अशोक झा/ कोलकाता: चुनाव आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के दफ्तर के सामने एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। आज जब राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल CEO दफ्तर में बैठक के लिए पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के एक समूह ने जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।बीजेपी का आरोप है कि ये प्रदर्शनकारी ‘टीएमसी समर्थक’ हैं।
शुभेंदु अधिकारी को घेरा गया: हालांकि बीजेपी विधायकों का आने का कार्यक्रम पहले से घोषित था, लेकिन देखा गया कि उनके पहुंचने से पहले ही ‘BLO अधिकार मंच’ के बैनर तले प्रदर्शनकारी CEO दफ्तर के सामने जमा हो गए और ज्ञापन सौंपने आए। जैसे ही शुभेंदु अधिकारी और अग्निमित्रा पॉल चुनाव आयोग के अंदर प्रवेश करने के लिए आगे बढ़े, तो आक्रोशित BLOs ने उन्हें घेर लिया और जोरदार नारे लगाने लगे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड लगाए, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़कर भी विरोध प्रदर्शन करते रहे। जवाब में, बीजेपी विधायकों ने भी पलटवार करते हुए नारे लगाना शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें: प्रदर्शनकारी BLOs की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:
समय सीमा बढ़ाना: उन्होंने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के काम की समय सीमा कम से कम दो महीने बढ़ाने की मांग की। एक शिक्षिका ने कहा, “२ साल का काम इस तरह २ महीने में खत्म करना संभव नहीं है।”मुआवजा: एक प्रदर्शनकारी BLO ने कहा, “जिन लोगों की जान चली गई है, उनके परिवारों का क्या होगा, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।”
अव्यवस्थित काम: एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने सवाल उठाया, “इस तरह स्कूलों से शिक्षकों को हटाकर जो काम किया जा रहा है, उससे स्कूल कैसे चलेंगे? कोई योजना बनाए बिना काम हो रहा है।”इसके अलावा, एक शिक्षिका ने सीधे आरोप लगाया कि, “बीजेपी चुनाव आयोग को हथियार बनाकर जो अत्याचार कर रही है, हम उसके विरोध में शामिल हुए हैं।”
फिलहाल CEO दफ्तर के बाहर प्रदर्शनकारी BLOs का विरोध जारी है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) तैनात है। शुभेंदु अधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के साथ बैठक कर रहे हैं। CEO दफ्तर के सामने की सड़क अवरुद्ध है।









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