उप्र बस्ती जिले में बिजली विभाग में 125 संविदा कर्मियों की अचानक छटनी के विरोध में मंगलवार को विद्युत वितरण जोन मुख्य अभियंता कार्यालय का संविदा कर्मचारियों ने घेराव किया। कर्मियों का आरोप है कि जिले के विभिन्न 33 केवी उपकेंद्रों पर कार्यरत 125 संविदा कर्मियों को बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा से बाहर कर दिया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक राजेंद्र चौधरी और कप्तानगंज विधायक अतुल चौधरी भी धरना स्थल पर पहुंचे। दोनों ने मुख्य अभियंता वीके. गुप्ता से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। मुख्य अभियंता ने बताया कि उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन द्वारा कुशल व अकुशल कर्मियों की संख्या तय की गई है और इसी मानक के अनुसार कर्मियों को रखा जा रहा है। मैनपावर उपलब्ध कराने वाली कंपनी को मानक से अधिक कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्देश मिला है। यह निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं लिया गया। जिले में मैनपावर सप्लाई का टेंडर 30 नवंबर को समाप्त हुआ था। जिले में कुल 600 से अधिक संविदा कर्मी कार्यरत थे, जिनमें से 125 कर्मियों को हटाया गया। उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष रामसकल मौर्या ने कहा कि किसी भी कर्मी को सेवा समाप्ति की नोटिस नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि 4 दिसंबर को पोर्टल से नाम हटा दिए गए हैं, जबकि संविदा कर्मी अभी भी अपने उपकेंद्रों पर कार्यरत हैं, जिससे जिले में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस मौके पर पियूष कुमार श्रीवास्तव, साहब राम, इंद्रदेव, आशीष कुमार, मोहम्मद अली, अरविंद कुमार, आकाश विश्वकर्मा, विशेष कुमार, मुकेश कुमार, रामधारी, संदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मी शामिल रहे।








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