गोरखपुर। फर्जी आईएएस बनकर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट, नौकरी व शादी के नाम पर ठगी का जाल बिछाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश। पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना गुलरिहा पुलिस ने क्राइम ब्रांच, एसओजी, सर्विलांस व साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई से मुख्य आरोपी ललित किशोर (उर्फ गौरव कुमार), अभिषेक कुमार व परमानंद गुप्ता को गिरफ्तार किया।यह गिरोह यूपी, बिहार, झारखंड व मध्य प्रदेश में सक्रिय था। अब तक 40 से ज्यादा पीड़ित, ठगी का आंकड़ा 2 करोड़ पार। मुख्य आरोपी ललित (सीतामढ़ी, बिहार) ने एआई से फर्जी टेंडर, आईडी व दस्तावेज बनवाए। अभिषेक (रामनगरा, सीतामढ़ी) दस्तावेज तैयार करता, परमानंद (लच्छीपुर, गोरखपुर) एआई पेपर बनाता। रौब जमाने को 8 निजी गनर, सफेद कार पर तिरंगा झंडा व फर्जी आईएएस पट्टा इस्तेमाल। ठगी नकद, ज्वेलरी व ऑनलाइन भुगतान से।चुनावी कनेक्शन 7 नवंबर को जीआरपी ने वैशाली एक्सप्रेस से मुकुंद माधव के बैग में 99.9 लाख बरामद किए नौकरी रिश्वत के नाम पर। जांच में ललित से जुड़ाव साबित। गुलरिहा में ठेकेदार की शिकायत पर तहरीर मिली, फर्जी कॉन्ट्रैक्ट एआई से बना निकला। बरामद सामान में 4.15 लाख नकद, ज्वेलरी (झुमके, अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र, पायल), लैपटॉप, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, फर्जी नेम प्लेट, आईडी, पट्टे, फाइलें, चेकबुक व पासबुक।प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उ0नि0 राजमंगल सिंह, एसओजी उ0नि0 छोटेलाल राय, सर्विलांस उ0नि0 उपेंद्र सिंह व साइबर टीम ने कार्रवाई की। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह मौजूद। पुलिस बिहार-झारखंड-एमपी पुलिस से समन्वय कर अन्य सदस्य ढूंढ रही औरआगे गिरफ्तारियां तय।








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