Close Menu
Roaming ExpressRoaming Express
    Latest News

    बंगाल हर दिन बढ़ता जा रहा राष्ट्रपति शासन की ओर

    January 12, 2026

    बंगाल के बाघाजतिन रेलवे स्टेशन पर लगी आग, ट्रेन सेवाएं रही प्रभावित

    January 12, 2026

    ईडी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, टीएमसी पर न्यायिक कार्यवाही को बाधित करने और उसे “हाईजैक” करने की कोशिश का आरोप

    January 12, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, January 12
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Roaming ExpressRoaming Express
    • होम
    • बस्ती
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • जॉब-करियर
    • धर्म एवं आस्था
    • संपादकीय
    Home » SIR : बिहार से बंगाल में ज्यादा काटे गए नाम

    SIR : बिहार से बंगाल में ज्यादा काटे गए नाम

    Roaming ExpressBy Roaming ExpressDecember 14, 2025 बंगाल

     

    – जांच में जिस प्रकार मिल रही गड़बड़ी उससे उठ रहे कई सवाल
    भाजपा चाहती ही निष्पक्ष हो एक एक मतदाताओं की जांच

    अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जब चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का काम शुरू किया था तो राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धमकी दी थी कि यह बंगाल है बिहार नहीं। राज्य में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के पहले चरण के आंकड़े सामने आ गए हैं। इसके अनुसार राज्य में 58 लाख से अधिक वोटर्स के नाम काटे गए हैं। खुद ममता बनर्जी की अपनी सीट भवानीपुर में 44 हजार नाम डिलीट किए गए हैं। बिहार में SIR की प्रक्रिया के मतदाता सूची से कुल 47 लाख नाम डिलीट किए गए थे। ममता बनर्जी जब बार-बार यह कह रही हैं कि यह बंगाल है बिहार नहीं। तब डिलीट हुए नामों का आंकड़ा बिहार से काफी ज्यादा है। अभी इस आंकड़े में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। चुनाव आयोग का दावा है कि पश्चिम बंगाल में नाम हटाने से पहले 31.39 लाख से अधिक मतदाताओं से फेस टू फेस सुनवाई भी गई। टॉप-5 विधानसभा क्षेत्र: जहां सबसे ज्यादा कम हुए वोटचौरंगी 74,553 तृणमूल कांग्रेस नयना बंधोपाध्याय बालीगंज 65,171 तृणमूल कांग्रेस बाबुल सुप्रियो, कोलकाता पोर्ट 63,730 तृणमूल कांग्रेस फिरहाद हकीम, भवानीपुर 44,787 तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी,श्यामपुर 42,303 तृणमूल कांग्रेस कालीदास मंडल है।7.6 फीसदी वोटर हुए कम
    चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत 58 लाख नाम काटे हैं। यह बंगाल के कुल मतदताओं का 7.6 फीसद है। बंगाल में एसआईआर के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का 16 दिसंबर को जारी होगी। बंगाल में 7.66 करोड़ कुल मतदाता हैं। ऐसा सामने आया है कि बांग्लादेश से लगी सीमा वाले जिलों में काफी बड़ी तादाद में वोट कम हुए हैं। पश्चिम बंगाल की अगर मोटे तौर पर तुलना करें तो दोनों राज्यों की विधानसभा सीटों में काफी बड़ा अंतर है। बिहार में विधानसभा की कुल सीटें की संख्या 243 और बंगाल में 294 सीटें हैं। लोकसभा सीटों में बिहार के पास 40 और बंगाल के पास 42 हैं। राज्य की विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 विधायकों का है। बंगाल में बिहार की तुलना में 11 लाख अधिक वोट कम हुए हैं।नाम काटने के पीछे के कारण: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि हटाए गए नामों को मौत, स्थान परिवर्तन, पता न मिलना और डुप्लीकेट एंट्री जैसी मानक श्रेणियों में रखा गया है और पूरी प्रक्रिया में राज्यभर में समान मानदंड अपनाए गए। चुनाव आयोग मंगलवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा, जिसके बाद आपत्तियों और दावों की प्रक्रिया शुरू होगी। इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कृषाणु मित्रा ने कहा कि पार्टी डेटा की गहन समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि यदि मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्टेटवाइड इलेक्टोरल रिवीजन यानी SIR के दौरान सामने आए आंकड़ों ने चौंकाने वाली गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है।चुनाव आयोग की शुरुआती जांच में 1.67 करोड़ से भी ज्यादा मतदाताओं के नाम, उम्र और पारिवारिक जानकारी से जुड़े रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। करीब 13.5 लाख वोटर्स के मामले में माता और पिता का एक ही नाम दर्ज है। इसके साथ ही उम्र से जुड़ी कई अजीब गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। इस खुलासे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है।
    15 से कम उम्र में बन गए पिता: चुनाव आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में 85 लाख वोटर्स के रिकॉर्ड में पिता के नाम को लेकर बड़ी गड़बड़ी मिली है। रिकॉर्ड में 11 लाख 95 हजार 230 ऐसे मतदाता मिले हैं जिनके पिता की उम्र हैरान 15 साल से भी कम है।चुनाव आयोग के जांच में यह भी पता चला है कि 24.21 लाख वोटर्स ऐसे हैं जिनके 6 बच्चे हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि रिकार्ड में 3 लाख 29 हजार 152 ऐसे वोटर्स हैं जो मात्र 40 साल या उससे भी कम उम्र में ही दादा बन गए हैं।
    एक ही नाम कहीं माता तो कहीं पिता: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि कई मामलों में एक ही नाम अलग-अलग मतदाताओं के रिकॉर्ड में माता और पिता दोनों के रूप में दर्ज पाया गया है। कहीं वही व्यक्ति किसी वोटर्स का पिता बताया गया है तो किसी दूसरे वोटर के दस्तावेजों में उसे माता के रूप में दर्ज किया गया है. इस तरह की गंभीर कमियां मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं।
    बीजेपी ने ममता सरकार पर बोला हमला: इस खुलासे के बाद विपक्ष ने ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी के प्रवक्ता देवजीत सरकार ने हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि यह पूरी व्यवस्था फर्जीवाड़े से भरी हुई है। देवजीत सरकार ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों के पीछे गहरी चाल है. इस पर चुनाव आयोग को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कैसे संभव हो सकता है कि इतने सारे वोटर्स के पिता और माता का नाम एक ही हो. साथ ही बीजेपी के प्रवक्ता ने दावा किया कि कम उम्र में पिता बनने जैसे रिकॉर्ड फर्जी वोटर्स की तरफ इशारा करते हैं।विस्तृत सूची से पता चलता है कि चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, 85 लाख मतदाताओं ने गणना फॉर्म भरते समय अपने पिता का नाम गलत दिया है। हालांकि, चुनाव आयोग के अधिकारी भी मानते हैं कि इन सभी में गलती नहीं हो सकती। चुनाव आयोग का अपना एसआईआर 2002 डेटाबेस स्पेलिंग त्रुटियों, टाइपो और अंग्रेजी और बंगाली में आंशिक रूप से लिखे गए नामों से भरा हुआ है। कुछ त्रुटियां अनुवाद के कारण भी हो सकती हैं, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा।
    चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, 13.4 लाख बंगाल मतदाताओं ने अपना लिंग गलत दर्ज किया है। हालांकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि यह फॉर्म में गलत चयन के कारण हो सकता है। एक चुनाव आयोग अधिकारी ने उल्लेख किया कि पुन: सत्यापन के बाद, बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) यह सुनिश्चित करेंगे कि क्या मतदाताओं द्वारा वास्तव में गलत प्रविष्टि की गई थी। इन सभी को 16 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली मसौदा सूची में दर्ज करने से पहले फिर से सत्यापित किया जा रहा है।
    इसी तरह, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पाया कि एक व्यक्ति के साथ कम से कम छह मतदाताओं द्वारा वंश मैपिंग की गई है, और इनकी संख्या 24.2 लाख है। इन मामलों की जांच की जा रही है।
    बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि एक ही माता-पिता या दादा-दादी के साथ छह मतदाताओं द्वारा वंश मैपिंग के वास्तविक मामले हो सकते हैं, लेकिन यह जांचा जा रहा है कि क्या नकली मतदाता वंश मैपिंग का उपयोग करके प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
    दो प्रकार की मैपिंग है : एक स्वयं की मैपिंग के माध्यम से यदि मतदाता का नाम 2002 की सूची में मौजूद था, या वंश मैपिंग के माध्यम से यदि मतदाता का नाम 2002 में अनुपस्थित था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी 2002 में मतदाता थे। फिर से, चुनाव आयोग उन मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो 45 वर्ष से अधिक उम्र के हैं लेकिन जिनके नाम 2002 एसआईआर सूची में नहीं थे।
    विशेष रोल पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने समझाया कि आदर्श रूप से, यदि कोई 2002 में 22 वर्ष का था, तो वह मतदाता रहा होगा, और उनका नाम 2002 एसआईआर में मौजूद होना चाहिए था। अब, 23 साल बाद, वे 45 वर्ष के हैं। इसलिए वे मतदाता जो 45 वर्ष से अधिक उम्र के हैं लेकिन जिनके नाम एसआईआर 2002 में नहीं हैं, उनकी भी जांच की जाएगी। अब तक, चुनाव आयोग को 20.7 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं जिनके नाम 2002 एसआईआर में नहीं थे। वे उस समय 18 वर्ष से अधिक उम्र के थे, और वे बंगाल के कुल मतदाताओं का लगभग 2.7 प्रतिशत हैं। इसके अलावा, चुनाव आयोग मतदाताओं और उनके माता-पिता के बीच उम्र के अंतर पर भी नजर रख रहा है, और यदि यह 50 वर्ष से अधिक है, तो इन सभी मामलों की जांच की जाएगी।

    Post Views: 70

    Related Posts

    बंगाल हर दिन बढ़ता जा रहा राष्ट्रपति शासन की ओर

    January 12, 2026By Roaming Express

    बंगाल के बाघाजतिन रेलवे स्टेशन पर लगी आग, ट्रेन सेवाएं रही प्रभावित

    January 12, 2026By Roaming Express

    ईडी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, टीएमसी पर न्यायिक कार्यवाही को बाधित करने और उसे “हाईजैक” करने की कोशिश का आरोप

    January 12, 2026By Roaming Express

    शुभेंदु अधिकारी पर हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, बंगाल में लोकतंत्र की हत्या करवा रही है मुख्यमंत्री

    January 11, 2026By Roaming Express

    मोदी के संसदीय क्षेत्र में आठ फरवरी को बड़ी रैली करने को जगह तलाश रही कांग्रेस

    January 10, 2026By Roaming Express

    बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला, थाना में जमीन पर बैठ धरना दे रहे विरोधी दल नेता

    January 10, 2026By Roaming Express
    आज का मौषम
    मौसम
    Top Posts

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025

    यूपी: प्रदेश में मौसम ने ली करवट, 11 सितंबर तक धूप और उमस करेगी परेशान, कई नदियां बाढ़ से उफान पर

    September 7, 2025
    Don't Miss

    बंगाल हर दिन बढ़ता जा रहा राष्ट्रपति शासन की ओर

    January 12, 2026

    अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का समय ज्यों-ज्यों करीब आ रहा है,…

    बंगाल के बाघाजतिन रेलवे स्टेशन पर लगी आग, ट्रेन सेवाएं रही प्रभावित

    January 12, 2026

    ईडी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, टीएमसी पर न्यायिक कार्यवाही को बाधित करने और उसे “हाईजैक” करने की कोशिश का आरोप

    January 12, 2026

    शुभेंदु अधिकारी पर हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, बंगाल में लोकतंत्र की हत्या करवा रही है मुख्यमंत्री

    January 11, 2026
    LATEST NEWS

    बंगाल हर दिन बढ़ता जा रहा राष्ट्रपति शासन की ओर

    January 12, 2026

    बंगाल के बाघाजतिन रेलवे स्टेशन पर लगी आग, ट्रेन सेवाएं रही प्रभावित

    January 12, 2026

    ईडी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, टीएमसी पर न्यायिक कार्यवाही को बाधित करने और उसे “हाईजैक” करने की कोशिश का आरोप

    January 12, 2026
    LANGUAGE
    OUR VISITORS
    1508528
    Hits Today : 3044
    Who's Online : 14
    CONTACT US

    CHIEF EDITOR
    Ramesh Mishra

    ADDRESS
    Shiv Nagar, Turkahiya, Gandhi Nagar, Basti, Uttar Pradesh – 272001

    MOBILE NO.
    +91 7985035292

    EMAIL roamingexpressbst@gmail.com

    WEBSITE
     www.roamingexpress.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.