अशोक झा/ पटना: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को बिहार में भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पार्टी नेता साध्वी निरंजन ज्योति को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।इससे पहले लगातार नई सरकार के गठन को लेकर बैठकें की जा रही हैं। वहीं अब खबर आ रही है कि नीतीश के इस्तीफे से पहले बीजेपी एक्शन मोड में है। बीजेपी ने विधायक दलों की बैठक बुलाई है। खास बात यह है कि यह बैठक 19 नवंबर को सुबह 10 बजे ही बुलाई गई है। जबकि नीतीश अपना इस्तीफा 11 या 12 बजे तक सौंपेंगे। ऐसे में बीजेपी की इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। पटना से दिल्ली तक एनडीए नेताओं के बीच बैठकों का दौर चल रहा है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार नीतीश की नई कैबिनेट में 8 से 10 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड से कई पुराने चेहरों को मौका मिलेगा। चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने कई मंत्री बदल सकती है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कई दावे किए जा रहे हैं। इनमें बताया जा रहा है कि 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम समेत 20 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। फिर कुछ दिन बाद कैबिनेट का विस्तार करके अन्य मंत्रियों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा। बिहार चुनाव के नतीजों में एनडीए को 243 में 202 सीटों पर जीत मिली। भाजपा ने 89, जदयू ने 85, लोजपा-आर ने 19, हम ने 5 और आरएलएम ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की। फॉर्मूले के अनुसार 6 विधायक पर एक मंत्री बन सकता है। इस हिसाब से भाजपा से 15-16 मंत्री बन सकते हैं। जदयू से 14-15 नेताओं को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है। चिराग पासवान की लोजपा-आर से 2-3 और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री बनाया जा सकता है। जदयू में अधिकतर पुराने चेहरे रिपीट होंगे?
नीतीश की जेडीयू में विजेंद्र यादव, विजय चौधरी, लेशी सिंह जैसे पुराने मंत्रियों के रिपीट होने की चर्चा है। पिछली बार मंत्री रहे सुमित सिंह हार गए हैं। उनकी जगह किसी नए चेहरे को शामिल किया जा सकता है। नए नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक-दो मौजूदा मंत्रियों का पत्ता कट भी सकता है। अशोक चौधरी पर सबकी नजर होगी कि उनको मौका मिलता है या नहीं। अगर चौधरी का पत्ता कटता है तो प्रशांत किशोर के निशाने पर रहे दूसरे मंत्रियों पर भी खतरा बढ़ जाएगा।
जदयू से चर्चा में ये नए चेहरे : जेडीयू कोटे में जिन नए नामों की चर्चा चल रही है, उनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का नाम रेस में सबसे आगे है। चुनाव में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले रूपौली से विधायक बने कलाधर मंडल को भी जगह मिल सकती है। राहुल सिंह, सुधांशु शेखर, पन्ना लाल सिंह पटेल का नाम भी चर्चा में है।
भाजपा से ये नए चेहरे बन सकते हैं मंत्री:
नीतीश कैबिनेट में भाजपा से कई चेहरे देखने को मिल सकते हैं। भाजपा से जिन नेताओं के मंत्री बनने की चर्चा है, उनमें राणा रणधीर, गायत्री देवी और विजय खेमका का नाम शामिल है। उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की पार्टी से पहली बार मंत्री बनाए जाएंगे। जीतनराम मांझी के बेटे संतोष सुमन के ही दोबारा मंत्री बनने की संभावना है।
स्पीकर और डिप्टी सीएम के नाम पर भी मंथन
भारतीय जनता पार्टी पिछली बार की तरह स्पीकर का पद भी अपने पास रख सकती है। हालांकि, जेडीयू की नजर भी विधानसभा अध्यक्ष पद पर है। सरकार में कितने डिप्टी सीएम होंगे, यह अभी साफ नहीं है। अटकलों के अनुसार भाजपा से दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। चिराग की पार्टी से भी एक डिप्टी सीएम की चर्चा है, लेकिन इसकी संभावना बीजेपी के रुख पर निर्भर है।कैशव प्रसाद को अहम जिम्मेदारी
नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी पकड़ रही है. बीजेपी विधायक दल की बैठक के लिए पार्टी प्रेसीडेंट जेपी नड्डा ने इस अहम बैठक के लिए यूपी के उपमुख्यमंत्री बिहार चुनाव के सह प्रभारी रहे केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उनके साथ केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति अर्जुनराम मेघवाल सह-पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे. बता दें कि बुधवार, 19 नवंबर की सुबह 10 बजे पटना में होने वाली यह बैठक बिहार की सियासत में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है. मौर्य को संगठनात्मक अनुभव चुनावी रणनीतियों के कारण इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। विधायक दल का नेता चुनेगी बीजेपी: बैठक का मुख्य एजेंडा नए विधायक दल के नेता का चुनाव करना है. शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले होने वाली इस बैठक में पार्टी नेतृत्व की दिशा स्पष्ट हो जाएगी. 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण से पहले सभी दल अपने-अपने विधायक दल की बैठकें पूरी कर लेंगे, जिसके बाद एनडीए के संयुक्त विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। एनडीए की बैठक में गठबंधन के नेता का चयन होगा, जो राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा. उम्मीद है कि यह प्रक्रिया भी कल तक पूरी हो जाएगी.
दो डिप्टी सीएम की चर्चा तेज: राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी गर्म है कि इस बार बिहार में बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. हालांकि इन पदों के लिए किन नेताओं के नाम पर सहमति बनेगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. सूत्रों का कहना है कि सरकार गठन से पहले बीजेपी जेडीयू के बीच कई बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है अब केवल अंतिम मुहर लगना बाकी है।नीतीश कुमार का नाम लगभग तय?
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत सामने आए हैं. सूत्रों के मुताबिक, एनडीए के भीतर नीतीश कुमार के नाम पर सहमति बन चुकी है. हालांकि इस बार जेडीयू बीजेपी के बीच संख्या का अंतर पहले जैसा नहीं है बीजेपी के पास 89 विधायक हैं जेडीयू 85 सीटों पर काबिज है ऐसे में मंत्रालयों के बंटवारे पर गहन चर्चा जारी है. डिप्टी सीएम पद को लेकर बीजेपी खास रणनीति बना रही है ताकि बिहार के सामाजिक समीकरणों को संतुलित किया जा सके।









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