अशोक झा/ कोलकाता: भारत के चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा संबंधी बढ़ती चिंताओं को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर को विशेष पत्र भेजा है। आयोग का कहना है कि 24 नवंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय में एक गंभीर सुरक्षा चूक हुई। जिसकी जानकारी मीडिया में भी व्यापक रूप से सामने आई. आयोग के अनुसार, उस समय कार्यालय में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था इस तरह की स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थी।इस घटना ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त CEO, संयुक्त CEO, उप CEO सहित कार्यालय में कार्यरत अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा को संभावित खतरे में डाल दिया. जिसे लेकर आयोग ने गंभीर आपत्ति जताई है।CEO के अधिकारियों और कर्मचारियों कराई जाए सुरक्षा व्यवस्था मुहैया: चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुलिस तत्काल प्रभाव से CEO कार्यालय में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. इसके साथ ही उनके आवासों पर और कार्यालय आने-जाने के दौरान भी पूरी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए. आयोग ने यह भी कहा है कि इस तरह की घटना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए चिंता का विषय है और सुरक्षा में इस प्रकार की कमी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है. इसलिए, राज्य पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह सुरक्षा चूक के हर पहलू की जांच करते हुए ठोस कदम उठाए।आयोग के पत्र में कहा गया, जानकारी में आया है कि 24 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय की सुरक्षा तोड़ी गई। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त, अडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, जॉइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और डिप्टी चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया गया है।चुनाव आयोग ने पत्र में लिखा- “ECI के ध्यान में आया है कि 24 नवंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के ऑफिस में एक गंभीर सिक्योरिटी ब्रीच हुआ है, जिसकी मीडिया में भी खूब रिपोर्टिंग हुई है। CEO के ऑफिस में मौजूदा सिक्योरिटी इस स्थिति को संभालने के लिए काफी नहीं लग रही थी, जिससे चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, एडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, जॉइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, डिप्टी चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के ऑफिस में काम करने वाले दूसरे ऑफिसर और स्टाफ की सेफ्टी और सिक्योरिटी को खतरा हो सकता था।कोलकाता पुलिस को 48 घंटे के रिपोर्ट भेजने का आदेश
आयोग ने आगे निर्देश जारी करते हुए कहा है कि SIR गतिविधियों और राज्य में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा की संवेदनशीलता में वृद्धि होना स्वाभाविक है. इसलिए उचित सुरक्षा वर्गीकरण तय किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी कोई भी घटना दोबारा न हो।चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर से 48 घंटे के भीतर विस्तृत एक्शन रिपोर्ट भेजने को भी कहा है। आयोग ने यह भी दोहराया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं व चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े अधिकारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ताकि चुनावी कार्य बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकें










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