
अशोक झा/पटना : नीतीश कुमार 10 वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।माना जा रहा है कि 22 मंत्री नीतीश कुमार के साथ शपथ ले सकते हैं। नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार (20 नवंबर) को नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं होगा। उनके साथ बीजेपी नेता सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई जाएगी।एनडीए की अहम बैठक विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित हुई, जिसमें सभी घटक दलों जदयू, भाजपा, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के विधायक मौजूद रहे। इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसका एनडीए के विधायकों ने समर्थन किया।।वहीं, एनडीए विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को दोपहर राजभवन के लिए रवाना हो गए। राजभवन जाते समय नीतीश कुमार के साथ एनडीए के सभी सहयोगी दलों के शीर्ष नेता मौजूद थे। जदयू अध्यक्ष, भाजपा विधायक दल के नेता, हम और वीआईपी दल के प्रतिनिधि, सभी एक साथ पूरे राजनीतिक गठजोड़ की मजबूती का संदेश दे रहे थे।
मौजूदा मुख्यमंत्री होने के कारण उन्होंने पहले अपने पद से राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को इस्तीफा सौंपा और नई सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया। इस प्रक्रिया के दौरान राज्यपाल ने उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभाते रहने को कहा। नीतीश कुमार गुरुवार को दोपहर करीब डेढ बजे पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री की पद शपथ लेंगे।
यह उनका 10वीं बार शपथ ग्रहण होगा, जिसे लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ 20 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनडीए शासित राज्यों के तमाम मुख्यमंत्री आएंगे। वहीं, इससे पहले आज दिन की शुरुआत जदयू विधायक दल की बैठक से हुई, जहां पार्टी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को अपना नेता चुना। इसके बाद भाजपा की बैठक में सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया। अलग-अलग बैठकों के बाद एनडीए के सभी विधायक दोपहर करीब 3 बजे सेंट्रल हॉल पहुंचे। जहां एनडीए विधायक दल की बैठक हुई। बता दें कि बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो गई है। 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में भव्य रूप से शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। माना जा रहा है कि एनडीए का संयुक्त मंत्रिमंडल इस बार बड़ा और संतुलित होगा, जिसमें बीजेपी और जदयू को लगभग बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा। जबकि सहयोगी दलों को भी जगह दी जाएगी। एनडीए की इस सर्वसम्मति से यह स्पष्ट है कि गठबंधन नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चलाने को लेकर पूरी तरह एकजुट है। सूत्र बताते हैं कि नई सरकार के गठन में इस बार मुख्यमंत्री के साथ ही मंत्रिमंडल के कई चेहरों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
एनडीए गठबंधन मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में है और माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे में भी इस बार नई प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं की गति और कानून-व्यवस्था को लेकर गठबंधन की अगली रूपरेखा एनडीए की पहली बैठक में तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो उपमुख्यमंत्रियों के अलावा करीब 20 मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण करेंगे। इन मंत्रियों में भाजपा, जदयू के अलावा लोजपा (रा), हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के विधायक भी शामिल होंगे। भाजपा के मंत्रियों की सूची को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंतिम रूप दे रहे हैं, जबकि जदयू के मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बना रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो भाजपा से सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, नितिन नवीन, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, विजय मंडल, नीतीश मिश्रा, रेणु देवी, संजीव चौरसिया और श्रेयसी सिंह मंत्री बन सकती हैं। जबकि जदयू से विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार फिर से मंत्री बन सकते हैं।
वहीं, लोजपा(रा) से राजू तिवारी, संजय पासवान और डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह का नाम चर्चा में हैं। जबकि हम से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन फिर से मंत्री बन सकते हैं। इसके साथ ही रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा का नाम सबसे आगे है। सूत्रों के अनुसार नीतीश सरकार में इस बार 35 से 36 मंत्री बन सकते हैं।
6 विधायकों पर एक मंत्री पद का फार्मूला लागू हो सकता है। इस लिहाज से जदयू की ओर से 14 मंत्री बनेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे। वहीं भाजपा कोटे से भी 16 विधायक मंत्री बन सकते हैं, जिनमें दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। भाजपा कोटे से डा.प्रेम कुमार विधानसभा अध्यक्श हो सकते हैं। लोजपा(रा) से तीन मंत्री बन सकते हैं। इसके अलावा हम और रालोमो से एक-एक विधायक मंत्री बन सकता है। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में 5 मंत्रीपद खाली रखा जा सकता है और आगे आने वाले समय में उसको भरा जा सकता है।दरअसल बिहार में नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह के लिए मेहमानों की खातिरदारी की तैयारी भी चरम पर है. होटल मौर्या ने वीवीआईपी अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नेताओं और विशिष्ट मेहमानों के लिए होटल में हाईटी से लेकर भव्य डिनर तक की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है.
हाई-टी से लेकर मेनकोर्स तक, मेन्यू में दिखेगी विविधता
होटल प्रबंधन के अनुसार, सभी मेहमानों के लिए पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा. इस मेन्यू में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए हैं, ताकि हर अतिथि को अपने राज्य के स्वाद की अनुभूति हो सके। साथ ही बिहार की पहचान बने व्यंजन भी मेन्यू में प्रमुखता से जगह पाएंगे. होटल मौर्या के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बीडी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री से लेकर सभी मुख्यमंत्रियों तक, सभी मेहमानों के लिए सुरक्षा, सुविधा और गुणवत्ता के विशेष मानक तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि “हमारी टीम दिन-रात तैयारी में लगी है। खाना, हॉल, सर्विंग और स्टाफ- सब कुछ वीवीआईपी प्रोटोकॉल के हिसाब से तैयार किया गया है.”
बिहार के स्वाद का रहेगा खास आकर्षण
भोजन में बिहार के कई प्रामाणिक व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं, जिनमें-लिट्टी-चोखा,मखाने की खीर,मक्के की रोटी सरसों का सागये व्यंजन न सिर्फ बिहार की पारंपरिक पहचान हैं, बल्कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं. होटल प्रबंधन का कहना है कि बिहार के स्वाद को राष्ट्रीय नेताओं के सामने पेश करना गर्व का विषय है.
राज्यों के मशहूर व्यंजन भी मेन्यू में
मुख्यमंत्रियों और अन्य राज्यों से आने वाले डेलिगेशन के लिए उनके राज्यों के मशहूर व्यंजन भी मेन्यू का हिस्सा होंगे. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर अतिथि को अपनी पसंद और संस्कृति के अनुसार बेहतरीन भोजन मिले.
फूड पैकेट की भी विशेष व्यवस्था
सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि मेहमानों के लिए अलग से विशेष फूड पैकेट भी तैयार किए जा रहे हैं. ये पैक्ड मील उनके कार्यक्रमों, यात्राओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा रहे हैं. इसमें हल्का, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन शामिल होगा।
सभी मुख्यमंत्री करेंगे होटल मौर्या में भोजन
मौर्या होटल इस समय राजनीतिक मेहमानों का सबसे प्रमुख ठिकाना बना हुआ है. सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी इसी होटल में भोजन करेंगे. सुरक्षा एजेंसियों और होटल प्रबंधन ने संयुक्त रूप से व्यवस्था की है, जिससे किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो. पटना में शपथ ग्रहण समारोह की गहमागहमी के बीच होटल मौर्या का यह भव्य प्रबंधन चर्चा में है. बिहार का आतिथ्य और स्वाद इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराने को तैयार है.









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