सुरजापुरी विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ताराचंद धानुका जो गोपाल अग्रवाल के पिता है ने शुरू से ही क्षेत्र में गंगा जमुनी तहजीब को जिया है। अपने बच्चों को यही संस्कार दिया है। उन्हीं के सींचे बगिया से सुरजापुरी हिंदुओं ने एकजुट होकर राजनीतिक वोटो के दूध को गर्म कर पतीला में परोस दिया। उसके बाद म यानि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के सुरजापुरी समर्थक और गोपाल पर भरोसा करने वालो ने उसमें अपने वोट से जीत की दही जमाने में कामयाब रहें। जदयू नीतीश कुमार की पार्टी को क्षेत्र की जनता सेकुलर मानती आ रही है जिसको लेकर 15 वर्षों बाद गोपाल अग्रवाल ने सबसे पहले जदयू में योगदान किया। टिकट मिलने पर जीत का भरोसा पार्टी को दिलाया। उसके साथ पूर्व विधायक नौशाद आलम के साथ मिलकर जीत के लिए रणनीति बनाई। यही कारण था कि
उनका खुले मंच से विरोध करने वाले नेता हाथ मिलाकर, माला पहनकर स्वागत करते नजर आए थे। जीत के साथ उसके बाद बधाई देने वाला का देर रात तक तांता लगा रहा। गोपाल अग्रवाल ने अपनी जीत को नीतीश कुमार और यहां की जनता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह जीत यह साबित कर दिया कि सुरजापुरी इस क्षेत्र में आज भी गंगा यमुनि संस्कृति और सांप्रदायिक एकता जिंदा है और हमेशा जिंदाबाद रहेगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि उनकी और जिम्मेदारी बढ़ गई है कि क्षेत्र में इस मिशाल को आगे लेकर जाए।










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