उप्र बस्ती जिले में भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. लौटनराम निषाद ने 86 में 56 यादव एसडीएम के दुष्प्रचार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस समाजवादी पार्टी (सपा) को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2011 में यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की संयुक्त राज्य/अधीनस्थ सेवा परीक्षा में कुल 30 पदों पर केवल 5 यादव एसडीएम चयनित हुए। 2012 में 32 पदों में 4 और 2013 में 48 पदों में 6 यादव एसडीएम चयनित हुए। 1951 से 2017 तक कभी भी 86 पदों की भर्ती नहीं हुई, इसलिए “86 में 56 यादव एसडीएम” का आरोप पूरी तरह झूठा है।
निषाद ने कहा कि भाजपा और आरएसएस समर्थित मीडिया ने अलग-अलग वर्षों के आंकड़ों को मिलाकर एक ही वर्ष का बता कर भ्रामक प्रचार फैलाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि दो विधानसभा सत्रों में अतिपिछड़ी जातियों को गुमराह करने के लिए “86 में 56 यादव एसडीएम” का झूठा नरेटिव फैलाया गया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इस झूठी सूची सार्वजनिक कर देंगे, तो वे शौचालय और नाली साफ करने को भी तैयार हैं।
निषाद ने यह भी कहा कि यूपीपीएससी के अध्यक्ष अनिल यादव द्वारा लागू त्रिस्तरीय आरक्षण से प्रशासनिक भर्तियों में संतुलन स्थापित हुआ था, लेकिन इसे चुनौती देने के लिए झूठा आंकड़ा प्रचारित किया गया। उनका मानना है कि बहुजन समाज के मुद्दों और आवाज़ को मीडिया में लगातार नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि जातिवादी और भ्रामक नरेटिव से बहुजन समाज भ्रमित हो रहा है, और इसका मुकाबला केवल अपने मीडिया प्लेटफॉर्म और प्रकाशनों के माध्यम से ही संभव है।










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