उप्र बस्ती जिले में नगर पालिका परिषद बस्ती के मुख्य बाजार गांधी नगर में अतिक्रमण हटाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अधिशासी अधिकारी (ईओ) जब पटरी पर लगे ठेलों और अवैध कब्जों को हटाने पहुंचे, तो पटरी व्यापारियों ने जमकर विरोध किया। दुकानदारों ने ठेले पटरी पर लगाकर कमाई की राह में बाधा डाली, जिससे आम नागरिकों के लिए पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है। बाजार में नाली के ऊपर पक्के निर्माण कर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे जलभराव और यातायात की समस्या बढ़ गई है।विरोध के दौरान दुकानदारों ने राजनीतिक दबाव बनाकर अधिकारी को बिना अतिक्रमण हटाए वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि कुछ नेता और स्वार्थी तत्व बाजार को नुकसान पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं। कई दुकानदार अपनी दुकानों को सरकारी जमीन पर बढ़ा चुके हैं, जिससे पैदल मार्ग संकरी हो गई हैं।पिछले सालों में भी कारोबारियों ने ईओ को ज्ञापन देकर पटरी से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। मई 2025 में ईओ अंगद गुप्ता के नेतृत्व में जेसीबी से गांधी नगर में अतिक्रमण हटाया गया था, मलबा ट्रैक्टर-ट्रॉली से उठवाया गया और नोटिस जारी किए गए। प्रशासन का दावा है कि पटरी और नाले पूरी तरह खाली रहेंगे, लेकिन विरोध और दबाव के कारण कार्रवाई अक्सर अधर में लटक जाती है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार सख्ती बरत पाएगा या राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे फिर झुक जाएगा? आम जनता को सुगम पैदल मार्ग, स्वच्छ बाजार और बेहतर यातायात मिले, इसके लिए प्रभावी और निरंतर कार्रवाई जरूरी है। यदि स्वार्थ हावी रहा, तो गांधी नगर का मुख्य बाजार अपनी चमक और पहचान धीरे-धीरे खो सकता है।









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