– बंगाल बिहार नेपाल और असम से आएंगे मां के भक्त सपरिवार
अशोक झा/सिलीगुड़ी: डालमिया परिवार की कुलदेवी नानू सती का सप्तम महोत्सव आज रविवार को मंगलपाठ, भव्य दरबार, भव्य झांकी, नृत्य नाटिका, भजन संध्या और छप्पन भोग के साथ रविवार 21 दिसंबर को संपन्न होगा। इसकी तैयारी जोरशोर से की जा रही है। डालमिया परिवार की ओर से सीताराम डालमिया ने बताया कि रविवार का दिन जीवन में उत्सव का दिन होगा। क्योंकि मेरी माँ नानू सती माता,मेरी माँ सुहासड़ा वाली है। ढोलक में लाल छुपाकर माँ,डोमिनी ने की रखवाली है।
माँ तेरी शरण में आकर के,मेरे जीवन को आधार मिला।
इक माँ मिलती बड़ी मुश्किल से,हमे दो दो माँ का प्यार मिला।।
राजस्थान के लोहारू जिला के सुहांसरा में नानू सती दादी जी का भव्य मंदिर है। इनकी स्वच्छ व सच्चे मन से पूजा करने पर मनोवांछित फल मिलता है। बताते हैं कि द्वापर युग में अज्ञात वास के दौरान पांडव राजा विराट के राज में छिपे थे। दुर्योधन ने अपनी सेना के साथ उस राज पर आक्रमण कर दिया। गौशाला के प्रमुख रक्षक रत्न सिंह गायों की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी गर्भवती पत्नी पद्मावती पति के साथ सती होने की ठान ली। भगवान कृष्ण की प्रेरणा पर द्रौपदी ने उन्हें सती होने से रोक लिया और कहा कि कलियुग में तुम्हारी पूजा होगी। वहीं पद्मावती अग्नि रथ पर सवार होकर नानू सती के नाम से प्रसिद्ध हुई। मुंबई के कथावाचक ऋषि शर्मा उपस्थित रहेंगे।







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